CM Yogi: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर में गबन के मुद्दे पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला है. रामपुर में मंगलवार को उन्होंने दोनों विपक्षी दलों को ‘पाखंडी’ बताते हुए उनके बदले रुख की कड़ी आलोचना की. योगी ने कहा कि जो लोग पहले राम भक्तों पर हमला करते थे और भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे, वे आज आस्था की बात कर रहे हैं. उन्होंने याद दिलाया कि 2017 से पहले इन्हीं लोगों ने ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने वालों पर लाठीचार्ज करवाया था और आज वही राम भक्ति की वकालत कर रहे हैं. कहा कि जब राम भक्तों ने नारा लगाया ‘राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’, तो उन पर गोलियां चलाई गईं. आज वही लोग आस्था के नाम पर बोल रहे हैं.
रामपुर को मिली 690 करोड़ की सौगात
योगी ने ये बातें रामपुर में 690 करोड़ से ज़्यादा की लागत वाली 102 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कही. योगी ने यह जवाब तब दिया, जब विपक्षी दलों ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले चंदे में हेराफेरी को लेकर बीजेपी की आलोचना की थी और आरोप लगाया था कि उसने भगवान राम के साथ धोखा किया है. योगी ने कहा कि लोगों के विश्वास और चुनावी समर्थन की ताकत ने ही विपक्षी दलों को राम मंदिर पर अपना रुख बदलने के लिए मजबूर किया. उन्होंने कहा कि अब उन्हें अपने पिछले कामों पर पछतावा हो रहा होगा. समाजवादी पार्टी गलत रास्ते पर थी.
कांग्रेस और सपा को बताया पाखंडी
कहा कि कांग्रेस ने तो 2017 से पहले भगवान राम और भगवान कृष्ण के अस्तित्व पर ही सवाल उठाए थे, लेकिन आज वह कहती है कि भगवान राम सबके हैं. अब वे सभी अयोध्या जाने के लिए उत्सुक हैं. मंगलवार को कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल अयोध्या जाने वाला था. हालांकि, राज्य में पार्टी के प्रमुख अजय राय ने आरोप लगाया कि उन्हें शहर में नजरबंद कर दिया गया था. योगी ने सपा को पाखंडी बताया.
रामपुर में अपने भाषण में आदित्यनाथ ने हिंदू महाकाव्य रामायण का भी ज़िक्र किया और कहा कि भगवान राम के प्रति भक्ति ने ही भगवान हनुमान को सभी बाधाओं को पार करने की शक्ति दी थी. उन्होंने कहा कि चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है, विपक्ष की निराशा अयोध्या को एक सुंदर शहर के रूप में बदलते हुए देखने से उपजी है. इन विकास कार्यों को रोकने में नाकाम रहने के बाद, वे अब झूठ का सहारा ले रहे हैं क्योंकि जनता उन्हें पहले ही सबक सिखा चुकी है.
रामपुर के बदलाव का किया जिक्र
कहा कि 2017 के बाद से रामपुर (जिसे कभी मुश्किलों में घिरे SP के वरिष्ठ नेता आज़म खान का गढ़ माना जाता था) में आए बदलावों पर ज़ोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि BJP के सत्ता में आने के बाद ज़िले में काफ़ी बदलाव आया है. 2017 से पहले के रामपुर और आज के रामपुर की तुलना कीजिए. एक समय था जब गरीबों से उनकी ज़मीन छीन ली जाती थी और वाल्मीकि समुदाय के लोगों को उनके अधिकारों से वंचित रखा जाता था. कहा कि जब कोई सरकार मनमानी करने लगती है, तो वह अन्याय का प्रतीक बन जाती है. रामपुर की जनता ने उस सरकार को सत्ता से हटाकर एक संदेश दिया और आज यह ज़िला नए प्रोजेक्ट्स और अपनी विरासत पर नए सिरे से ध्यान देते हुए विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है.
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News Source: PTI
