DU Election Result: डूसू चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने एक बार फिर परचम लहराया है. ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद पर जीत दर्ज की है. वहीं, उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकिन ने बाजी मारी है. इस चुनाव में NSUI को निराशा हाथ लगी है. उसका कोई भी उम्मीदवार किसी पद पर जीत दर्ज नहीं कर सका. वहीं, अध्यक्ष पद के चुनाव में एक समय ऐसा लग रहा था कि NSUI उम्मीदवार बाजी मार सकता है, लेकिन आखिरी दौर तक चली कांटे की टक्कर में ABVP उम्मीदवार यश डबास ने 1044 मतों से जीत दर्ज की.
इन उम्मीदवारों ने जीता चुनाव
| पद | विजेता | संगठन | वोट |
|---|---|---|---|
| अध्यक्ष | यश डबास | अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) | 1,044 |
| उपाध्यक्ष | दीपांशु शौकीन | निर्दलीय | 13,527 |
| सचिव | रिया छावड़ी | अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) | 5,883 |
| संयुक्त सचिव | लक्ष्यराज सिंह | अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) | 129 |
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संघ की सामूहिक ताकत की जीत
ABVP के यश डबास 24,576 वोटों से प्रेसिडेंट पद पर जीत दर्ज की है. इसी बीच उन्होंने कहा कि यह आपसी भाईचारे, देशभक्ति और संघ की सामूहिक ताकत की जीत है. PU से लेकर DU तक के संस्थानों के छात्रों ने हमारी जीत पक्की करने के लिए काम किया है. NSUI कैंपस से पूरी तरह साफ हो गई है. NSUI 4-0 से हारी है. हमारी मुख्य प्राथमिकता यह पक्का करना होगा कि हर PG और हॉस्टल का सेफ्टी ऑडिट हो. हम सबने सत्य निकेतन में हुई दुर्घटना देखी है. हम नहीं चाहते कि भविष्य में किसी के साथ ऐसी घटना हो और यही हमारी पहली प्राथमिकता होगी. हर कॉलेज, हॉस्टल और PG का सेफ्टी ऑडिट करवाना. विद्यार्थी परिषद पिछली बार 3-1 से जीती थी और इस बार भी 3-1 से जीती है. अगली बार हम 4-0 से जीतेंगे.
छात्रों ने मुझ पर जो भरोसा किया
वहीं, DUSU VP पद पर जीत दर्ज करने वाले निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शोकीन ने कहा कि बहुत अच्छा लग रहा है कि छात्रों ने मुझ पर जो भरोसा किया और उस पर वे खरे उतरे. छात्रों ने ही मेरा पूरा चुनाव अभियान चलाया और मुझे बहुत समर्थन दिया. मुझे लगा कि जिस लड़ाई को लड़ने मैं आया था. खुद को छात्रों का सच्चा प्रतिनिधि साबित करना और उस भूमिका को सही ठहराना. उसे मैंने यहाँ सफलतापूर्वक पूरा किया. नंगे पैर चलने से होने वाली शारीरिक तकलीफ मुझे लगातार याद दिलाती रही. इसने मुझे याद दिलाया कि यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले 1.5 लाख छात्रों को भी अपनी रोज़मर्रा की जिंदगी में कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. मैंने संकल्प लिया कि अगर मौका मिला, तो मैं उन मुद्दों को हल करने की कोशिश करूंगा. एक ऐसा वादा जिसे मैंने तब से निभाया है. छात्रों से किए गए वादों और उनके सामने आने वाले मुद्दों के बारे में मेरा इरादा छात्रों को आवाज देना है. इस बार एक जवाबदेह DUSU होगा.
DU चुनाव एक तरह से जनमत संग्रह
दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) चुनाव के नतीजों पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन का चुनाव बहुत अहम और प्रतीकात्मक है. ABVP ने एक बार फिर बड़ी जीत हासिल करके अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है. कांग्रेस पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई यानी DUSU चुनाव में कांग्रेस को फिर से जीरो मिला है. मैं ABVP के उन सभी उम्मीदवारों को दिल से बधाई देना चाहता हूं जिन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन चुनाव में जीत की आदत बना ली है. ‘झूठ का शोर’ खत्म हो गया है और छात्रों ने साफ-साफ अपनी बात कह दी है. दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन का चुनाव एक तरह से जनमत संग्रह है और इसने युवाओं की आवाज़ को सामने रखा है.
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