Home Top News नंदीग्राम के बाद रेजीनगर में भी ड्रामा! रबीउल आलम ने पहले छोड़ा मैदान, फिर वापस लिया फैसला

नंदीग्राम के बाद रेजीनगर में भी ड्रामा! रबीउल आलम ने पहले छोड़ा मैदान, फिर वापस लिया फैसला

by Sachin Kumar 19 September 2026, 3:30 PM IST (Updated 19 September 2026, 3:31 PM IST)
19 September 2026, 3:30 PM IST (Updated 19 September 2026, 3:31 PM IST)
Mamata Rejinagar bypoll candidate announces withdrawal

West Bengal News: पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम के बाद रेजिनगर उपचुनाव को लेकर भी सियासी घटनाक्रम ने नाटकीय मोड़ ले लिया है. ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने शनिवार को पहले अपना नामांकन वापस लेने की घोषणा की, लेकिन कुछ ही घंटों बाद ही उन्होंने अपना फैसला बदल दिया. रबीउल आलम चौधरी ने बाद में कहा कि वह रेजिनगर उपचुनाव में मैदान में बने रहेंगे. उन्होंने बताया कि ममता बनर्जी से बातचीत और पार्टी नेतृत्व के साथ चर्चा के बाद उन्होंने अपना फैसला बदला है. रेजिनगर में 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है.

दीदी को बता दिया अपना फैसला: चौधरी

यह पूरा ड्रामा ममता की पार्टी की नंदीग्राम उपचुनाव उम्मीदवार संचिता प्रधान डे द्वारा मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ बैठक के बाद अपनी उम्मीदवारी वापस लेने के एक दिन बाद हुआ है. TMC के पूर्व विधायक रबीउल आलम चौधरी ने कहा कि मेरे लिए जमीनी स्तर के उन कार्यकर्ताओं को प्रेरित करना मुश्किल हो रहा है जो लगातार उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं. साथ ही इतने कम समय में मतदाताओं को नए फुटबॉलर चुनाव चिह्न से परिचित कराना भी एक कठिन काम है. उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए मैंने कल रात दीदी को अपने फैसले के बारे में बता दिया था.

‘मिशन MP’ पर राहुल गांधी : मालवा से गरजेगी ‘छात्रों की गूंज’, 1 घंटे युवाओं से करेंगे सीधी बात

मैं उपचुनाव जरूर लड़ूंगा

अपना नामांकन वापस लेने के कुछ घंटों बाद ही चौधरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मैं उपचुनाव जरूर लड़ूंगा. पार्टी प्रमुख के दखल के बाद पुलिस ने मुझे सुरक्षा का भरोसा दिलाया है. साथ ही मेरी पार्टी प्रमुख से बातचीत हुई और उन्होंने मुझे चुनावी मैदान से न हटने का निर्देश दिया. उन्होंने बताया कि मैं बेलडांगा पुलिस स्टेशन के अधिकारियों से मिला हूं और उन्होंने मुझे चुनाव प्रचार का भरोसा दिलाया है. यही वजह है कि मैं अपने फैसले को वापस ले रहा हूं. मैं यह उम्मीद करता हूं कि हमारे किसी भी कार्यकर्ता को उत्पीड़न का सामना न करना पड़े. भले ही मेरे साथ 10 कार्यकर्ता हो.

तीखी तकरार के बाद फुटबॉलर चिह्न मिला

वहीं, ममता की पार्टी के नाम फूल और घास चिह्न को लेकर काफी तीखी तकरार होने के बाद चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस (ममता गुट) को फुटबॉलर चुनाव चिह्न दे दिया है. साथ ही इसका ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम दिया गया है. अरूप रॉय के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ प्रतीक दिया है. शिक्षक भर्ती घोटाले की वजह से अपनी नौकरी गंवाने वाली ममता गुट की नंद्रीग्राम से उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने शुक्रवार को अपना नामांकन वापस ले लिया था. वहीं, अचानक खाली सीट पर ममता बनर्जी ने कांग्रेस के नंदीग्राम उम्मीदवार को मिलन प्रधान के लिए समर्थन की घोषणा कर दी. उन्होंने कांग्रेस को बहन पार्टी बताया और कहा कि इस कदम का उद्देश्य 6 अक्टूबर के उपचुनाव से पहले इंडिया ब्लॉक मजबूत करना है.

DUSU चुनाव: NSUI के विजय मीणा 494 वोटों से आगे, इन दो पदों पर ABVP को बढ़त

News Source: PTI

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?