Nand Gopal Nandi: उत्तर प्रदेश की राजनीति में अब धीरे-धीरे हलचल तेज होती जा रही है. कारण साफ है क्योंकि अगले साल फरवरी के बाद प्रदेश में विधानसभा का चुनाव होना है. बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में कई सारे फेरबदल हुए थे और कई नए चेहरों को भी जगह दी गई थी.
अब सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है. यूपी चुनाव से पहले प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी को एक झटका लगा है. राज्य सरकार ने इनसे यूपीडा यानी कि उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण का विभाग हटा दिया है. प्रदेश में विकास के लिए यह विभाग बहुत की खास होता है.
अब सीएम योगी को रिपोर्ट करेगा यूपीडा
मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी से एक्सप्रेसवे से संबंधित विभाग यूपीडा को हटा लिया गया है. विधानसभा चुनाव से पहले इसे नंदी के लिए झटका भी बताया जा रहा है. यूपी सरकार के सचिवालय प्रशासन अनुभाग-1 की ओर से जारी ऑफिशियल रिलीज में यह जानकारी दी गई है कि अब यूपीडा सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रिपोर्ट करेगा. इसकी वजह यह है कि इस विभाग को अब अवस्थापना विभाग से संबंध कर दिया गया है. अवस्थापना विभाग मुख्यमंत्री के ही पास है.

यूपीडा के जरिए बने ये खास एक्सप्रेसवे
जानकारी के अनुसार, यूपी के सचिवालय प्रशासन ने एक आदेश जारी करके यूपीडा को अवस्थापना विकास विभाग से जोड़ दिया है. बताया गया कि ये बदलाव बीते 27 मई को ही कर दिया गया था, लेकिन जनता के बीच आदेश की प्रति सार्वजनिक होने के बाद इसका खुलासा हुआ है. बता दें कि यूपीडा के माध्यम से ही प्रदेश में कई खास एक्सप्रेसवे बनाए गए हैं. इनमें पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और अब गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण भी इसी विभाग के जरिए किया गया है. इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यूपीडा विभाग की जिम्मेदारी कितनी अहम और बड़ी है.
प्रदेश की राजनीति में धीरे-धीरे हलचल तेज
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 से बीजेपी की सरकार है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं. प्रदेश में अगले साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है. इस आगामी चुनाव को लेकर यूपी की राजनीतिक गलियों में सियासी हलचल तेजी होती दिख रही है. सत्ताधारी बीजेपी और इसके गठबंधन की पार्टियों के अलावा विपक्षी दलों जैसे सपा, बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस समेत अन्य पार्टियां भी अब चुनावी मूड में दिख रही हैं. प्रदेश की कुल 403 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं.
यूपी के चुनाव देश की राजनीति के लिए काफी अहम माने जाते हैं. बताया जाता है कि जिसकी यूपी में सरकार बनती है, वह केंद्र सरकार में अहम प्रभाव डालता है. देश में जनसंख्या के हिसाब से यूपी भारत का सबसे बड़ा राज्य है, वहीं क्षेत्रफल के हिसाब से यह देश में राजस्थान के बाद दूसरे स्थान पर आता है. यहां लोकसभा की 80 सीटें हैं, जो केंद्र की राजनीति के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यूपी के अलावा देश के किसी भी एक राज्य में लोकसभा की 80 सीटें नहीं हैं.
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