Building Collapse: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक पांच मंजिल इमारत ढह गई. मलबे में कई छात्रों के दबे होने की आशंका है. हादसे में तीन की मौत हो गई, जबकि पांच की हालत गंभीर है. NDRF ने 11 लोगों को बचाया है. दिल्ली फायर सर्विस के एक अधिकारी ने बताया कि 12 दमकल गाड़ियां और पुलिस टीमें मौके पर भेजी गई हैं और बचाव कार्य चल रहा है. घटना के बाद, आपातकालीन सेवा के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और मलबे में फंसे लोगों की संख्या और नुकसान का पता लगाने की कोशिश शुरू की. यह बिल्डिंग पेइंग गेस्ट के तौर पर इस्तेमाल होती थी. पुलिस ने भवन मालिक आनंद बंसल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है.
12 दमकल गाड़ियां मौके पर
एक चश्मदीद ने बताया कि जब बिल्डिंग गिरी, तो उसके अंदर कम से कम 50 स्टूडेंट्स के होने का अनुमान था. उन्होंने कहा कि रविवार होने की वजह से ज़्यादातर स्टूडेंट्स घर पर ही थे. बचाव कार्य में मदद के लिए 12 दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गई हैं. यह इलाका दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास है. यहां बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं. हादसे के बाद इलाके में धूल का गुबार उठ गया और अफरातफरी मच गई.
पुलिस ने इलाके को चारों तरफ से घेरा
पुलिस टीमें भी मौके पर पहुंचीं हैं. पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी है, जबकि आपातकालीन कर्मियों ने खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया है. स्थानीय लोगों और चश्मदीदों ने बताया कि वे तुरंत बचाव कार्य में शामिल हो गए. मलबे के नीचे फंसे लोगों को खोजने का काम शुरू कर दिया. DFS ने बताया कि दमकलकर्मियों ने मलबे से कुछ लोगों को बचाया और इलाज के लिए पास के अस्पतालों में पहुंचाया. हालांकि, फंसे हुए, बचाए गए या घायल लोगों की संख्या के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
खाली कराए गए आसपास के मकान
ढही हुई इमारत के बारे में चश्मदीदों के बयान अलग-अलग हैं. जहां कुछ स्थानीय लोगों ने इसे घर बताया, वहीं दूसरों ने कहा कि इसका इस्तेमाल छात्रों के हॉस्टल के तौर पर किया जा रहा था. मौके पर मौजूद कुछ लोगों को शक है कि मलबे के नीचे 15 से ज़्यादा लोग फंसे हो सकते हैं, लेकिन इस संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. घटनास्थल की तस्वीरों में मलबे के नीचे एक पैर फंसा हुआ भी दिखा. दमकल अधिकारी उस व्यक्ति को बचाने के लिए मलबा हटा रहे थे. फिलहाल, दिल्ली पुलिस ने घटना या इमारत गिरने की वजहों के बारे में कोई बयान जारी नहीं किया है. दमकल विभाग यह पता लगाने की भी कोशिश कर रहा है कि क्या अंदर कोई और फंसा हुआ है. पुलिस लगातार स्थानीय लोगों और तमाशबीनों को घटनास्थल से दूर रहने की सलाह दे रही है. एहतियात के तौर पर बगल की इमारत को खाली करा लिया गया है.
बचाव कार्य युद्धस्तर परः रेखा गुप्ता
उधर, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है. एहतियात के तौर पर आसपास के मकानों को भी खाली करा दिया गया है. सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि एहतियात के तौर पर बगल की इमारत को खाली करा लिया गया है. उन्होंने कहा कि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद पहुंचाने की हर संभव कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि स्थिति पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है. सभी संबंधित एजेंसियां आपस में तालमेल बैठाकर काम कर रही हैं. दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने भी बताया कि बचाव और राहत कार्य चल रहे हैं और टीमें मौके पर मौजूद रहकर ज़रूरी मदद पहुंचा रही हैं. उन्होंने कहा कि हम स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं. संबंधित टीमों को निर्देश दिए हैं कि वे वहां मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर ज़रूरी कदम उठाएं. हमारे नागरिकों की सुरक्षा और भलाई हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
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