- पंजाब से शालू मिरोक की रिपोर्ट
Punjab Politics : पंजाब भाजपा की ओर से केवल सिंह ढिल्लों को नया अध्यक्ष बनाने के साथ ही राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है. 2027 के चुनाव नजदीक हैं और ऐसे में BJP की ओर से एक झक को अध्यक्ष लगाए जाना काफी मायने रखता है. बता दें कि पहली बार है जब भाजपा की ओर से एक जाट सक को अध्यक्ष बनाया गया हो इससे पहले सुनील जाखड़ और उससे पहले अश्विनी शर्मा पंजाब भाजपा के अध्यक्ष रहे जो के हिंदू हैं.
मैं काम की राजनीति करता हूं : BJP अध्यक्ष
वहीं, केवल सिंह ढिल्लो के पंजाब भाजपा का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद से सियासत तेज हो गई है. इस दौरान ढिल्लों ने कहा कि मैं काम की राजनीति करता हूं. मुझे चुटकुले सुनने नहीं आते, ना ही मैं बैलगाड़ियों पर बैठकर दिखावा करता हूं.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केवल सिंह ढिल्लो को अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई दी. साथ ही उन्होंने तंज करते हुए कहा कि 2017, 2022 और 2024 के चुनाव हारने के बाद भी ढिल्लो को अध्यक्ष बनाया गया. साथ ही मेरी सुनील जाखड़ के साथ हमदर्दी है और रवनीत बिट्टू, राणा सोढ़ी तरुण चौक को परमात्मा जन्नत सहने की ताकत बक्शी.
BJP दिन में सपने देखती है : कांग्रेस
पंजाब प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वेडिंग भी चुप नहीं बैठे. उन्होंने कहा कि BJP दिन में सपने देखती है, जो 27 में सरकार बनाने के दावे कर रही है. उन्होंने आगे कहा कि पहले सुनील जाखड़ को अध्यक्ष बनाया और अब केवल सिंह ढिल्लों को, जबकि ये दोनों ही कांग्रेस से आए हैं.
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बता दें कि पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक है और अब देखना होगा कि बीजेपी हाई कमान की तरफ से ढिल्लो को नया अध्यक्ष बनाने का फायदा होगा या नुकसान? अगर पंजाब की बात करें तो यहां पर दलित वोट बैंक बहुत अहम है. हालांकि, जट-सिख वोट बैंक भी कहीं ना कहीं सरकार बनाने में काफी अहम माना जाता है. अगर हम मालवा क्षेत्र की बात करें तो वहां पर 69 सीटें हैं और मालवा में जट-सिख वोट बैंक बहुत है. खासकर केवल ढिल्लो जहां से आते हैं इस बरनाला क्षेत्र में भी जट-सिख भारी संख्या में रहते हैं. ऐसे में भाजपा के लिए रणनीति है कि वह जट सिख चेहरे को अध्यक्ष बनाकर जटसिख वोट बैंक को अपनी ओर खींचे.
क्या बीजेपी का तीर लगेगा निशाने पर?
साथ ही केवल सिंह ढिल्लों पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के बहुत करीबी है बहुत समय से कैप्टन अमरिंदर भाजपा से नाराज चल रहे थे कि उन्हें पूछा नहीं जाता. वहीं, अब केवल सिंह ढिल्लों को बड़ी जिम्मेदारी देकर भाजपा ने कैप्टन अमरिंदर को भी खुश किया है और साथ ही साथ सिख वोटर को भी अपनी ओर लाने का प्रयास किया है. खैर, देखना होगा कि भाजपा का यह तीर निशाने पर लगता है या नहीं.
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