Haryana News: हरियाणा सरकार ने नशे की रोकथाम, जागरूकता, इलाज और पुनर्वास के लिए SANKALP सोसाइटी के गठन को मंजूरी दे दी है. सरकार ने 28 सितंबर को इसका नोटिफिकेशन जारी किया.इस सोसाइटी का पूरा नाम Substance Abuse & Narcotics Knowledge, Awareness & Liberation Programme (SANKALP) है.
नशे की मांग और सप्लाई पर लगेगी लगाम
यह संस्था राज्य में नशे के खिलाफ चलाए जाने वाले प्रयासों के बीच समन्वय के लिए नोडल बॉडी के तौर पर काम करेगी. सरकार के आदेश के मुताबिक SANKALP सोसाइटी का मुख्य फोकस नशे की रोकथाम, जागरूकता, उपचार, पुनर्वास और प्रभावित लोगों के दोबारा समाज की मुख्यधारा में शामिल होने पर रहेगा. इसके तहत सरकार ने नशे की मांग और सप्लाई दोनों को कम करने के लिए विभिन्न विभागों और सामाजिक संगठनों के बीच समन्वित प्रयास करने की योजना बनाई है.
CM होंगे सोसायटी के चेयरपर्सन
SANKALP सोसाइटी की अध्यक्षता हरियाणा के मुख्यमंत्री करेंगे. मुख्यमंत्री के चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी या प्रिंसिपल सेक्रेटरी को वाइस चेयरपर्सन बनाया गया है. वहीं रिटायर्ड DGP ओपी सिंह को चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बनाया गया है. सोसायटी में गृह, स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल विकास, शहरी निकाय, विकास एवं पंचायत और कानून विभाग के प्रशासनिक सचिव शामिल होंगे.इसके अलावा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषाएं विभाग के महानिदेशक को वित्त संबंधी सदस्य और हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को प्रशासनिक सदस्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है.
पहले साल तीन बड़े लक्ष्य
सरकार ने SANKALP सोसाइटी के पहले साल के लिए तीन प्राथमिक लक्ष्य तय किए हैं. इनमें 25 साल से कम उम्र के लोगों में पहली बार दर्ज होने वाले NDPS मामलों में कमी लाना, पूरे राज्य में नशा मुक्ति और काउंसलिंग की क्षमता को प्रभावी बनाना तथा ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों को ‘SANKALP-Certified Nasha Mukt Villages and Wards’ के रूप में प्रमाणित करना शामिल है. इन लक्ष्यों को 2025-26 के बेसलाइन आंकड़ों के आधार पर मापा जाएगा.
स्कूल-कॉलेजों में भी चलेगा अभियान
सोसायटी स्कूल, कॉलेज और व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में ड्रग अवेयरनेस, नशे से इनकार करने की क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी शिक्षा को बढ़ावा देगी. इसके लिए एंटी ड्रग क्लब बनाने और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने का प्रावधान है. पंचायतों, स्थानीय निकायों, युवा क्लबों, धार्मिक नेताओं, मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सामाजिक संगठनों को भी अभियान से जोड़ने की योजना है.
SANKALP के पास नहीं होंगे पुलिस के अधिकार
महत्वपूर्ण बात यह है कि SANKALP सोसाइटी को पुलिस की तरह जांच, तलाशी, जब्ती, गिरफ्तारी या हिरासत की शक्तियां नहीं दी गई हैं. ये अधिकार NDPS Act और अन्य संबंधित कानूनों के तहत अधिकृत एजेंसियों के पास ही रहेंगे. सोसायटी मुख्य रूप से समन्वय, निगरानी, नीति, जागरूकता और उपचार पुनर्वास से जुड़े काम करेगी. जिला स्तर पर डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता वाली NCORD कमेटी को ही District SANKALP Coordination Committee के रूप में काम करने की व्यवस्था की गई है. यह कमेटी जागरूकता अभियान, स्कूल ऑडिट, नशा मुक्ति केंद्रों के लिए रेफरल और गांव स्तर की रिपोर्टिंग का काम करेगी तथा हर महीने की रिपोर्ट राज्य डैशबोर्ड में भेजेगी.
बनेगा अलग फंड
इसके अलावा SANKALP के लिए अलग फंड बनाया जाएगा, जिसमें राज्य बजट के आवंटन के साथ CSR, केंद्र सरकार, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों, दान और अन्य अनुमत स्रोतों से राशि प्राप्त की जा सकेगी. संस्था सालाना अपनी प्रगति रिपोर्ट सरकार को देगी, जिसमें प्राथमिक लक्ष्यों, वित्तीय स्थिति और जिला स्तर के प्रदर्शन का विवरण शामिल होगा.
