Delhi in Red Zone: दीवाली की रात के बाद दिल्ली की हवा बहुत खराब हो चुकी है. AQI के मामले में एक्सपर्ट्स ने आने वाले 4 दिन और खराब बताए हैं.
21 October, 2025
Delhi in Red Zone: दिवाली की रात दिल्ली आसमान से झिलमिला रही थी, लेकिन जैसे ही आतिशबाज़ी की गूंज थमी, शहर की हवा फिर कराह उठी. सोमवार देर रात तक दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खतरनाक लेवल पर पहुंच गया. इतना ही नहीं लगभग पूरे शहर को ‘रेड ज़ोन’ में दर्ज किया गया. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, दिल्ली के 38 में से 36 मोनिटरिंग सेंटर्स ने हवा की स्थिति को बहुत खराब से गंभीर लेवल तक दर्ज किया.
दिल्ली की हवा और खराब
रात 10 बजे दिल्ली का औसत AQI 344 रहा, जो बहुत खराब केटेगरी में आता है. वहीं, चार इलाकों जैसे द्वारका (417), अशोक विहार (404), वज़ीरपुर (423) और आनंद विहार (404) में पॉल्यूशन लेवल गंभीर केटेगरी में दर्ज हुआ. दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI सोमवार शाम 4 बजे 345 दर्ज हुआ, जो रविवार के 326 से ज्यादा है. दोपहर के टाइम तक, 38 में से 31 केंद्रों पर हवा की क्वालिटी बहुत खराब और 3 केंद्रों पर गंभीर स्तर की पाई गई.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
एनवायरमेंटल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार और बुधवार को स्थिति और बिगड़ने की संभावना है. ठंडी हवाएं और धीमी गति से फैलता धुआं प्रदूषण को नीचे रोक रहा है, जिससे स्मॉग की परत और गहरी होती जा रही है. CPCB की निर्णय समर्थन प्रणाली (DSS) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के वायु प्रदूषण में ट्रासपोर्टेशन से निकलने वाला धुआं 15.6% और इंडस्ट्रीज व बाकी गतिविधियों से 23.3% का कन्ट्रीब्यूशन है. इसके अलावा पटाखों से निकलने वाले धुएं ने इन सभी को और बढ़ा दिया है, जिससे दिल्ली की हवा एक बार फिर से ज़हरीली बन गई है.
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सरकार ने फिर लगाया ‘GRAP’ ब्रेक
बढ़ते प्रदूषण के बीच वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने रविवार को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का दूसरा चरण लागू कर दिया है. इस योजना के तहत, दिल्ली-एनसीआर में कंस्ट्रक्शन वर्क पर रोक, कचरा जलाने पर बैन और डीज़ल वाहनों पर निगरानी जैसे कदम उठाए जा रहे हैं.
ग्रीन गाइडलाइन
15 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में दिवाली पर सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक ग्रीन पटाखे जलाने की इजाज़त दी थी. लेकिन हकीकत ये है कि शहर के कई हिस्सों में इस नियम की अनदेखी हुई. अब उसका असर पूरे शहर की हवा भुगत रही है. कहा जा सकता है कि त्योहार की रौनक के बीच जहरीला धुआं अभी भी हवा में तैर रहा है. दिल्ली के लोग एक बार फिर उसी पुराने सवाल के सामने हैं कि खुशियां मनाएं, पर सांस कैसे लें?
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