Home Top News नेपाल में विनाशकारी बाढ़ की असली वजह आई सामने, चीन और नेपाल के विशेषज्ञों ने खोला राज

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ की असली वजह आई सामने, चीन और नेपाल के विशेषज्ञों ने खोला राज

by Sanjay Kumar Srivastava 28 August 2026, 4:17 PM IST
28 August 2026, 4:17 PM IST
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ की असली वजह आई सामने, चीन और नेपाल के विशेषज्ञों ने खोला राज

Flood Glacier: चीन और नेपाल के विशेषज्ञों के अनुसार, तिब्बत-नेपाल बॉर्डर पर आई विनाशकारी बाढ़ का कारण नेपाल में अधिक ऊंचाई पर ग्लेशियर का टूटना है. इस प्राकृतिक आपदा में अब तक नेपाल में 469 और तिब्बत में तीन लोगों की मौत हो चुकी है, साथ ही बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है.चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने शुक्रवार को बताया कि दोनों देशों की सरकारी संस्थाओं के शुरुआती आकलन में आपदा की वजह ग्लेशियर टूटना ही सामने आई है. चीन का यह रुख साफ करता है कि बीजिंग और काठमांडू इस त्रासदी के मुख्य कारण को लेकर पूरी तरह एकमत हैं. इस आपदा में बहुत से लोगों की मौत हुई और बस्तियों, सड़कों, पुलों व पनबिजली के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा.

ल्हेंडे नदी से टकराया था बर्फ और चट्टानों का मलबा

नेपाली अधिकारियों के शुरुआती आकलन और गुरुवार को अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के विश्लेषण में ग्लेशियर के टूटने और मलबे के बहाव को इस आपदा का कारण बताया गया है. बर्फ और चट्टानों का मलबा (एवलांच) ल्हेंडे नदी से टकराया, जिससे कुछ समय के लिए नदी का बहाव रुक गया. बाद में प्राकृतिक रुकावट टूट गई और पानी का एक विशाल रेला नीचे की ओर भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में बह निकला. तिब्बत घूमने गए भारत के लापता और फंसे हुए पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के बारे में लिन ने कहा कि जानकारी की पुष्टि की जा रही है. हमने संबंधित देशों के दूतावासों को पहले ही सूचित कर दिया है और हम उनके संपर्क में रहेंगे.

1,000 से अधिक लोग बचाए गए

सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि तिब्बत-नेपाल सीमा के पास ग्यिरोंग काउंटी से 1,000 से अधिक लोगों (जिनमें 555 पर्यटक शामिल हैं) को सुरक्षित बाहर निकाला गया है. इस इलाके में भयानक अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आई थी. सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ के अनुसार, अब उस इलाके में कोई भी पर्यटक फंसा हुआ नहीं है. राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी इस आपदा पर नेपाल के राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल को शोक संदेश भेजा.

नेपाल की मदद करेगा चीन

इस बीच, शी की अध्यक्षता में चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक में कहा गया कि यह आपदा एक बहुत ठंडे पठारी इलाके में आई, जहां खड़ी घाटियां, बदलता मौसम, कई ग्लेशियर और ग्लेशियल झीलें हैं, साथ ही भू-वैज्ञानिक खतरे भी हैं. इन सब वजहों से आपातकालीन बचाव कार्यों में बड़ी चुनौतियां आती हैं. बैठक में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि सभी संबंधित अधिकारियों और विभागों को बचाव कार्यों के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए. इसमें कहा गया कि खोज और बचाव की योजनाएं वैज्ञानिक तरीके से बनाई जानी चाहिए. लापता सभी चीनी और विदेशी नागरिकों को खोजने और बचाने के लिए हर संभव कोशिश की जानी चाहिए. साथ ही, यह भी कहा गया कि चीन नेपाल के आपदा प्रभावित इलाके में आपातकालीन सहायता देगा और अंतरराष्ट्रीय बचाव सहयोग में भी हिस्सा लेगा.

नेपाल की बाढ़ का असर: UP और बिहार में हाई अलर्ट, गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोले गए

News Source: PTI

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?