CJP Protest : कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) की तरफ से ऐलान किया गया ‘चलो संसद’ मार्च उग्र हो गया है. प्रदर्शनकारियों का एक हिस्सा पार्लियामेंट तक पहुंच गया और वहां पर नारेबाजी करनी शुरू कर दी. इसी बीच पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज शुरू कर दिया. बताया जा रहा है कि पुलिस की तरफ से 50 से ज्यादा आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं और भीड़ इस वक्त आरबीआई पर रुकी हुई है.
प्रदर्शनकारियों ने फेंके पुलिस पर पत्थर
युवाओं का एक बड़ा हिस्सा जंतर-मंतर से आरबीआई तक पहुंच गया. यहां पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिसवालों पर पत्थर भी फेंके हैं. साथ ही स्टूडेंट वहीं धरने प्रदर्शन पर बैठ गए हैं और विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है. इसके अलावा सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने कहा कि संसद के सामने युवाओं पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं और सरकार को इन्हें छोड़ना बंद कर देना चाहिए. सरकार दमन करना नहीं बल्कि संवाद का विकल्प चुने. अपने अयोग्य शिक्षा मंत्री को हटाकर युवाओं की बात को ध्यान से सुनें.
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परिसर के बाहर इकट्ठा हो गई थी भीड़
इसके अलावा अधिकारियों ने बताया कि संसद के कुछ गेट को बंद कर दिया गया है. परिसर की ओर से मार्च करने की कोशिश कर रही प्रदर्शनकारियों की भीड़ आसपास जमा हो गई थी. कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के पास प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज कर दिया और आंसू गैस के गोले का भी इस्तेमाल किया. इसके कारण वहां पर अफरातफरी का माहौल बन गया है. साथ ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के पास से 7 सीजेपी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी ले लिया गया है. अधिकारियों ने आगे कहा कि RBI के पास प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए सुरक्षा बलों ने हल्के बल का प्रयोग किया.
सांसदों को परिसर जाने से रोका गया
इसी बीच कुछ सांसदों का कहना है कि संसद परिसर में उन्हें घुसने से रोका गया है. इस पर पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने कहा कि सभी सांसदों को आने दिया जा रहा है. मानसून सत्र के पहले दिन राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित हो गई. विपक्ष ने नीट पेपर लीक और राम मंदिर चंदे में कथित चोरी के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए नारे लगाए और प्लेकार्ड दिखाए.
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने भी केंद्र की मोदी सरकार पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की हरकतों को देखकर इनका नाम नरेंद्र मोदी से ‘सरेंडर चुप्पी’ कर देना चाहिए. आज ये मीडिया को एकतरफा ज्ञान दे रहे थे तो इनके मुंह से पेपरचोरी, चंदाचोरी और पेट्रोलचोरी के बारे में एक शब्द भी नहीं फूटा. चुप्पी तो तोड़नी पड़ेगी, इस्तीफ़ा तो देना होगा.
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