Home Latest News & Updates अहमदाबाद विमान हादसे की जांच में नया मोड़! FIP ने जांच अधिकारियों के सामने रखी अपनी भूमिका

अहमदाबाद विमान हादसे की जांच में नया मोड़! FIP ने जांच अधिकारियों के सामने रखी अपनी भूमिका

by Nikul Patel 18 August 2026, 2:47 PM IST
18 August 2026, 2:47 PM IST
New twist investigation Ahmedabad plane crash

Plane Crashes : एयर इंडिया की उड़ान AI-171 के 12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुए भीषण हादसे की जांच को लेकर फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने जांच अधिकारियों के समक्ष अपनी भूमिका और तकनीकी सुझाव रखने की मांग की है. FIP की ओर से जांच प्रक्रिया में अपने तकनीकी इनपुट और सुझावों को शामिल करने का आग्रह किया गया है. मामले से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के 28 जुलाई 2026 के आदेश में भी FIP की ओर से चल रही जांच में शामिल किए जाने की मांग का उल्लेख है.

पायलट की गलती तक सीमित न रखा जाए

केंद्र की ओर से अदालत को बताया गया कि फेडरेशन द्वारा दिए गए इनपुट और सुझावों पर जांच प्रक्रिया के दौरान विधिवत विचार किया जाएगा. FIP की ओर से मुख्य रूप से दो महत्वपूर्ण मांगें सामने रखी गई हैं. पहली मांग है कि संगठन द्वारा उपलब्ध कराए गए तकनीकी इनपुट और सुझावों को जांच प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाए. दूसरी मांग है कि FIP के तकनीकी विशेषज्ञों और अनुभवी पायलटों को जांच अधिकारियों के समक्ष व्यक्तिगत रूप से अपना विश्लेषण और सुझाव प्रस्तुत करने का अवसर मिले.

फेडरेशन का तर्क है कि विमान हादसे की जांच को केवल पायलट की संभावित गलती तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए. दुर्घटना के पीछे संभावित तकनीकी कारणों, विमान की प्रणालियों, कॉकपिट से जुड़े पहलुओं, एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और एयर ट्रैफिक कंट्रोल से जुड़े संचार जैसे सभी पहलुओं का समग्र परीक्षण जरूरी है.

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सिम्युलेटर टेस्ट कराने की मांग की गई

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान AI-171 हादसे से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार हुआ. 28 जुलाई 2026 के आदेश में अदालत ने दर्ज किया कि एक आवेदन में हादसे की घटनाओं के समय और क्रम की पुष्टि के लिए सिम्युलेटर टेस्ट कराने की मांग की गई थी. केंद्र की ओर से अदालत को बताया गया कि ऐसे सिम्युलेटर टेस्ट पहले ही किए जा चुके हैं. इसी सुनवाई में FIP को जांच में शामिल करने की मांग पर केंद्र की ओर से अदालत को बताया गया कि फेडरेशन द्वारा दिए गए इनपुट और सुझावों को जांच प्रक्रिया में ध्यान में रखा जाएगा.

क्या होता है जांच की रिपोर्ट में?

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, AI-171 हादसे की जांच की अंतिम रिपोर्ट अक्टूबर 2026 के पहले सप्ताह में प्रस्तुत किए जाने की संभावना जताई गई है. मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है. AI-171 हादसे की जांच में अब FIP के तकनीकी सुझावों को किस तरह शामिल किया जाता है और जांच की अंतिम रिपोर्ट में किन कारणों को दुर्घटना के मूल कारण के रूप में सामने रखा जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है. FIP का कहना है कि उसका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था का बचाव करना नहीं, बल्कि दुर्घटना के वास्तविक मूल कारणों की पहचान कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विमानन सुरक्षा को मजबूत करना है.

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