Delhi Police: स्वतंत्रता दिवस समारोह-2026 से पहले विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों (एलईए) के बीच सहयोग व समन्वय को मजबूत करने और घटना मुक्त स्वतंत्रता दिवस समारोह सुनिश्चित करने के लिए बुधवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय में एक अंतरराज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई.बैठक में संगठित अपराध के खिलाफ समन्वित कार्रवाई के लिए कार्य योजना और रणनीति तैयार की गई. साथ ही आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच निर्बाध समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया.
अनधिकृत घुसपैठ को रोकने की बनी रणनीति
वरिष्ठ अधिकारियों ने खुफिया जानकारी साझा की और आतंकवाद विरोधी उपायों पर चर्चा की, जिनमें सीमा सुरक्षा, संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और अन्य निवारक उपाय शामिल थे. खुले क्षेत्रों में पैराग्लाइडर, ड्रोन और अन्य उड़ने वाली वस्तुओं की आवाजाही से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा हुई. संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की आवाजाही से संबंधित चेतावनी सूचना को समय पर साझा करने पर जोर दिया गया. बैठक में सोशल मीडिया की निगरानी, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोहों, अवैध आग्नेयास्त्रों और नशीले पदार्थों की आपूर्ति से संबंधित घटनाओं पर भी ध्यान केंद्रित किया गया. स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान यातायात प्रतिबंधों और अंतरराज्यीय सीमाओं पर अनधिकृत घुसपैठ को रोकने के उपायों की समीक्षा की गई और योजना बनाई गई. भाग लेने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों से इन उपायों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण सहयोग और घनिष्ठ समन्वय बनाए रखने का अनुरोध किया गया. अग्रिम सूचना समय पर साझा करने पर जोर दिया गया.

सोशल मीडिया की निगरानी पर जोर
बैठक में सोशल मीडिया की निगरानी, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोहों, अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की आपूर्ति से संबंधित घटनाओं पर भी ध्यान केंद्रित किया गया. स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान यातायात प्रतिबंधों और अंतरराज्यीय सीमाओं पर अनधिकृत घुसपैठ को रोकने के उपायों की समीक्षा की गई और योजना बनाई गई. भाग लेने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों से इन उपायों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण सहयोग और घनिष्ठ समन्वय बनाए रखने का अनुरोध किया गया. दिल्ली पुलिस आयुक्त ने पिछले वर्षों में सभी सहभागी एजेंसियों से प्राप्त सहयोग और समन्वय की सराहना की और विश्वास व्यक्त किया कि इस वर्ष भी उसी स्तर की प्रतिबद्धता बनी रहेगी. उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में जमीनी स्तर के समन्वय, सोशल मीडिया की निरंतर निगरानी और संभावित खतरों से संबंधित खुफिया जानकारी पर त्वरित कार्रवाई के महत्व पर जोर दिया.
इन राज्यों के अफसर रहे मौजूद
उन्होंने क्षेत्र में सक्रिय आपराधिक गिरोहों, विशेष रूप से विदेशों से संचालित होने वाले गिरोहों के खिलाफ लक्षित और निरंतर कार्रवाई की आवश्यकता पर भी बल दिया. मादक पदार्थों की तस्करी और हथियारों की अवैध आपूर्ति में उभरते रुझानों से निपटने पर विशेष जोर दिया गया. आयुक्त ने एक संयुक्त योजना बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया. दिल्ली के पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई. इसमें हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड, बिहार, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ (केंद्र शासित प्रदेश) के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ केंद्रीय खुफिया और प्रवर्तन एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे. विशेष पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था, विशेष प्रकोष्ठ, यातायात, सुरक्षा प्रभाग, अपराध, परिवहन और खुफिया), संयुक्त पुलिस आयुक्त (रेंज, सुरक्षा, यातायात, आईएफएसओ, अपराध और खुफिया) और जिला, सुरक्षा, अपराध, आईजीआई हवाई अड्डे, रेलवे और मेट्रो के उपायुक्त भी बैठक में शामिल हुए.
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