Stock Markets Fall Reason: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 15 सितंबर को सुबह की तेजी ज्यादा देर टिक नहीं पाई. दिन की शुरुआत में बाजार में खरीदारी का माहौल दिखा, लेकिन आगे बढ़ने के साथ बिकवाली हावी होती चली गई. सेंसेक्स दिन के हाई लेवल से करीब 1,400 अंक तक फिसल गया. वहीं, निफ्टी भी 23,100 के करीब आकर बंद हुआ. महंगा कच्चा तेल, बढ़ती वैश्विक बॉन्ड यील्ड, कमजोर तकनीकी संकेत और इंडिया विक्स में उछाल ने निवेशकों का मूड बिगाड़ दिया. कारोबार के अंत में सेंसेक्स 777.94 अंक यानी 1.04 फीसदी गिरकर 74,003.82 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 279.50 अंक यानी 1.19 फीसदी टूटकर 23,118.60 पर आ गया. बाजार में गिरने वाले शेयरों की संख्या चढ़ने वालों के मुकाबले काफी ज्यादा रही. करीब 1,070 शेयर बढ़त में रहे, जबकि 3,054 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई.
बैंकिंग शेयरों ने बढ़ाई टेंशन
निफ्टी 50 में बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला. श्रीराम फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस और ICICI बैंक में करीब 2 से 3.5 फीसदी तक की गिरावट आई. हालांकि, HDFC बैंक ने सेक्टर के उलट प्रदर्शन किया और शेयर करीब 1.4 फीसदी चढ़ा. HDFC बैंक के शेयर में तेजी की एक वजह बैंक की ओर से RBI को मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO पद के लिए दो नाम भेजना रही. दूसरी तरफ भारत इलेक्ट्रॉनिक्स करीब 4 फीसदी टूटकर निफ्टी 50 का सबसे कमजोर शेयर रहा.
IT ने दिया बाजार को सहारा
पूरे बाजार में गिरावट के बावजूद IT सेक्टर निवेशकों के लिए राहत की खबर लेकर आया. HCL टेक्नोलॉजीज़ करीब 5 फीसदी चढ़ा, जबकि TCS, इन्फोसिस और टेक महिंद्रा में 3 से 4 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली. सेक्टोरल इंडेक्स में भी निफ्टी IT करीब 3 फीसदी मजबूत रहा. वहीं, तीन लगातार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद निफ्टी FMCG करीब 0.4 फीसदी ऊपर बंद हुआ. हालांकि, निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स करीब 5 फीसदी टूट गया और लगातार चौथे दिन गिरावट में रहा.
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सबसे बड़ा सिरदर्द
बाजार की गिरावट की बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमत रही. मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने की आशंका के बीच कच्चा तेल 108 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार करता नजर आया. भारत दुनिया के बड़े तेल आयातकों में शामिल है, इसलिए महंगा तेल देश के लिए महंगाई और आयात बिल दोनों बढ़ा सकता है. इसके अलावा, बढ़ती तेल कीमतों से अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर भी चिंता बढ़ी है. भारत में भी अगस्त की खुदरा महंगाई में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है.
यील्ड ने भी बिगाड़ा मूड
अमेरिका की 10 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड सोमवार को 5 फीसदी के महत्वपूर्ण स्तर तक पहुंच गई, जो अक्टूबर 2023 के बाद पहली बार हुआ. अमेरिकी 10 वर्षीय यील्ड को दुनियाभर में ब्याज दरों का बड़ा संकेतक माना जाता है. इसके बढ़ने से शेयर बाजार जैसे जोखिम वाले निवेशों पर दबाव आ सकता है. इसी बीच इंडिया विक्स करीब 9 फीसदी बढ़कर 13.43 पर पहुंच गया. विक्स में तेजी आमतौर पर बाजार में बढ़ती उठापटक और शॉर्ट टर्म बिकवाली का संकेत देती है. ऐसे में फिलहाल बाजार की नजर कच्चे तेल, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड और अगले ट्रेडिंग सेशन पर रहेगी.
News Source: PTI
Stock Market से गायब हुई तेजी, IT Stocks ने संभाला मोर्चा; Sensex और निफ्टी ने दी लोगों को टेशन
