PM Modi Speech: आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे हो गए हैं. इस खास मौके पर राजधानी के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘सेवा ज्योति’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने भावुक भाषण दिया. उन्होंने कहा “आज प्रत्येक स्वयंसेवक और कार्यकर्ताओं को आदरपूर्वक नमन करता हूं.” 25 साल के कार्यकाल को याद करते हुए पीएम मोदी ने आगे कहा कि यह दिन सिर्फ यादों का नहीं, बल्कि यह हमारे संकल्पों में नई ऊर्जा भरने का दिन है . उन्होंने 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने के अपने पक्के इरादे को दोहराते हुए नारा दिया, “वी विल डू इट (हम यह करके रहेंगे).” उनके साथ-साथ जनता भी यह नारा लगा रही थी.
लोगों और घटनाओं ने सिखाया
पीएम मोदी ने कहा, “आज जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, तो मन में सिर्फ आभार का भाव आता है. मैं उन सभी लोगों और घटनाओं का आभारी हूं जिन्होंने मुझे कुछ न कुछ सिखाया है.” उन्होंने अच्छे और मुश्किल, दोनों तरह के अनुभवों से मिली सीख के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा, “जिसने मुझे जीत दिलाई, उसने मुझे विनम्र रहना सिखाया, जिसने मुझे गिराया, उसने मुझे फिर से उठना सिखाया. शुभचिंतकों ने मेरा हौसला बढ़ाया और आलोचकों ने मुझे अपने भीतर झांकना सिखाया. जिसने मेरा साथ दिया, उसने मुझे भरोसे की ताकत दिखाई. जिसने मेरा विरोध किया, उसने मुझे लोकतंत्र की ताकत समझाई.”
#WATCH दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज का ये दिन सिर्फ यादों के लिए नहीं है ये अपने संकल्पों को नई ऊर्जा से भरने का दिन है। ये दिन वादे को दोहराने का दिन है। उस इरादे को व्यक्त करने का दिन है जो कहता है कि हम करके रहेंगे (WE WILL DO IT)…." (सोर्स-डीडी) https://t.co/OCyx9mdebF
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 7, 2026
पीएम मोदी ने उन खास घटनाओं का जिक्र किया जिनसे उन्होंने सीखा. इनमें 2001 का भुज भूकंप शामिल है जिसने उन्हें “पुनर्निर्माण के काम में डटे रहना” सिखाया. चंद्रयान मिशन जिसने उन्हें “नाकामी से उबरना” सिखाया. कोरोना महामारी जिसने उन्हें “देश की सामूहिक चेतना की अहमियत” का एहसास कराया. उन्होंने मीडिया का भी शुक्रिया अदा किया जिसने उन्हें “खट्टे-मीठे अनुभवों के बीच आगे बढ़ने” के लिए प्रेरित किया. प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सांस्कृतिक विरासत और महान विचारों से समृद्ध देश की सेवा ने उन्हें हमेशा ताकत दी है.
कभी अकेलापन महसूस नहीं हुआ
पीएम ने आगे कहा, “मुझे कभी अकेलापन महसूस नहीं हुआ. ऐसे अनगिनत स्वयंसेवक हैं जो भारत की सांस्कृतिक आत्मा के रक्षक हैं और जिनका एकमात्र मकसद है- भारत की सेवा करना. वे इसी भावना के साथ जीते हैं और हर पल खुद को याद दिलाते हैं: ‘हम सेवक हैं. हम मानवता के सेवक हैं.’ मैं उन सभी स्वयंसेवकों और कार्यकर्ताओं को सम्मानपूर्वक नमन करता हूं जो पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ देश की सेवा कर रहे हैं.” उन्होंने कहा, “वेदों से लेकर विवेकानंद तक, जिस देश ने लगातार महान विचारों को अपनाया है, जिसकी सांस्कृतिक विरासत हजारों साल पुरानी है और जिसने इंसानियत में लोगों का भरोसा फिर से जगाया है, ऐसे देश की सेवा करते हुए मुझे कभी भी अकेलापन महसूस नहीं हुआ.”
इस बात पर जोर देते हुए कि सरकार में उनके 25 साल किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं बल्कि देश की सामूहिक धरोहर हैं, प्रधानमंत्री ने कहा “देश ने मुझे बहुत कुछ दिया है. इसलिए, देश के प्रति मेरी जिम्मेदारी भी सबसे बड़ी है और मेरा पक्का विश्वास है कि देश के हर नागरिक का मुझ पर सबसे पहला हक है. जन-विश्वास के ये 25 साल, अनुभव के ये 25 साल एक बहुत बड़ी पूंजी हैं. और यह पूंजी सिर्फ मोदी की नहीं है, यह पूंजी देश की है. भारत माता की हर संतान का इस पूंजी पर हक है.”
‘सबका साथ, सबका विकास’
‘सेवा ज्योति’ कार्यक्रम में बोलते हुए, प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि जन-कल्याणकारी योजनाओं का फायदा समाज के हर वर्ग को बिना किसी भेदभाव के मिलना चाहिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार की मुख्य सोच, ‘सबका साथ, सबका विकास’ ने वोट-बैंक की राजनीति को खत्म करके सबके विकास का रास्ता अपनाया है. उन्होंने कहा कि देश में आने वाली हर समस्या हर समुदाय को प्रभावित करती है, इसलिए समाधान भी सबके लिए होने चाहिए. मेरे लिए ‘सबका साथ, सबका विकास’ अच्छे शासन (गुड गवर्नेंस) की नींव रही है. हमारे देश ने एक बड़ी त्रासदी का सामना किया है. राजनीति के लिए समाज को वोट-बैंक के आधार पर बांटा गया अगर खेतों तक पानी नहीं पहुंचता, तो नुकसान किसका होता है? क्या इससे सिर्फ एक जाति के किसान प्रभावित होते हैं? अगर बिजली नहीं है, तो क्या अंधेरा सिर्फ एक समुदाय के घरों में छाता है? इन सभी सवालों का जवाब ‘नहीं’ है. अगर समस्या सबको प्रभावित करती है, तो समाधान भी सबके लिए होना चाहिए.”
