Heavy Rain: विंध्य क्षेत्र में इस वक्त कुदरत का भयानक रूप देखने को मिल रहा है. बीते 48 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने मध्य प्रदेश के छह जिलों में जलप्रलय जैसी स्थिति पैदा कर दी है. सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर और पन्ना हर तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है. तबाही का आलम यह है कि कहीं सडक़ें समंदर बन चुकी हैं तो कहीं नदियां खतरे के निशान को लांघकर बस्तियों को निगलने पर आमादा हैं. सबसे भयानक तस्वीरें सीधी के रामपुर नैकिन से सामने आई हैं, जहां सुबह-सुबह पानी ने ऐसा तांडव मचाया कि 100 से अधिक घरों और 30 दुकानों में पानी भर गया. लोग जान बचाने के लिए रस्सी और लकड़ी के सहारे उफनते पानी को पार करने को मजबूर हैं. लाखों का राशन, कपड़े और सामान पानी में तैरते दिखे.
खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर बह रही मंदाकिनी
वहीं मऊगंज के नईगढ़ी में कगास और हरफरी नदी ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि तीन वार्ड पूरी तरह जलमग्न हो गए. अमृत योजना के काम में लगे मजदूर दो नदियों के तेज बहाव के बीच फंस गए, जिन्हें बचाने के लिए एसडीईआरएफ को मोर्चा संभालना पड़ा. तीन लोगों को तो सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन एक मजदूर पानी के तेज बहाव में बह गया, जिसकी तलाश जारी है. धर्मनगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर बह रही है. रामघाट के प्लेटफॉर्म पूरी तरह डूब चुके हैं और पुरानी लंका तिराहे पर सडक़ों पर गाडिय़ां नहीं, बल्कि नावें चल रही हैं. सती अनुसुइया और गुप्त गोदावरी जाने वाले रास्तों को बैरिकेडिंग करके बंद कर दिया गया है ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. करीब 100 दुकानों में 5 फीट तक पानी घुसने से व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है.
गांवों का शहर से कटा संपर्क
इधर रीवा शहर की बात करें तो शिल्पी उपवन और विभीषण नगर जैसी कॉलोनियों में जलनिकासी न होने की वजह से पानी लोगों के बेडरूम और किचन तक पहुंच गया. रहवासियों ने पूरी रात जागकर सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. उधर, पन्ना में केन नदी के उफान पर आने से दर्जनभर से ज्यादा गांवों का संपर्क शहर से कट चुका है. लोग अपनी जान जोखिम में डालकर उफनते नालों को पार करने पर मजबूर हैं. मैहर में भी 150 मिमी बारिश के बाद आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है.
मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
तबाही के इस मंजर के बीच खाकी का एक ऐसा मानवीय चेहरा भी सामने आया, जिसने सभी का दिल जीत लिया. रीवा में बाढ़ के पानी के बीच घिरी एक 80 साल की बुजुर्ग महिला को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए खुद डीएसपी रितु उपाध्याय मैदान में उतरीं. उनका बुजुर्ग महिला को सहारा देकर पानी से बाहर निकालने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. बता दें प्रशासन लगातार प्रभावित इलाकों में गश्त कर रहा है और राहत कार्य जारी हैं, लेकिन मौसम विभाग की चेतावनियों के बीच विंध्य के लोगों के लिए आने वाले घंटे बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं.
