CM Yogi: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजमगढ़ का गौरवशाली इतिहास रहा है. ऋषि-मुनियों की साधना से पवित्र यह धरती साहित्यिक साधना का केंद्रबिंदु रही है. देश को स्वतंत्र कराने का जज्बा इस जनपद में रहा है. जिस जनपद में हस्तशिल्प, कारीगर, किसान, ऊर्जावान युवा हैं, वह जनपद पहचान के लिए क्यों मोहताज हुआ. यह प्रश्न/पीड़ा लेकर मैं बार-बार आजमगढ़ आता हूं.
सीएम योगी शनिवार को आजमगढ़ में 955 करोड़ से अधिक लागत की 39 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के बाद जनसमूह को संबोधित कर रहे थे. सीएम ने घोषणा की कि महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में उनकी भव्य अश्वारोही प्रतिमा लगेगी. मुख्यमंत्री ने प्रशासन को पुरानी जेल को कन्वेंशन सेंटर के रूप में तैयार करने के लिए कार्ययोजना बनाने का भी निर्देश दिया.
पहचान को मोहताज था आजमगढ़, आज सबका सम्मान
सीएम ने कहा कि 2017 के पहले आजमगढ़ पहचान के लिए मोहताज था. तब यहां विश्वविद्यालय, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, हरिहरपुर में संगीत महाविद्यालय नहीं था. एयरपोर्ट भी ठीक से काम नहीं कर पा रहा था. आजमगढ़ की साड़ी और मुबारकपुर की ब्लैक पॉटरी को मंच नहीं मिल पा रहा था. अभी प्रदर्शनी में सबने अपने नई कहानी सुनाई. ब्लैक पॉटरी और साड़ी से जुड़े कारीगरों ने कहा कि जबसे यूपी में डबल इंजन की भाजपा सरकार आई, तबसे हमारा कारोबार कई गुना बढ़ा है. हम भी पैसा कमा रहे हैं, परिवार और हमसे जुड़े लोग भी सम्मान का जीवनयापन कर रहे हैं.
2014 के पहले भ्रष्टाचार था भारत की पहचान
सीएम ने कहा कि नया भारत दुनिया को लोहा मनवा रहा है, जबकि 2014 के पहले भारत की पहचान भ्रष्टाचार के नाम पर होती थी. दुनिया में सम्मान नहीं था. लोग देश की सुरक्षा में सेंध लगाते थे, सरकार मौन रहती थी और दुश्मन आंख दिखाता था. नक्सलवाद था, गरीब की सुनवाई नहीं थी लेकिन आज पीएम मोदी के नेतृत्व में हमारी पीढ़ी नए भारत का दर्शन कर रही है.
जितनी तेज गति, उतनी तेज प्रगति
सीएम योगी ने कहा कि आजमगढ़ में आज एयरपोर्ट, पूर्वांचल एक्सप्रेस है. लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज कहीं भी जाना हो फोरलेन की कनेक्टिविटी है. आज आजमगढ़ से एक घंटे में गोरखपुर, डेढ़ से दो घंटे में वाराणसी और ढाई घंटे में लखनऊ पहुंचते हैं. प्रगति का आधार गति होती है, जितनी तेज गति, उतनी तेज प्रगति. आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी व वाराणसी की साड़ी को एक जनपद-एक उत्पाद के माध्यम से मंच मिला है.
हरिहरपुर का संगीत घराना बढ़ा रहा शास्त्रीय संगीत की परंपरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिहरपुर का संगीत घराना शास्त्रीय संगीत की परंपरा को फिर से मंच प्रदान कर रहा है. निरहुआ जैसे कलाकार भोजपुरी की मिठास को दुनिया में पहुंचा रहे हैं. इस धरा पर वीर कुंवर सिंह ने 1857 में अंग्रेजों के छक्के छुड़ाए थे. यह साहित्यकार अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ की धरती है.
हर गलत काम के लिए बदनाम किया जाता था आजमगढ़
सीएम ने पूछा कि हर आतंकी घटना में क्यों संजरपुर का नाम आता था. हर गलत काम के लिए आजमगढ़ को क्यों बदनाम किया जाता था, क्योंकि तब सरकार नकारात्मक सोच रखती थी, स्वार्थ के लिए युवाओं का दुरुपयोग करती थी. गरीब के लिए स्वास्थ्य, आवास, शौचालय, राशन की सुविधा नहीं थी. युवाओं की नौकरी को लेकर सौदेबाजी होती थी. बेटी की सुरक्षा, पढ़ाई, शादी के लिए सरकार की कोई स्कीम नहीं थी. निराश्रित महिलाओं, बुजुर्गों व दिव्यांगजनों को महज 300 रुपये पेंशन मिलती थी. वह भी छह महीने में एक बार आती थी और उसमें आधा पैसा कमीशनखोरी में चला जाता था. आज सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर स्नातक की पढ़ाई के लिए व्यवस्था की है.
मंच पर ये रहें मौजूद
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर, अनिल राजभर, दारा सिंह चौहान, विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक, रामसूरत राजभर, विक्रांत सिंह ‘ऋशु’, पूर्व सांसद व भोजपुरी फिल्म अभिनेता दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, पूर्व मंत्री यशवंत सिंह, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय, आजमगढ़ के भाजपा जिलाध्यक्ष ध्रुव सिंह, लालगंज के जिलाध्यक्ष विनोद राजभर, राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंका मौर्या आदि उपस्थित रहे.
