Home Top News TMC और BJP के खिलाफ CPI(M) निकालेगी ‘बांग्ला बचाओ यात्रा’, सियासी जमीन करेगी तैयार

TMC और BJP के खिलाफ CPI(M) निकालेगी ‘बांग्ला बचाओ यात्रा’, सियासी जमीन करेगी तैयार

by Sachin Kumar 18 November 2025, 2:03 PM IST (Updated 18 November 2025, 2:15 PM IST)
18 November 2025, 2:03 PM IST (Updated 18 November 2025, 2:15 PM IST)

West Bengal Politics : आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सीपीएम ने हुंकार भरी है. पार्टी ने ममता सरकार के खिलाफ राज्य में 1 हजार किलोमीटर यात्रा निकालने का फैसला किया है.

West Bengal Politics : पश्चिम बंगाल में अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने वाले हैं और उससे पहले सभी राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कसना शुरू कर दिया है. वर्तमान में TMC की सरकार को घेरने के लिए विपक्षी पार्टियों सड़कों पर उतरने के लिए तैयार है. इसी कड़ी में सीपीआई (एम) ने ‘बांग्ला बचाओ यात्रा’ का एलान किया है. यह यात्रा पूरे राज्य में 1,000 किलोमीटर की होगी. सीपीएम ने कहा कि यह यात्रा टीएमसी की अगुवाई वाली राज्य सरकार द्वारा राज्य में किया जा रहा अन्याय, लूट और लोकतांत्रिक गिरावट के खिलाफ होगी. साथ ही BJP की अगुवाई वाली केंद्र की जनविरोधी नीतियों का भी मुकाबला करेगी, जिन्होंने पूरे बंगाल में संकट को और गहरा कर दिया है.

28 दिनों तक चलेगी राज्य में यात्रा

पश्चिम बंगाल में कभी मजबूत रही लेफ्ट अब राज्य चुनाव में सीट पाने के लिए काफी संघर्ष कर रही है और अब उम्मीद है कि इस यात्रा के माध्यम से अपने कैडर में जोश भरेगी और वोटरों से फिर से जुड़ेगी, जिससे 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले एक जोरदार राजनीतिक सर्दी का माहौल तैयार होगा. यह यात्रा 29 नवंबर से 17 दिसंबर तक चलेगी, उत्तर बंगाल के कूच बिहार जिले के तूफानगंज से शुरू होगी और उत्तर 24 परगना जिले के कमरहाटी खत्म होगी. यह 11 जिलों और आसपास के कई इलाकों में 1 हजार किलोमीटर दूरी तय करेगी. इसी बीच सीपीआई (एम) ने कहा कि यह रूट बंगाल के हर उस हिस्से से जुड़ने के लिए डिजाइन किया गया है जिसे गलत शासन की वजह से नुकसान हुआ है.

दोनों सरकारों ने बंगाल में रोजी-रोटी का खतरा पैदा किया

पार्टी ने कहा कि रैली ग्रामीण हेल्थकेयर और स्कूलिंग के स्तर के गिरावट से लेकर किसानों, प्रवासी मजदूरों, चाय बागान मजदूरों, बीड़ी मजदूरों और गिग-इकॉनमी से कमाने वालों की परेशानियों तक, की समस्या सामने लेकर आएगी. इसके अलावा सीपीएम ने दावा किया कि दोनों सरकारों ने अपने-अपने स्तरों पर बंगाल में रोजी-रोटी और लोकतांत्रिक संकट को और बढ़ा दिया. जहां पर टीएमसी का आरोप है कि उसने लूट, धमकी और जबरदस्ती से चलने वाला शासन चलाया है. वहीं, केंद्र में बीजेपी ने जन-विरोधी आर्थिक नीतियां अपनाई हैं, जिससे बेरोजगारी, महंगाई और ग्रामीण पहले मुकाबले काफी गहरा गया है. सीपीएम के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने सोमवार रात कोलकाता में चुनिंदा पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि बांग्ला बचाओ यात्रा का मकसद राज्य की स्थिति में सुधारात्मक आंदोलन होगा. सलीम ने कहा कि बंगाल सरकार ने राज्य को लूट, भ्रष्टाचार, कुशासन और अभाव की कहानी बना दिया.

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