Jabalpur Communal Tension : मध्य प्रदेश में एक बार सांप्रदायिक घटना देखने को मिली है. हालांकि, पुलिस ने स्थिति पर काबू पा लिया है और आगे की जांच कर रही है. साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है.
- मध्य प्रदेश से नितिन ठाकुर की रिपोर्ट
मध्य प्रदेश के जबलपुर में दो पक्षों के बीच तनाव पैदा हो गया. जिले के सिहोरा इलाके में गुरुवार की रात उस समय विवाद हो गया, जब आजाद चौक स्थित दुर्गा मंदिर में तोड़फोड़ की घटना के बाद दो समुदाय में वैमनस्य फैल गया. यह विवाद इस हद तक बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच में जमकर मारपीट और पथराव हो गया. इसके बाद स्थिति को नियंत्रण लेने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. फिलहाल पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है.
10 मिनट में ही अफरा-तफरी माहौल बन गया
बताया जा रहा है कि यह आजाद चौके वार्ड नंबर-5 की है और इस इलाके को अतिसंवदेनशील माना जाता है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात करीब 9 बजे दुर्गा मंदिर में आरती चल रही थी, तभी पास की मस्जिद में नमाज का भी समय था. इसी दौरान एक युवक ने मंदिर की ग्रिल तोड़ दी, जिससे वहां मौजूद श्रद्धालु भडक़ गए. देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों पक्षों की ओर से ईंट-पत्थर चलने लगे. पथराव होने के बाद इलाके में 10 मिनट में ही अफरा तफरी का माहौल बना रहा.
पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले
इलाके में भारी पथराव के बाद लोगों ने पुलिस को इस घटना की सूचना दी, जहां पर सिहोर में पुलिस टीमें मौके पर पहुंच गईं. इसके बाद बेकाबू हालातों को काबू में करने के लिए पुलिस ने मुख्यालय से अतिरिक्त बल बुलाया. SSP संपत उपाध्याय खुद मौके पर पहुंचे और मोर्चा संभाला. वहीं, उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा. पुलिस ने लाउडस्पीकर के जरिए लोगों से घरों के अंदर रहने की अपील की है.
घटना के समय भोपाल में मौजूद सिहोरा विधायक संतोष बरकड़े के अनुसार उन्होंने तत्काल SP और SDOP से बात कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. उन्होंने पुष्टि की कि आरती के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों के घुसने से विवाद शुरू हुआ था. वहीं, जबलपुर के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा को भी पूरी घटना से अवगत करा दिया गया है.
वर्तमान स्थिति और जांच
पुलिस प्रशासन का कहना है कि अब स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात है. पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय गवाहों के आधार पर पत्थरबाजी करने वालों और विवाद की मुख्य वजह की बारीकी से जांच कर रही है. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांति भंग करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
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