Chitrakoot Floods: सतना और चित्रकूट में बाढ़ ने हालात बिगाड़ दिए हैं. मूसलाधार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है. वहीं, गोरगी बांध टूटने से इलाके में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है. हालात को देखते हुए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है. SDRF की टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं.
बता दें कि चित्रकूट में हालात इतने खराब हो गए हैं कि सड़कों पर नाव चल रही हैं. वहीं, नागौद थाने में भी घुटनों तक पानी भर गया है. लगातार बारिश और जलभराव के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
मूसलाधार बारिश की वजह से बनी गंभीर स्थिति
मध्य प्रदेश के सतना जिले और धर्मनगरी चित्रकूट में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधारी बारिश के चलते हालात काफी गंभीर हो गए हैं. नदी और नाले भर गए हैं और की रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है. दूसरी ओर मौसम विभाग ने आगामी पांच दिनों तक तेज बारिश की चेतावनी दी है. ऐसे में स्थिति बेकाबू बन सकती है.
इतनी भीषण बाढ़ कभी नहीं आई
स्थानीय निवासी राम सलोने ने बताया कि उनकी याद में 90 सालों में मंदाकिनी नदी में इससे अधिक भीषण बाढ़ कभी नहीं आई. यूपी और मध्य प्रदेश की सीमा पर मंदाकिनी नदी के किनारे पर बसी बस्तियों के घरों में पानी भर गया है. अब कुछ लोगों ने अपने घरों की छत पर शरण ले ली है.
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सुरक्षित स्थानों पर लोगों को पहुंचाया जा रहा
SDRF की टीम ने अभी तक 50 लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. रेस्क्यू अभियान के दौरान जवानों ने आम लोगों से सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है. अधिकारियों के अनुसार, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें पूरी तरह तैयार हैं. साथ ही प्रभावित इलाकों में संघर्ष कर रहे लोगों की सूचना मिलने के बाद SDRF की टीम मौके पर पहुंच जाती हैं. जवान अब मौजूदा परिस्थिति और जलस्तर पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं.
तेज हुआ राहत बचाव अभियान
जानकीकुंड क्षेत्र में पंजाबी भगवान आश्रम, आरोग्यधाम, सद्गुरु सेवा संघ का आश्रम, जगद्गुरु रामभद्राचार्य आश्रम समेत सैकड़ों आश्रमों में बाढ़ का पानी घुस गया. इन जगहों पर पानी भरने से स्थिति काफी गंभीर हो गई है और प्रशासन लगातार यहां से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम कर रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ इमारतों में कंपन महसूस किया जा रहा है और उनके नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है.
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News Source: PTI
