Bhopal Exhibition: देश के नए न्याय कानूनों और उन्नत कृषि के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए शनिवार को राजधानी भोपाल में एक बेहद खास और भव्य राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. भेल दशहरा मैदान में आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्घाटन खुद केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में अमित शाह ने प्रदर्शनी के हर एक हिस्से का बारीकी से मुआयना किया और मध्य प्रदेश पुलिस की उपलब्धियों को सराहा.
केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रदर्शनी का किया मुआयना
राजधानी भोपाल का भेल दशहरा मैदान. मौका था न्याय संहिता और कृषि पर केंद्रित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के भव्य शुभारंभ का. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने जैसे ही इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, पूरा परिसर भारत के बदलते कानूनी ढांचे और आधुनिक कृषि की झलक से सराबोर हो गया. उद्घाटन के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदर्शनी के खंड 1 से लेकर 10 तक का गहन अवलोकन किया. इस प्रदर्शनी का मुख्य केंद्र बिंदु देश की नवीन भारतीय न्याय संहिताएं रहीं. प्रदर्शनी में बेहद सरल और रोचक तरीके से यह दर्शाया गया है कि अंग्रेजों के जमाने के पुराने कानूनों के हटने के बाद नए न्याय कानूनों से आम जनता को कितना सीधा लाभ और त्वरित न्याय मिल रहा है.
किसानों को कृषि तकनीकों से कराया गया रूबरू
नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश पुलिस ने जो देश भर में मिसाल कायम की है, उसकी उपलब्धियों को भी यहां विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया. इसके साथ ही गृह मंत्री अमित शाह ने कृषि पर आधारित आधुनिक तकनीक और जैविक खेती से जुड़ी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया, जहां किसानों की समृद्धि और उन्नत कृषि का पूरा रोडमैप दिखाया गया. प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को उनके अधिकारों, नए न्याय कानूनों के फायदों और आधुनिक कृषि पद्धतियों से रूबरू कराना है. गृह मंत्री अमित शाह का यह दौरा मध्य प्रदेश में नए कानूनों और कृषि विकास को एक नई दिशा देने वाला साबित होगा.
बताई गई पुलिस की न्यायिक प्रक्रिया
प्रदर्शनी में मध्य प्रदेश पुलिस के नागरिक केंद्रित अभियानों को भी प्रमुखता दी गई. ऑपरेशन मुस्कान, महिला हेल्प डेस्क और ‘Say No to Drugs’ जैसे अभियानों के माध्यम से पुलिस की जनसरोकार वाली भूमिका को प्रदर्शित किया गया. प्रदर्शनी में यह भी बताया गया कि किस तरह पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया से शुरू होने वाली कार्रवाई वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन, फॉरेंसिक परीक्षण और तकनीकी जांच के माध्यम से आगे बढ़ते हुए न्यायिक प्रक्रिया तक पहुंचती है.
