MP News: धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी चित्रकूट में बीते दिनों मंदाकिनी नदी ने जो तबाही मचाई, उससे अब जाकर लोगों को थोड़ी राहत मिली है. शनिवार को मंदाकिनी नदी का जलस्तर अपने खतरे के निशान को पार करते हुए 135 मीटर तक पहुंच गया था, जो कि सामान्य स्तर 126 मीटर से पूरे 9 मीटर अधिक था. प्रसिद्ध रामघाट समेत कई निचले इलाके जलमग्न हो गए थे, लेकिन संकट की इस घड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद पीडि़तों के बीच पहुंचे हैं. इस मौके पर उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ितों के साथ है.
आश्रय स्थल में बांटी राहत सामग्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष हेलीकॉप्टर से आरोग्यधाम चित्रकूट हेलीपैड पहुंचे. यहां से वे सीधे प्राचीन मुखार बिंदु के पास बनाए गए आश्रय स्थल के लिए रवाना हुए. सीएम ने बिना किसी देरी के बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की, उनका हाल-चाल जाना और उनके आंसू पोंछते हुए राहत सामग्री का वितरण किया. सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सहायता पहुंचाने में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीडि़तों से कहा कि संकट की इस घड़ी में हमारी सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है.
72 लोगों को सुरक्षित निकाला, स्टीमर से पहुंची मदद
बता दें शनिवार को जब स्थिति बेहद भयावह थी, तब एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने मोर्चा संभाला. उफनती मंदाकिनी के बीच स्टीमर और नावों की मदद से 72 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर आश्रय स्थलों तक पहुंचाया गया. बेघर हुए लोगों तक खाने-पीने का सामान पहुंचाने के लिए रात-दिन एक कर दिया गया.
जलस्तर तो घटा, लेकिन अलर्ट मोड पर प्रशासन
फिलहाल मंदाकिनी नदी का जलस्तर घटने से चित्रकूट के स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है. मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों का प्रशासन मंदाकिनी नदी के जलस्तर पर 24 घंटे कड़ी निगरानी रख रहा है. अधिकारियों का साफ कहना है कि अगर दोबारा जलस्तर बढ़ता है तो तुरंत रेस्क्यू टीमें एक्शन में आ जाएंगी. इधर बाढ़ प्रभावितों को हर संभव मदद का भरोसा देकर सीएम डॉ. मोहन यादव चित्रकूट से रवाना हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन की टीमें अभी भी मुस्तैद हैं.
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