Rahul Gandhi: लोकसभा में प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी शुक्रवार की सुबह संसद मार्ग थाने पहुंचे. वह 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर FIR दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचे थे. इस दौरान वह अपने साथ पीड़ित को भी लेकर गए और आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस पीड़ित की FIR दर्ज नहीं कर रही है. हालांकि, इसी बीच खबर सामने आई है कि हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद पीड़ित साहिल की FIR दर्ज कर ली है. वहीं, अब इस मामले को लेकर बीजेपी भी कांग्रेस पर हमलावर हो गई है.
न्याय की तरफ पहला कदम : राहुल गांधी
भारी दबाव के बाद दिल्ली पुलिस ने शिकायत दर्ज करने के बाद राहुल गांधी को FIR की कॉपी दे दी है. इसके साथ ही कांग्रेस नेता ने थाने के बाहर अपना धरना भी खत्म कर दिया है. एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पीड़ित पक्ष काफी खुश दिख रहा है. वहीं, राहुल ने कहा कि ये न्याय की तरफ पहला कदम है.
VIDEO | Delhi: Sahil Lochav, the youth who allegedly suffered pellet injuries during the July 20 protest at Jantar Mantar, thanked Congress leader and Lok Sabha LoP Rahul Gandhi after the Delhi Police registered an FIR.
— Press Trust of India (@PTI_News) August 21, 2026
The development came after Rahul Gandhi staged a sit-in… pic.twitter.com/SOgcMqH39q
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धरने पर जम गए थे राहुल
पीड़ित साहिल की मेडिकल स्थिति को देखते हुए राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि एम्स की रिपोर्ट में साफ है कि साहिल के शरीर पर 200 से अधिक छर्रे लगे हैं. राहुल ने यह भी कहा कि तीन छर्रे साहिल की आंख में भी लगे थे और कुछ दिल के पास भी हैं. हालांकि, शुरुआत में दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया था. इस पर राहुल ने सवाल किया कि जब पुलिस ने पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया तो फिर किसने ये गोलियां चलाई थीं. इस दौरान लोकसभा में प्रतिपक्ष नेता ने स्पष्ट कर दिया जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होगी तब तक वह थाने के बाहर से हिलेंगे नहीं. वहीं, भारी दबाव के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.
संसद के सामने पैलेट गन चलाई गई
कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि अगर देश के विपक्ष के नेता को FIR दर्ज कराने के लिए आना पड़े, तो इससे पता चलता है कि इस देश में संविधान का कितना सम्मान हो रहा है. यह सरकार नागरिकों के अधिकारों को लेकर कितनी चिंतित है. दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आती है. अगर दिल्ली में संसद के ठीक पास जंतर-मंतर पर पैलेट गन चलाई जा रही हैं, तो इससे ज़्यादा शर्मनाक बात और क्या हो सकती है?
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