Naga-Kuki Violence: मणिपुर के नागा बहुल उखरुल जिले में तनाव को देखते हुए पुलिस ने एक स्कूल से 51 छात्रों को सुरक्षित निकाल लिया है. बच्चों के सुरक्षित बाहर आने से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है.
Naga-Kuki Violence: मणिपुर के नागा बहुल उखरुल जिले में तनाव को देखते हुए पुलिस ने एक स्कूल से 51 छात्रों को सुरक्षित निकाल लिया है. बच्चों के सुरक्षित बाहर आने से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है. प्रशासन अब इन छात्रों को दूसरे स्कूलों में भेजेगा, जिससे इन बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो. मणिपुर के नागा बहुल उखरुल जिले में दो समुदायों के बीच हुई झड़पों के बाद पुलिस ने सोमवार को एहतियात के तौर पर एक स्कूल से 51 कुकी छात्रों को सुरक्षित निकाल लिया है. उखरुल में तंगखुल नागा जनजाति और कुकी समुदाय के बीच एक सप्ताह से अधिक समय से तनाव बना हुआ है, क्योंकि उखरुल जिले के लिटान सारेइखोंग इलाके में झड़पों के दौरान लगभग 30 घर जला दिए गए थे.
जवाहर नवोदय विद्यालय रामवा के हैं छात्र
पुलिस ने बताया कि उखरुल जिला पुलिस ने उखरुल स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय रामवा के 51 छात्रों को सुरक्षित निकाल लिया है और उन्हें कांगपोकपी जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय में आगे भेजने के लिए सैकुल पुलिस स्टेशन की टीम को सौंप दिया है. 31 लड़के और 20 लड़कियां कुकी बहुल जिले कांगपोकपी भेजी गईं. पुलिस ने कहा कि जिले में मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए एहतियात के तौर पर छात्रों को सुरक्षित निकाला गया. छात्रों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया के दौरान कुछ लोगों ने छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया. पुलिस ने बताया कि स्थानीय नागरिक समाज संगठनों ने तनाव को कम करने में प्रशासन की मदद की. पुलिस अधिकारी ने बताया कि शांगशक, रामवा, शोकवाओ, टीएम कसम और एस लाहो क्षेत्रों के ग्रामीणों को समझाने-बुझाने से छात्रों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित हुई.
उपद्रवियों से सख्ती से निपटा जाएगाः सीएम
पुलिस ने सभी समुदायों से संयम बनाए रखने और अफवाहें न फैलाने की अपील की है. कुकी और नागा समुदायों के बीच हिंसा 7 फरवरी की शाम को लिटान में दो समूहों के बीच नशे में हुई झड़प के बाद शुरू हुई. लिटान एक व्यावसायिक शहर है, जहां दोनों समुदायों के लोग काफी संख्या में रहते हैं. लगभग तीन वर्षों से मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा जारी है. इसकी शुरुआत मई 2023 में पहाड़ी जिलों में मैतेई समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) दर्जे की मांग के विरोध में आयोजित ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के बाद हुई थी. इन झड़पों में कम से कम 260 लोगों की जान चली गई और हजारों लोग विस्थापित हो गए. राज्य में पिछले साल 13 फरवरी को राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था, जबकि राज्य को वाई खेमचंद सिंह के रूप में नया मुख्यमंत्री मिला. उन्होंने इस महीने की शुरुआत में शपथ ली. मुख्यमंत्री वाई खेमचंद ने कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी. उपद्रवियों से सख्ती से निपटा जाएगा.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
