Akhilesh-Azam: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार (22 अक्तूबर) को अचानक रामपुर जिला जेल पहुंचकर पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में करीब 45 मिनट से एक घंटे तक लंबी बातचीत हुई, जिसके बाद अखिलेश सीधे आजम खान के आवास पर उनके परिजनों से मिलने भी गए. करीब एक साल के लंबे अंतराल के बाद हुई इस अचानक मुलाकात ने उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है. विपक्षी दल और राजनीतिक विश्लेषक इसे सपा मुखिया की कोई सहानुभूति नहीं, बल्कि आगामी 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को देखते हुए एक बड़ी ‘सियासी मजबूरी’ मान रहे हैं.
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ओवैसी के दखल ने बढ़ाई चिंता
इस दौरे की टाइमिंग को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर अखिलेश को इतने समय बाद आजम खान की याद क्यों आई? दरअसल, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में रामपुर में एक बड़ी जनसभा की थी. ओवैसी ने अपनी रैली में अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया था कि सपा केवल मुसलमानों का वोट लेती है, लेकिन जब उनके नेताओं (जैसे आजम खान) पर संकट आता है, तो अखिलेश उनका साथ छोड़ देते हैं.

ओवैसी ने रामपुर में आजम खान की रिहाई और मुस्लिम नेतृत्व का मुद्दा उठाकर सपा के कोर वोट बैंक में सीधे सेंध लगाने की कोशिश की है. राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, अखिलेश यादव को यह साफ अहसास हो गया है कि यदि ओवैसी यूपी में मुस्लिम मतदाताओं को साधने में सफल रहे, तो सपा के ‘M-Y’ (मुस्लिम-यादव) समीकरण का मुख्य आधार ढह सकता है. यदि मुस्लिम मतदाता सपा से छिटक कर ओवैसी या अन्य विकल्पों की तरफ गए, तो सपा को आगामी चुनावों में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
राजनीतिक गणित और ‘PDA’ की रणनीति
आजम खान भले ही जेल में बंद हों, लेकिन रामपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुस्लिम समाज में उनका राजनीतिक रसूख आज भी कायम है. अखिलेश यादव जानते हैं कि आजम खान के परिवार की नाराजगी दूर किए बिना वे मुस्लिम मतदाताओं का भरोसा दोबारा नहीं जीत सकते. जेल से बाहर आने के बाद अखिलेश यादव ने ओवैसी पर पलटवार करते हुए तंज कसा और कहा कि भाजपा सरकार ने आजम खान के परिवार के साथ घोर अन्याय किया है, जिसके खिलाफ सपा एकजुट होकर लड़ेगी. अखिलेश ने साफ किया कि 2027 के चुनाव में उनका पूरा फोकस ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक), सामाजिक न्याय और सच्चाई पर रहेगा. इस प्रकार, आजम खान से यह मुलाकात केवल एक शिष्टाचार भेंट नहीं थी, बल्कि ओवैसी के बढ़ते प्रभाव को रोकने और अपने पारंपरिक मुस्लिम वोट बैंक को बांधे रखने के लिए अखिलेश यादव का एक सोचा-समझा रणनीतिक कदम है.
बीजेपी का आरोप- आजम खान को SP बनाएगी गृह मंत्री
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की रामपुर जिला जेल में आजम खान से मुलाकात पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. बीजेपी ने आरोप लगाया कि इस मुलाकात से विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी की प्राथमिकताओं का पता चलता है. बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने दावा किया कि अगर समाजवादी पार्टी सत्ता में आती है, तो वह आजम खान को राज्य का गृह मंत्री बनाने की योजना बना रही है. तावड़े ने खान पर अराजकता को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया.
आजम खान पर बदले की भावना से कार्रवाई
पिछले साल रामपुर की एक अदालत ने आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को फर्जी पैन कार्ड (जन्म तिथि में गड़बड़ी से जुड़े मामलों) के लिए दोषी ठहराया था और उन्हें सात साल की जेल की सजा सुनाई थी. दिन में हेलीकॉप्टर से रामपुर पहुंचे अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर आजम खान के खिलाफ राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया और कहा कि उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए गए हैं. एक घंटे तक चली मुलाकात के बाद यादव ने कहा कि किसी भी राजनीतिक परिवार ने उतना अन्याय नहीं झेला है, जितना आजम खान के परिवार ने झेला है. यादव ने बताया कि उन्होंने खान के साथ सभी 403 सीटों पर लंबी बातचीत की है. साथ ही, उन्होंने चुनाव को लेकर पार्टी के गठबंधन सहयोगियों से मिले सुझावों पर भी चर्चा की.

