मध्य प्रदेश से नितिन ठाकुर की रिपोर्ट
MP News : मध्य प्रदेश में एक वकील की हत्या के बाद मामला गरमाता जा रहा है. इस मामले में वकीलों ने जमकर हंगामा करना शुरू कर दिया है और कहा कि मृतक को तत्काल न्याय मिलना चाहिए.
MP News : मध्य प्रदेश के शिवपुरी में अधिवक्ता संजय सक्सेना की दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई. इसके बाद वकीलों ने मोर्चा खोल दिया और न्याय की गुहार लगाई. मध्य प्रदेश के सभी अधिवक्ताओं ने सोमवार को न्यायिक ‘प्रतिवाद दिवस’ मनाया. यह फैसला रविवार को एमपी स्टेट बार काउंसिल की ऑनलाइन बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया था. इसी बीच संजय सक्सेना की हत्या के बाद पूरे प्रदेश में वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा. अब वकीलों ने फैसला लिया है कि वह कोर्ट तक तो पहुंचेंगे लेकिन कोई काम नहीं होगा. इसके अलावा उन्होंने राज्य सरकार को भी अल्टीमेटम दे दिया है कि अगर कोई न्याय नहीं मिला तो वह प्रदर्शन जारी रखेंगे.
कानून व्यवस्था पर खड़े किए सवाल
शिवपुरी के करैरा में दो दिन पहले हुई इस वारदात ने कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. बताया जा रहा है कि एडवोकेट संजय सक्सेना जब कोर्ट के लिए निकले थे, तभी बदमाशों ने घात लगाकर उनकी हत्या कर दी. हालांकि, पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर में तीन आरोपियों को दबोच लिया है. इसके बाद भी वकीलों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. जमीन विवाद में सुपारी देकर कराई गई इस हत्या के विरोध में आज ग्वालियर हाई कोर्ट समेत सत्र न्यायालयों में सन्नाटा पसरा रहा. साथ ही अकेले ग्वालियर में में ही आज करीब 3 हजार मामलों में सुनवाई काफी प्रभावित रही. वहीं, पक्षकार लोग उम्मीद लेकर कोर्ट में पहुंच रहे हैं लेकिन वकीलों की हड़ताल की वजह से आज न्याय की कुर्सी खाली रहेगी.
पुलिस ने शुरू कर दी थी तुरंत जांच
वकीलों ने स्पष्ट मांग रखी है कि एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को कड़ाई से लागू किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह से किसी को निशाना बनाया जा सके. वहीं, मृतक के परिजनों ने शुरुआती में बयान में कहा था कि गांव के ही रहने वाले सुनील शर्मा और उनके परिजनों पर हत्या करवाने का आरोप लगाया था. पुलिस ने भी इस आरोप को गंभीरता से लिया और तत्काल जांच शुरू कर दी. फिलहाल पुलिस सभी कड़ियों को जोड़ते हुए मामले की तय तक पहुंचने के लिए लगातार काम कर रही है.
मालूम हो कि वकील की हत्या के लिए शूटर्स को तैनात किए गए थे. इस मामले में सुनील शर्मा, कमलेश शर्मा, नीरज शर्मा और साथी आशीष परिहार पर केस दर्ज कर लिया गया है. पुलिस का भी कहना है कि एडवोकेट की हत्या जमीन विवाद की वजह से हुई है. वहीं, वकील की हत्या के बाद कानून व्यवस्था पर भी सवाल खडे़ किए जा रहे हैं और खास बात यह है कि उनकी हत्या कोर्ट जाते समय हुई थी. वहीं, रास्ते की दूरी को कम करने के लिए वह जंगल की तरफ जाते थे और इस रास्ते पर लोगों की आवाजाही भी बहुत थी.
यह भी पढ़ें- राजस्थान: भिवाड़ी में पटाखा फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 7 की जलकर मौत, पुलिस को मिले कंकाल
