Home Top News बिहार चुनाव: 29-30 अक्टूबर को राहुल गांधी का दौरा, महागठबंधन अभियान को मिलेगी नई गति

बिहार चुनाव: 29-30 अक्टूबर को राहुल गांधी का दौरा, महागठबंधन अभियान को मिलेगी नई गति

by Sanjay Kumar Srivastava 26 October 2025, 4:08 PM IST (Updated 2 February 2026, 5:18 PM IST)
26 October 2025, 4:08 PM IST (Updated 2 February 2026, 5:18 PM IST)
Rahul Gandhi

Bihar Election: बिहार में कांग्रेस का चुनाव अभियान छठ पूजा के तुरंत बाद शुरू होगा, जिसमें विपक्ष के नेता राहुल गांधी I.N.D.I.A ब्लॉक के लिए प्रचार करेंगे.

Bihar Election: बिहार में कांग्रेस का चुनाव अभियान छठ पूजा के तुरंत बाद शुरू होगा, जिसमें विपक्ष के नेता राहुल गांधी I.N.D.I.A ब्लॉक के लिए प्रचार करेंगे. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) वेणुगोपाल ने कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित पार्टी के अन्य नेता भी राज्य में प्रचार करेंगे. उन्होंने पीटीआई वीडियो को बताया कि छठ पूजा के तुरंत बाद हमारा अभियान शुरू हो जाएगा. मुझे लगता है कि राहुल गांधी 29 और 30 अक्टूबर को यहां आएंगे. प्रियंका गांधी वाड्रा और मल्लिकार्जुन खड़गे के दौरे भी प्रस्तावित हैं. वेणुगोपाल कांग्रेस के उन वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं जो पार्टी को मजबूत करने के लिए चुनावी राज्य बिहार में डेरा डाले हुए हैं. साथ ही वे पार्टी कार्यकर्ताओं के संकट को दूर करने की कोशिश भी कर रहे हैं.

टिकट कटने से लोग होते हैं नाराजः गहलोत

जब राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि हर चुनाव में कई लोग टिकट की ख्वाहिश रखते हैं और जब उनकी उम्मीदें टूट जाती हैं तो वे नाराज हो जाते हैं. लेकिन मैं उन सभी से अपील करूंगा कि चुनाव खत्म होने तक अपनी शिकायतें जाहिर न करें. उन्होंने कहा कि हम इतिहास रचने की दहलीज पर हैं. वरिष्ठ नेता ने कहा कि राजद नेता तेजस्वी यादव को महागठबंधन का मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित करने से सकारात्मक संकेत गया है. उन्होंने कहा कि एक युवा राजनेता में हमेशा कड़ी मेहनत करने का जुनून होता है, उसे पता होता है कि अगर वह लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता है, तो वह अपना करियर बर्बाद कर लेगा. जेडी(यू) अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए गहलोत ने आरोप लगाया कि उन्होंने बहुत ज़्यादा राजनीतिक उलटफेर करके अपनी प्रतिष्ठा धूमिल कर ली है. अपने राजनीतिक जीवन के अंतिम पड़ाव पर उन्हें इस बात पर विचार करना चाहिए कि वे किस गहरे स्तर पर गिर गए हैं.

नीतीश से ऊब चुकी जनता

गहलोत ने कहा कि एक समय उन्हें देश का प्रधानमंत्री बनने के योग्य समझा जाता था. अब बिहार की जनता उनसे ऊब चुकी है. वे बदलाव के लिए वोट देना चाहते हैं. उन्होंने चुनावी बॉन्ड का उदाहरण देते हुए भाजपा पर “जनता को लूटने” का भी आरोप लगाया, जिसका सबसे बड़ा लाभार्थी वह तब तक रही जब तक कि सुप्रीम कोर्ट ने इसे असंवैधानिक घोषित नहीं कर दिया. गहलोत ने आरोप लगाया कि लेकिन अफसोस की बात है कि चुनावी बॉन्ड के ज़रिए उन्होंने जो पैसा कमाया था, वह उनके पास ही रहता है. वे चुनावों के दौरान इसका इस्तेमाल मतदाताओं को रिश्वत देने के लिए करते हैं. विपक्षी नेताओं को एक-दो करोड़ के लेन-देन के लिए ईडी और सीबीआई के नोटिस मिलते हैं, लेकिन भाजपा बेखौफ लाखों खर्च कर रही है. उन्होंने आगे कहा कि यहां तक कि बिहार में हाल ही में शुरू की गई योजना, जिसके तहत चुनावों की घोषणा से कुछ दिन पहले एक करोड़ महिलाओं के खातों में 10,000 रुपये ट्रांसफर किए गए, वोट खरीदने की कोशिश के अलावा कुछ नहीं थी. वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने दावा किया कि लोगों ने खेल को समझ लिया है.

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