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आजम ने पार्टी हित में दिए सुझाव
यादव ने कहा कि आजम खान ने किसी विधानसभा सीट की मांग नहीं की, बल्कि कुछ सुझाव दिए, जिन्हें नोट कर लिया गया है. राम राज्य की अवधारणा का जिक्र करते हुए यादव ने आरोप लगाया कि इससे जुड़ी न्याय और निष्पक्षता की भावना को यहां कमजोर किया जा रहा है. रामपुर जैसी जगह पर कभी राम राज्य की जो भावना हुआ करती थी, उसे कुचल दिया गया है. इस जगह का नाम ही रामपुर है, और आपसे बेहतर कौन जान सकता है कि यहां राम राज्य की भावना को किस तरह दबाया और नष्ट किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि झूठे मुकदमों में सच को कैद रखने की ताकत नहीं है. इसमें समय लग सकता है, थोड़ी देरी हो सकती है, लेकिन सच को झूठे मुकदमों में कैद करके नहीं रखा जा सकता.
बीजेपी ने शिक्षा को पहुंचाया नुकसान
यादव ने भाजपा सरकार पर शिक्षा को कमजोर करने और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया, जो खान से जुड़ी एक संस्था है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस यूनिवर्सिटी को बर्बाद करने की साजिश रची गई थी, जबकि इसे शिक्षा के एक केंद्र और युवाओं के लिए अपना भविष्य संवारने के एक अवसर के रूप में देखा गया था. यादव ने कहा कि यूनिवर्सिटी, शिक्षा और युवाओं का भविष्य संवारने को लेकर आज़म खान ने जो सपना देखा था, उसे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता पूरा करेंगे. भाजपा पर शिक्षा और ज्ञान के प्रति कोई खास सम्मान न रखने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इस पार्टी की नीतियों ने शैक्षणिक संस्थानों को नुकसान पहुंचाया है.
सपा का रामपुर के साथ भावात्मक रिश्ता
यादव ने आगे आरोप लगाया कि खान को झूठे मुकदमों में फंसाने के लिए भ्रष्ट अधिकारियों का इस्तेमाल किया गया. उन्होंने दावा किया कि कुछ अधिकारी अब धीरे-धीरे उन लोगों से दूरी बना रहे हैं जो इन कामों के लिए जिम्मेदार थे. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हम पहली बार रामपुर नहीं आए हैं. समाजवादी पार्टी और यहां के लोगों के बीच का रिश्ता राजनीतिक होने के साथ-साथ भावनात्मक भी है. उन्होंने कहा कि खान और समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय पर आधारित व्यवस्था बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं. यादव ने बीजेपी पर चुनावी धांधली का आरोप भी लगाया और 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के दौरान चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी पार्टी के आरोपों को फिर से दोहराया.
बीजेपी को हराना सपा का मुख्य लक्ष्य
सपा अध्यक्ष ने कहा कि बीजेपी को हराना उनकी पार्टी का मुख्य राजनीतिक लक्ष्य है. उन्होंने दावा किया कि पार्टी कार्यकर्ता 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं. उत्तर प्रदेश में 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का सीधा लक्ष्य बीजेपी को हराना है.
पार्टी का हर कार्यकर्ता इसके लिए तैयार है. खान की सेहत के बारे में यादव ने कहा कि अब उनकी तबीयत पहले से बेहतर है, लेकिन जेल में रहने से जुड़ी मुश्किलें अभी भी बनी हुई हैं. बाद में, सपा प्रमुख ने आजम खान की पत्नी तजीन फातिमा से उनके आवास पर मुलाकात की. यादव की इस मुलाकात पर प्रतिक्रिया देते हुए, बीजेपी के उत्तर प्रदेश प्रभारी तावड़े ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी का आजम खान, जो दंगों के मास्टरमाइंड हैं, को राज्य का गृह मंत्री बनाने का सपना, राज्य के विकास को पटरी से उतार देगा और इसे बर्बादी की ओर ले जाएगा.
PDA का सपना कभी नहीं होगा पूरा : तावड़े
तावड़े ने ‘X’ पर लिखा कि राज्य में दंगे और अराजकता! PDA (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) का सपना कभी पूरा नहीं होगा!2013 के मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए तावड़े ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता को याद है कि कैसे पिछली समाजवादी पार्टी सरकार ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूरे राज्य को दंगों और अराजकता के दौर में धकेल दिया था. तावड़े ने आगे कहा कि यह सपना कभी पूरा नहीं होगा.

इससे पहले, 5 अक्टूबर 2025 को जब खान कुछ समय के लिए ज़मानत पर बाहर थे, तब सपा प्रमुख ने रामपुर जाकर उनके आवास पर उनसे और उनके परिवार से मुलाकात की थी. इसके बाद, 7 नवंबर 2025 को खान लखनऊ गए और वहां यादव के आवास पर उनसे मुलाकात की. खान को हेट स्पीच (नफरत भरे भाषण) के अलग-अलग मामलों (2022 और 2023 में), छजलाट सड़क जाम करने के मामले (2023), फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले (2023), डोंगरपुर में घर में तोड़फोड़ के मामले (2024) और रामपुर के पूर्व डीएम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले (मई 2026) में भी दोषी ठहराया गया था. खान ने इन दोषसिद्धियों को अपीलों के ज़रिए चुनौती दी है.
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