Fake IPS Officer Ahmedabad: गुजरात के अहमदाबाद से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है. यहां एक शख्स खुद को आईपीएस अधिकारी बताने लगा. इतना ही नहीं वह फर्जी आईपीएस बन पुलिसवालों पर ही रौब झाड़ने लगा. मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले में अब उसकी गिरफ्तारी हो चुकी है.
जी हां, खुद को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) का अधिकारी बताकर पुलिसकर्मियों पर रौब जमाने की कोशिश करने वाले एक 54 वर्षीय व्यक्ति को अहमदाबाद रेलवे पुलिस ने कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया. आरोपी ने कालूपुर रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और धक्का-मुक्की कर धमकी दी थी. जांच में सामने आया कि वह कोई आईपीएस अधिकारी नहीं, बल्कि झूठी पहचान के जरिए पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था.
फर्जी आईपीएस ने की पुलिसकर्मी से बहस
पुलिस के अनुसार, यह घटना 22 जून की रात कालूपुर रेलवे स्टेशन के बाहरी क्षेत्र में हुई. स्टेशन के पुनर्विकास कार्य के चलते वहां ट्रैफिक का दबाव था और पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्था संभाल रहे थे. इसी दौरान मुंबई से तेजस एक्सप्रेस के जरिए अहमदाबाद पहुंचा जॉन डेनियल टैक्सी में सवार होकर अपने घर जा रहा था. ट्रैफिक जाम से नाराज होकर उसने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी से बहस शुरू कर दी. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने पुलिसकर्मी के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने लगा.
फरार आरोपी की घर से गिरफ्तारी
आरोप है कि उसने पुलिसकर्मी को धक्का दिया, उनकी वर्दी खींची और खुद को आईपीएस अधिकारी बताते हुए सवाल किया कि उसे सैल्यूट क्यों नहीं किया गया. आरोपी ने पुलिसकर्मी को ट्रांसफर कराने की धमकी भी दी और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की. घटना के बाद वह मौके से फरार हो गया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए अहमदाबाद रेलवे पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की. रेलवे पुलिस और लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) की संयुक्त टीम ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और ह्यूमन इंटेलिजेंस के जरिए आरोपी की पहचान की. टैक्सी के रूट और अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस प्रह्लादनगर स्थित उसके घर तक पहुंची और कुछ ही घंटों में उसे गिरफ्तार कर लिया.
आरोपी किसी भी तरह से आईपीएस नहीं- डिप्टी एसपी
पश्चिम रेलवे अहमदाबाद के डिप्टी एसपी चेतन कुमार मुंधावा ने बताया कि शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हो गया कि आरोपी किसी भी तरह से आईपीएस अधिकारी नहीं है. उसने केवल पुलिसकर्मियों पर प्रभाव जमाने और दबाव बनाने के उद्देश्य से खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताया था. जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जॉन डेनियल लंबे समय तक स्टूडेंट पुलिस कैडेट (SPC) कार्यक्रम से जुड़ा रहा है. इस दौरान उसका कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से संपर्क रहा था.
पुलिस का मानना है कि पुलिस अधिकारियों से परिचय का गलत फायदा उठाकर वह खुद को प्रभावशाली दिखाने की कोशिश करता था. पुलिस के मुताबिक, आरोपी प्रह्लादनगर स्थित शालीन ओटियम सोसायटी का निवासी है. वह पहले एक फाउंडेशन से जुड़ा रहा है और वर्तमान में सेल्स एवं बिजनेस नेटवर्किंग से संबंधित कार्य करता है. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या उसने पहले भी किसी अन्य स्थान पर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को गुमराह किया है.
इन धाराओं के तहत मामला दर्ज
अहमदाबाद रेलवे पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132, 204, 296 और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड और उसकी अन्य गतिविधियों की भी जांच की जा रही है.
रेलवे पुलिस ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर ड्यूटी कर रहे सरकारी कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार, सरकारी कार्य में बाधा डालना और झूठी पहचान के जरिए कानून व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी.