‘सैचुरेशन’ पर जोर
सरकार के प्रमुख के तौर पर लगातार 25 साल पूरे होने पर, पीएम मोदी ने अपनी सरकार के ‘सैचुरेशन’ (संतृप्ति) मॉडल की ओर बढ़ने पर जोर दिया. इसका मकसद सरकारी योजनाओं का 100% कवरेज सुनिश्चित करना है, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी छूट न जाए. उन्होंने कहा, “इसीलिए हमने अच्छे शासन को ‘सैचुरेशन’ से जोड़ा. सैचुरेशन का मतलब है यह पक्का करना कि हर लाभार्थी इसमें शामिल हो. कोई भी पात्र व्यक्ति छूटना नहीं चाहिए, कोई भी हकदार लाभार्थी पीछे नहीं रहना चाहिए और कोई भी किसी और का हक नहीं छीन सके.”
एक दशक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए
पिछले दशक में भारत की विकास यात्रा की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए, पीएम मोदी ने गरीबी में आई अभूतपूर्व कमी को देश के बदलाव का सबूत बताया. उन्होंने कहा, “जो बात कभी सोची भी नहीं जा सकती थी, वह मुमकिन हो गई है. किसने सोचा होगा कि एक दशक के भीतर 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकल सकते हैं? फिर भी भारत ने इसे कर दिखाया. इसीलिए मुझे 140 करोड़ भारतीयों की ताकत और क्षमता पर भरोसा है. 25 साल के अनुभव के बाद, मैं पूरे भरोसे के साथ कह सकता हूं- हम अपनी आंखों के सामने भारत का बदलाव देख रहे हैं.” इससे पहले, पीएम मोदी ने कहा कि भले ही कई लोग उनके कार्यकाल को एक बड़ी उपलब्धि मानते हैं, लेकिन वे इसे अपनी तारीफ करने का मौका नहीं मानते. प्रधानमंत्री ने कहा, “सरकार के मुखिया के तौर पर, लोग इस 25 साल के लगातार सफर को एक उपलब्धि मानते हैं. लेकिन मेरे लिए, यह न तो अपनी तारीफ करने की बात है और न ही इसके लिए कोई मौका है.”
नई पीढ़ी को संदेश
प्रधानमंत्री ने युवाओं से कहा कि उन्हें आज से ही यह सुनिश्चित करने के लिए काम करना चाहिए कि आने वाली पीढ़ियों को उन मुश्किलों का सामना न करना पड़े, जिनसे उनके दादा-दादी की पीढ़ी गुजरी थी. उन्होंने कहा कि हमारी कोशिशें ऐसी होनी चाहिए कि वे परेशानियां आने वाली पीढ़ियों की किस्मत का हिस्सा न बनें. पीएम मोदी ने बताया कि वह लगातार इसी मकसद के साथ काम कर रहे हैं. युवाओं को देश के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा पीढ़ी के पास भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का ऐतिहासिक मौका है. ऐसा करने के लिए युवाओं को अपनी ऊर्जा और क्षमता को राष्ट्र-निर्माण में लगाना होगा.
देशवासियों के लिए ईश्वर से मांगी शक्ति
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि आज सुबह उन्होंने देश के 1.4 अरब नागरिकों के लिए ईश्वर से प्रार्थना की. उन्होंने ईश्वर से शक्ति और ऊर्जा मांगी ताकि वे पहले से भी ज्यादा जोश के साथ देश के लिए काम कर सकें और लोगों की सेवा करते रह सकें. उन्होंने कहा कि देश के लोगों ने ही उन्हें वह बनाया है जो वे आज हैं, उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है और उन्हें ये जिम्मेदारियां सौंपी हैं. उनके लिए, लोग ईश्वर का ही रूप हैं. देश ने उन्हें बहुत कुछ दिया है, इसलिए देश के प्रति उनका बहुत बड़ा फर्ज है. उन्होंने कहा कि उन पर सबसे पहला हक देश के लोगों का ही है.
देशभर में हो रहे कार्यक्रम
- पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर आज देशभर में कई बड़े कार्यक्रम और आयोजन किए जा रहे हैं.
- ‘सेवा ज्योति’ का मुख्य कार्यक्रम नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में हुआ, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को संबोधित किया और ‘नित्य नवीन सेवा ज्योति यात्रा’ को हरी झंडी दिखाई.
- बीजेपी के महीने भर चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत, आज कई राज्यों में मशाल जुलूस के साथ-साथ मोटरसाइकिल और साइकिल रैलियां भी आयोजित की जा रही हैं.
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुग्राम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और अन्य नेताओं के साथ ‘सेवा ज्योति यात्रा’ में हिस्सा लिया.
- पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेताओं ने ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ को वर्चुअली संबोधित किया. वहीं, मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ‘संकल्प सभा’ और ‘सेवा ज्योति यात्रा’ में शामिल हुए.
- वडोदरा में एक बड़ा गरबा कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 60,000 से ज़्यादा युवाओं ने एक साथ हिस्सा लिया. इसके अलावा अहमदाबाद रिवरफ्रंट पर ‘जल कक्ष यात्रा’ निकाली गई और अभियान का समापन समारोह वाराणसी में हुआ.
News Source: ANI
