Delhi News : राजधानी दिल्ली में फिल्मी अंदाज में हुई 1.5 करोड़ रुपये की लूट का दिल्ली पुलिस ने खुलासा कर दिया है. इस हाई-प्रोफाइल वारदात का मास्टरमाइंड कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि उसी कंपनी का कर्मचारी निकला, जिसने कैश लूटा थी. पुलिस ने दो नाबालिगों समेत कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार करके 1 करोड़ 1 लाख 50 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं.
कैसे हुई थी फिल्मी लूट?
10 जून को कंपनी का कर्मचारी नितिन अपने सहयोगी करण के साथ स्कूटी पर लगभग 1.5 करोड़ रुपये नकद लेकर जा रहा था. जैसे ही वे फ्लाईओवर के पास इंदरलोक इलाके में पहुंचे, बिना नंबर प्लेट की लाल पल्सर बाइक पर आए दो बदमाशों ने उन्हें रोक लिया. एक बदमाश ने पिस्टल तान दी और दोनों कैश से भरे बैग लूटकर फरार हो गए. सबसे बड़ी बात है कि इस लूट कांड का पूरा फुटेज सीसीटीवी में कैद हो गया है. 500 CCTV, 4000 KM और 8 राज्यों में पीछा करने से पहले दिल्ली पुलिस की कई टीमों ने जांच शुरू की. पुलिस ने करीब 500 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और आरोपियों का सुराग जुटाया.
जांच में सामने आया कि बदमाशों ने पीड़ित का पीछा पश्चिम विहार से ही शुरू कर दिया था. पुलिस की टीमों ने दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर तक लगभग 4000 किलोमीटर का पीछा किया. लगातार 11 दिनों तक चले ऑपरेशन के बाद पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया.
कंपनी का कर्मचारी निकला विलेन
जांच में सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब पता चला कि पीड़ित के साथ मौजूद करण ही पूरे खेल का सूत्रधार था. उसने लालच में आकर अपने साथियों को कैश की मूवमेंट, रूट और लाइव लोकेशन लगातार भेजी थी. उसी सूचना के आधार पर बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया.
पिता-पुत्र समेत पूरा गैंग गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में विकी उर्फ गंजा, धीर सिंह, वीरेश उर्फ वीरू, करण, मनप्रीत उर्फ ट्विंकल, उसके पिता चरणजीत सिंह समेत कुल 6 आरोपियों और 2 किशोरों को पकड़ लिया है. आरोपियों में से कई के खिलाफ पहले से दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं. मुख्य आरोपी विकी और धीर सिंह गिरफ्तारी से बचने के लिए कई राज्यों में छिपते रहे, लेकिन आखिरकार दिल्ली लौटते समय पुलिस के हत्थे चढ़ गए.
क्या-क्या बरामद हुआ?
- 1 करोड़ 1 लाख 50 हजार रुपये नकद
- बाइक और स्कूटी
- मोबाइल फोन
अपराध में इस्तेमाल किए इलेक्ट्रॉनिक आइटम
दिल्ली में डेढ़ करोड़ की लूट की कहानी किसी बॉलीवुड क्राइम थ्रिलर से कम नहीं… कंपनी का कर्मचारी ही निकला मास्टरमाइंड. 500 CCTV कैमरों और 8 राज्यों में 4000 किलोमीटर की तलाश के बाद दिल्ली पुलिस ने 11 दिन में पूरी गैंग को दबोच लिया. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरे गैंग में बड़ा साथी राणा अंदाज में इस पूरे वारदात को अंजाम देने के लिए प्लानिंग की थी. गैंग ने तीन पुरानी बाइक सेकंड हैंड खरीदी और फिर कौन-सा मेंबर कहां पर कौन सी बाइक और स्कूटी बदलेगा इसका निर्धारण किया. इसके बाद से इन लोन है साथिराना अंदाज में स्कूटी और बाइक बदलकर डकैती की रकम लेकर एक स्थान पर इकट्ठा हुए और बटवारा करके अलग-अलग राज्यों में चले गए. पुलिस में 500 से ज्यादा सीसीटीवी खाने के बाद से पूरे मामले का पर्दाफाश किया है.
छत्तीसगढ़ में बेरोजगारों की बल्ले-बल्लेः ग्रामीण इलाकों में खुलेंगे मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल सेंटर
