Ranchi News : NEET समेत विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तथा शिक्षा सुधार आंदोलन चला रहे सोनम वांगचुक के समर्थन में युवा राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में एकदिवसीय सत्याग्रह आंदोलन आयोजित किया गया. आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र-युवा, सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और समाजसेवियों ने भाग लेकर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई.
शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठाए गंभीर सवाल
सत्याग्रह के दौरान युवा RJD नेताओं ने केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में NEET समेत कई महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों ने देश के करोड़ों छात्रों का भरोसा कमजोर किया है. उनका कहना था कि लाखों छात्र वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियों के कारण उनका भविष्य संकट में पड़ जाता है. इससे युवाओं का मनोबल टूट रहा है और पूरे देश में असंतोष का माहौल है.
केंद्र सरकार रही पूरी तरह विफल
आंदोलन को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र के विकास की सबसे मजबूत नींव होती है, लेकिन यदि प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता ही सवालों के घेरे में आ जाए तो यह देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने में विफल रही है. उनका कहना था कि बार-बार सामने आ रही कथित अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए.
मजबूत व्यवस्था लागू की जाए
युवा राजद ने मांग की कि राष्ट्रीय स्तर की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन के लिए अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत व्यवस्था लागू की जाए. भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके. साथ ही दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी मांग की गई.
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सत्याग्रह के दौरान नेताओं ने शिक्षा सुधार आंदोलन चला रहे सोनम वांगचुक के प्रति भी अपना समर्थन व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि शिक्षा को राजनीति से ऊपर उठाकर छात्रों के हित में व्यापक सुधार लागू किए जाने चाहिए. उनका दावा था कि देशभर में छात्र, अभिभावक और विभिन्न सामाजिक संगठन शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर एकजुट हो रहे हैं.
आंदोलन को बनाया जाएगा व्यापक
आंदोलन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यदि केंद्र सरकार छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लेती है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम नहीं उठाती है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि यह सत्याग्रह केवल शुरुआत है. आवश्यकता पड़ने पर राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक चरणबद्ध और उग्र आंदोलन चलाया जाएगा.
विभिन्न वर्ग एकजुट होकर आवाज बुलंद कर रहे
युवा RJD नेताओं ने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में छात्र और कार्यकर्ता दिल्ली में भी अपनी मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. उनका कहना था कि देशभर से इस अभियान को समर्थन मिल रहा है और शिक्षा के मुद्दे पर समाज के विभिन्न वर्ग एकजुट होकर आवाज बुलंद कर रहे हैं.
कार्यक्रम के अंत में आंदोलनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने, पेपर लीक के मामलों की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई. उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा और परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल नहीं होगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा.
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रांची से विशाल भारद्वाज की रिपोर्ट
