IMRAN KHAN: रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की आंखों की रोशनी लगातार कम हो रही है और उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता की जरूरत है. यह दावा इमरान के बेटे कासिम ने किया है. कासिम खान ने बताया कि उनके पिता 73 वर्षीय इमरान खान पिछले 1,100 दिनों से जेल में अकेले बंद हैं. मार्च के बाद से परिवार को उनसे मिलने या बात करने की अनुमति नहीं मिली है. कासिम ने दावा किया कि उनके पिता की आंखों की रोशनी लगातार कम हो रही है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में तुरंत दखल देने की अपील की है.
5 अगस्त 2023 को हुए थे गिरफ्तार
पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर इमरान खान को 5 अगस्त 2023 को भ्रष्टाचार मामले में दोषी पाए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद उन पर कई अन्य मामले भी दर्ज किए गए, जिसके कारण वे लगातार जेल में हैं. परिवार ने जेल प्रशासन पर उनके इलाज में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं. 26 साल के कासिम खान और उनके 29 साल के भाई सुलेमान खान लंदन में रहते हैं. पाकिस्तान सरकार ने दिसंबर 2025 से इमरान खान की सभी तरह की मुलाकातों पर रोक लगा दी थी. यह रोक तब लगाई गई जब उन्होंने अपनी एक बहन के साथ बैठक के दौरान फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर को मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति कहा था.
लोगों को डरा-धमका रही सरकार
कासिम खान ने कहा कि हाल ही में मुझे उनकी बहुत याद आ रही है. मैं उनसे आम चीज़ों के बारे में बात करना चाहता हूं, जैसे मेरा क्रिकेट, मैं कौन सी किताबें पढ़ रहा हूं और कौन सी नई फ़िल्में अच्छी हैं, वगैरह. मैं समझता हूं कि पाकिस्तान के लोग अपने चुने हुए नेता को आज़ाद देखना चाहते हैं, लेकिन मुझे अपने पिता की पहले से कहीं ज़्यादा याद आ रही है. पाकिस्तान में सेना समर्थित व्यवस्था की कड़ी आलोचना करते हुए खान के बेटे ने कहा कि लेकिन यह सिर्फ़ एक पिता की बात नहीं है. यह पाकिस्तान और उसके भविष्य की बात है. उन्होंने कहा कि एक धांधली वाली, तानाशाही सरकार राजनीतिक विरोध को कुचल रही है. लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर कर रही है और लाखों पाकिस्तानियों को अपने नेता चुनने के अधिकार से वंचित कर रही है. साथ ही जो लोग अपनी बात रखते हैं उन्हें डरा-धमका रही है.
परिवार से मिलने पर भी रोक
कहा कि मैं एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करता हूं कि वे इस ओर से मुंह न मोड़ें. अन्याय के सामने चुप्पी उसे और बढ़ावा देती है. इससे पहले फरवरी में हिरासत में रहते हुए ब्लड क्लॉट (खून का थक्का) का इलाज समय पर न हो पाने के कारण इमरान खान की दाहिनी आंख की रोशनी बुरी तरह चली गई थी, जिससे उनकी देखने की क्षमता केवल 15 प्रतिशत ही रह गई थी. उनकी कानूनी टीम और उनकी पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने इलाज में लापरवाही को लेकर गंभीर चिंता जताई, जिसके बाद पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट को दखल देना पड़ा और उनकी जांच के लिए एक खास मेडिकल बोर्ड बनाने का आदेश दिया गया. इमरान खान के परिवार के सदस्यों और राजनीतिक नेताओं ने उन्हें अकेले रखने और स्वतंत्र निजी डॉक्टरों से मिलने की इजाज़त न दिए जाने को लेकर अधिकारियों की आलोचना की. हालांकि, सरकार का कहना है कि इमरान खान को ज़रूरी मेडिकल देखभाल दी जा रही है.
News Source: PTI
