Food Safety: गुजरात में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने गांधीनगर में खाद्य एवं औषधि नियामक तंत्र के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर राज्यभर में चलाए जा रहे विशेष अभियान की जानकारी ली. इस दौरान सामने आया कि अब तक 187 रेस्टोरेंट्स में अचानक जांच की गई.
जांच के दौरान 137 रेस्टोरेंट्स में गंभीर स्तर की अस्वच्छता और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियां पाए जाने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए गए. वहीं नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 6 रेस्टोरेंट्स को सील किया गया है. इनमें राजकोट नगर निगम क्षेत्र के 2 रेस्टोरेंट, राजकोट जिले में 1 और नडियाद जिले में 3 रेस्टोरेंट शामिल हैं. इसके अलावा 40 रेस्टोरेंट्स को खामियां दूर करने के लिए इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किए गए हैं. वहीं 4 रेस्टोरेंट्स के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं.
सूरत में भी 43 होटल-रेस्टोरेंट कराए गए बंद
सूरत महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग के फूड सेफ्टी अधिकारियों और सैनिटेशन स्टाफ की संयुक्त टीमों ने शहर के सभी जोन में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया. इस दौरान 209 होटल-रेस्टोरेंट और 34 ढाबों की जांच की गई. टीमों ने किचन की साफ-सफाई, बासी खाद्य सामग्री, मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और डेयरी उत्पादों से संबंधित डिस्प्ले बोर्ड सहित कई मानकों की जांच की. कार्रवाई के दौरान 548 किलो अखाद्य खाद्य सामग्री को नष्ट किया गया. वहीं 128 होटल-रेस्टोरेंट को नोटिस जारी कर कुल 4 लाख 43 हजार 800 रुपये का प्रशासनिक जुर्माना वसूला गया. सफाई व्यवस्था में गंभीर खामियां मिलने पर 43 होटल-रेस्टोरेंट को तत्काल प्रभाव से बंद कराया गया.
फूड प्वाइजनिंग के बाद सक्रिय हुए अफसर
गुजरात सरकार ने यह कार्रवाई सूरत के वराछा इलाके में 18 अगस्त को सामने आई गंभीर फूड पॉइजनिंग की घटना के बाद और तेज की है. इस घटना में पांच साल की मासूम बच्ची की दुखद मौत हुई थी. घटना को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने पूरे राज्य में रेस्टोरेंट्स में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, किचन की स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों की सघन जांच के निर्देश दिए. सरकार और खाद्य एवं औषधि नियामक तंत्र का कहना है कि नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी. साफ संदेश है खाने की गुणवत्ता और स्वच्छता से समझौता करने वाले रेस्टोरेंट संचालकों पर अब राज्य सरकार की पैनी नजर है.
