Katni CSP Land Scam: कटनी की तेजतर्रार नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया को निलंबित कर दिया गया. उन पर वसूली और पद के दुरुपयोग का आरोप है. मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था और अफसरों की मनमानी को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बेहद सख्त नजर आ रहे हैं. कटनी की तेजतर्रार नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया पर वसूली और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगने के बाद सीएम के निर्देश पर निलंबन की बड़ी कार्रवाई की गई है. एफआईआर दर्ज होने और हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने डीजीपी को नगर पुलिस अधीक्षक को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए.
पद का दुरुपयोग बर्दाश्त नहींः CM
सीएम ने साफ कर दिया है कि पुलिसिया धौंस, लापरवाही या पद का दुरुपयोग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बता दें कि कटनी में पदस्थ नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें अब पूरी तरह बढ़ चुकी हैं. गंभीर वित्तीय गड़बडय़िों और वसूली के आरोपों में घिरी नगर पुलिस अधीक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ा संज्ञान लिया है. सीएम ने मुख्य सचिव और डीजीपी को संबंधित सीएसपी के विरुद्ध तत्काल निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जिसके बाद उन पर गाज गिर गई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्पष्ट संदेश दिया.

पूरे मामले की होगी निष्पक्ष जांच
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़े किसी भी मामले में लापरवाही, दबाव या पद का दुरुपयोग कतई स्वीकार नहीं होगा. कानून-व्यवस्था से जुड़े किन्हीं भी मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, दबाव या पद का दुरुपयोग कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा. पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. दरअसल, नेहा पच्चीसिया पर आरोप है कि उन्होंने कटनी में पोस्टिंग के दौरान एक हत्या के मामले में आरोपी की 80 लाख रुपये की जमीन पुलिसिया धौंस दिखाकर अपने एजेंट के जरिए महज 18 लाख रुपये में खरीद ली थी.
वसूली के गंभीर आरोपों में भी घिरीं
इसके अलावा एक ट्रांसपोर्टर ने भी उन पर गंभीर वसूली का आरोप लगाया है. इन मामलों में फंसने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था, लेकिन अदालत से भी राहत नहीं मिली. सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर हुई इस त्वरित कार्रवाई से प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हडक़ंप मच गया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की इस सख्त कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है कि वर्दी की आड़ में पद का दुरुपयोग करने वाले अफसरों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा हर हाल में की जाएगी.

