Home Latest News & Updates केरल में शिगेला इन्फेक्शन का कहर: जनवरी से अब तक पांच की मौत, 146 मामले सामने आए

केरल में शिगेला इन्फेक्शन का कहर: जनवरी से अब तक पांच की मौत, 146 मामले सामने आए

by Neha Singh 16 June 2026, 2:27 PM IST
16 June 2026, 2:27 PM IST
Kerala Shigella Infection

Shigella Infection Cases: केरल में शिगेला इन्फेक्शन का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के मुरलीधरन ने मंगलवार को जानकारी दी कि इस साल जनवरी से राज्य में शिगेला के 146 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 71 जून में सामने आए. एक रिव्यू मीटिंग की अध्यक्षता करने के बाद रिपोर्टर्स से बात करते हुए, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि शिगेला से हुई पांच मौतों में से एक मार्च में और बाकी चार जून में हुई थीं. जून के महीने में संक्रमण फैलने की रफ्तार और मौतों की संख्या बेहद चिंताजनक है.

कोझिकोड में सबसे ज्यादा फैला इन्फेक्शन

मिनिस्टर के दिए गए डेटा के मुताबिक, जनवरी से जून तक बैक्टीरियल इन्फेक्शन के सबसे ज़्यादा मामले 74 कोझिकोड से सामने आए, उसके बाद मलप्पुरम 25, जिसमें दो मौतें शामिल हैं और फिर तिरुवनंतपुरम में भी इन्फेक्शन के 25 मामले सामने आए. उन्होंने कहा कि इस साल अब तक राज्य के पठानमथिट्टा, पलक्कड़ और कासरगोड जिलों से शिगेला का कोई मामला सामने नहीं आया है.

जून में मौते के मामले

अधिकारियों के मुताबिक, मलप्पुरम जिले के पूक्कोट्टूर के रहने वाले 7 साल के अर्जव की सोमवार को कोझिकोड गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई. अर्जव को 12 जून को बुखार और डायरिया की शिकायत के बाद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां बाद में उसे शिगेला इन्फेक्शन होने की पुष्टि हुई. हेल्थ डिपार्टमेंट ने यह भी जानकारी दी कि 13 जून को त्रिशूर जिले के कोडकारा के 43 साल के एक आदमी की मौत भी इन्फेक्शन की वजह से हुई थी. हेल्थ सर्विसेज डायरेक्टरेट के डेटा के मुताबिक, सोमवार को तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, त्रिशूर, मलप्पुरम, कन्नूर और कोझिकोड जिलों से शिगेला के 8 नए केस सामने आए. इस साल राज्य में शिगेला के कुल केस बढ़कर 147 हो गए हैं, जिनमें से 71 जून में रिपोर्ट किए गए थे.

क्या है शिगेला

शिगेला एक बैक्टीरिया है, जिससे आंतों में शिगेलोसिस नाम का इन्फेक्शन होता है. इससे डायरिया, बुखार और पेट में ऐंठन होती है. यह मुख्य रूप से खराब खाने या पानी से और इन्फेक्टेड लोगों के संपर्क में आने से फैलता है. इस इन्फेक्शन का असर हल्का होता है, लेकिन कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं, जैसे-बच्चे और बुजुर्ग. इस इन्फेक्शन के लक्षण 1-2 दिन में दिखने लगते हैं. संक्रमित व्यक्ति को खूनी दस्त, पेट में तेज मरोड़, तेज बुखार और शरीर में पानी की कमी हो जाती है.

पैसे न देने से नाराज था सफाई कर्मचारी का बेटा, गोली मारकर की पिता की हत्या

News Source: PTI

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?