MP FIR: यूपी के संत कबीर नगर के सपा सांसद के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज होने से कार्यकर्ताओं में उबाल आ गया है. केस दर्ज होने से संत कबीर नगर में सियासत गरमा गई है. कार्यकर्ताओं ने झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है. अधिकारियों ने बताया कि मारपीट, जाति-आधारित गाली-गलौज और आपराधिक धमकी के आरोपों के बाद समाजवादी पार्टी के सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद के खिलाफ SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.
गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुआ था विवाद
वहीं, सांसद की शिकायत पर उनकी गाड़ी को नुकसान पहुंचाने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ एक और FIR दर्ज की गई. यह घटना शुक्रवार शाम बखिरा थाना क्षेत्र के अमरडोभा क्रॉसिंग के पास हुई, जब गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान बज रहे DJ को पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद विवाद हो गया. इस हंगामे के बीच सांसद की गाड़ी फंस गई और पथराव के कारण उसकी खिड़की को नुकसान पहुंचा. निषाद ने शुक्रवार देर रात अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया कि जुलूस के दौरान उनकी गाड़ी को नुकसान पहुंचाया गया. शनिवार को पुलिस ने बखिरा थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 191(2), 110, 324(4) और 125 के तहत FIR दर्ज की.
सांसद पर जान से मारने का आरोप
शनिवार को निषाद की शिकायत पर दर्ज FIR में बखिरा पुलिस ने BNS की धारा 191(2) (घातक हथियार से लैस होकर दंगा करना), धारा 110 (गैर-इरादतन हत्या का प्रयास), धारा 324(4) (विशेष नुकसान या हानि पहुंचाने वाला गंभीर शरारती कृत्य) और धारा 125 (चोट या गंभीर चोट पहुंचाकर जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्य) लगाईं. एक जवाबी शिकायत में बखिरा थाना क्षेत्र के निवासी विशाल कुमार ने आरोप लगाया कि DJ को रोके जाने के बाद अफरातफरी मच गई. उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद अपनी गाड़ी से मौके पर पहुंचे और गाड़ी की टक्कर से वे गिर गए और घायल हो गए. कुमार ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने विरोध किया तो सांसद निषाद, जिला पंचायत सदस्य विश्वकेतु यादव और उनके समर्थकों ने जाति-सूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें गाली और जान से मारने की धमकी दी.
जांच में जुटी पुलिस
कुमार की शिकायत पर, बखिरा पुलिस ने शनिवार को निषाद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया. इसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधान भी शामिल किए गए. निषाद ने आरोप लगाया कि पार्टी का झंडा देखकर प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और उनकी गाड़ी पर ईंट-पत्थर फेंके. उन्होंने बताया कि पुलिस के दखल देने से पहले अपनी जान बचाने के लिए वे गाड़ी से बाहर निकले और बाजार की ओर भागे. एडिशनल एसपी सुशील कुमार सिंह ने कहा कि दोनों पक्षों की शिकायतों पर FIR दर्ज की गई हैं. आगे की कार्रवाई से पहले आरोपों और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच की जाएगी.
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News Source: PTI
