Home Latest News & Updates तमिलनाडु की विजय सरकार का बड़ा फैसला, मंदिरों के पैसों से घोषित ₹246 करोड़ का प्रोजेक्ट रद्द; जानें पूरा मामला

तमिलनाडु की विजय सरकार का बड़ा फैसला, मंदिरों के पैसों से घोषित ₹246 करोड़ का प्रोजेक्ट रद्द; जानें पूरा मामला

by Amit Dubey 20 June 2026, 1:23 PM IST (Updated 20 June 2026, 1:24 PM IST)
20 June 2026, 1:23 PM IST (Updated 20 June 2026, 1:24 PM IST)
TVK Government

TVK Government: बीते महीनों तमिलनाडु में हुए विधानसभा चुनाव में एक्टर से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके ने शानदार जीत हासिल की थी. उसके बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री स्टालिन की नेतृत्व वाली डीएमके की सरकार चली गई और तमिलनाडु के नए सीएम सी. जोसेफ विजय बने. सीएम बनते ही उन्होंने कई बड़े फैसले लिए और आय दिन अपने निर्णय से लोगों को चौंकाते रहते हैं.

इस बीच तमिलनाडु की टीवीके सरकार ने एक और बड़ा फैसला किया है. जी हां, मंदिर के पैसों (मंदिर निधि) का इस्तेमाल कर घोषित 246 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया है. इस प्रोजेक्ट की मंजूरी पिछली सरकार यानी कि सीएम स्टालिन की सरकार ने दी थी. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला.

246 करोड़ रुपये की परियोजनाएं रद्द

मिली जानकारी के अनुसार, तमिलनाडु की टीवीके सरकार ने पिछली डीएमके सरकार द्वारा मंदिर निधि का उपयोग करके 246 करोड़ रुपये की घोषित परियोजनाओं को रद्द कर दिया है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, शनिवार को एक अधिकारी ने बताया कि इस कदम से तमिलनाडु हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग के नियंत्रण में आने वाले मंदिरों को दिवालिया होने से भी बचाया जा सकेगा.

246 करोड़ रुपये की थीं 46 परियोजनाएं

बता दें कि प्रदेश में हिंदू मुन्नानी जैसे हिंदू संगठन मंदिर के कोष का व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए उपयोग करने और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लिए आवंटित धन को दूसरी जगह इस्तेमाल करने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. अब राज्य में टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार आने के बाद बड़ा फैसला किया गया है. 19 जून को सीएम विजय की सरकार के मानव संसाधन एवं पर्यावरण संरक्षण विभाग ने डीएमके सरकार द्वारा मंदिर निधि का उपयोग करके 246 करोड़ रुपये की लागत से 29 विवाह हॉल और 17 वाणिज्यिक परिसरों के निर्माण के लिए दी गई प्रशासनिक मंजूरी को रद्द कर दिया है. इन 46 परियोजनाओं की घोषणा तो हो चुकी है, लेकिन अभी तक इन्हें शुरू नहीं किया गया था. पीटीआई के अनुसार, एक अधिकारी ने बताया कि इन निधियों का उपयोग मंदिरों और श्रद्धालुओं के लाभ के लिए किया जाएगा.

राज्यपाल ने मंदिरों की संपत्तियों के इस्तेमाल पर क्या कहा?

मालूम हो कि 18 जून को, तमिलनाडु विधानसभा में अपने संबोधन में, राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने सरकार के दृष्टिकोण की रूपरेखा प्रस्तुत की थी. उन्होंने कहा था कि सरकार प्राचीन मंदिरों के प्रशासन में सुधार के लिए मानव संसाधन एवं पर्यावरण संरक्षण विभाग में संरचनात्मक सुधार करेगी.

मंदिर की सभी संपत्तियों, जमीनों और बंदोबस्ती से प्राप्त राजस्व का पूर्ण ऑडिट करने और पारदर्शी कम्प्यूटरीकृत अकाउंट सिस्टम शुरू करने के लिए उपाय किए जाएंगे. उन्होंने कहा था, “पहले से प्रचलित प्रशासनिक कुप्रथाओं को समाप्त कर दिया जाएगा और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि मंदिरों की सभी चल और अचल संपत्तियों का उपयोग केवल उनके पवित्र उद्देश्यों के लिए ही किया जाए.”

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News Source: PTI

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