Home Latest News & Updates मेडिकल स्टोर की कमाई पर UPI का असर! 0.4% चार्ज और GST को लेकर गुजरात के केमिस्टों ने उठाई आवाज

मेडिकल स्टोर की कमाई पर UPI का असर! 0.4% चार्ज और GST को लेकर गुजरात के केमिस्टों ने उठाई आवाज

by Nikul Patel 19 September 2026, 4:17 PM IST
19 September 2026, 4:17 PM IST
Gujarat Chemists Association opposition charges UPI payments

Gujarat News: गुजरात के केमिस्ट एसोसिएशन ने मेडिकल स्टोर पर दवाओं की बिक्री के दौरान UPI भुगतान से जुड़े चार्ज को लेकर विरोध जताया है. गुजरात केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन और अहमदाबाद केमिस्ट एसोसिएशन का कहना है कि मेडिकल स्टोर संचालकों को दवाओं की बिक्री पर पहले से ही सीमित मार्जिन मिलता है. ऐसे में UPI भुगतान पर लगने वाला 0.4 प्रतिशत चार्ज और उस पर GST छोटे व्यापारियों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ पैदा कर सकता है.

मेडिकल स्टोर संचालकों की कमाई पर पड़ेगा असर

केमिस्ट एसोसिएशन के मुताबिक, केंद्र सरकार की ओर से मेडिकल स्टोर के लिए दवाओं पर मार्जिन तय किया गया है. ऐसे में जब किसी दवा की बिक्री पर पहले से सीमित मार्जिन उपलब्ध है, तब डिजिटल भुगतान से जुड़े अतिरिक्त शुल्क का असर सीधे मेडिकल स्टोर संचालकों की कमाई पर पड़ सकता है. एसोसिएशन ने इसे खास तौर पर छोटे मेडिकल स्टोर के लिए चिंता का विषय बताया है.

दवाओं के कारोबार में मार्जिन अधिक नहीं होता

गुजरात केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट जसवंतभाई पटेल ने कहा कि दवाओं के कारोबार में मार्जिन बहुत अधिक नहीं होता. ऐसे में UPI भुगतान पर चार्ज और GST का अतिरिक्त भार छोटे व्यापारियों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. एसोसिएशन का कहना है कि मेडिकल स्टोर संचालकों को अपने कारोबार में कई तरह के खर्चों का सामना करना पड़ता है और सीमित मार्जिन के बीच डिजिटल पेमेंट का अतिरिक्त खर्च उनकी परेशानी बढ़ा सकता है.

अहमदाबाद केमिस्ट एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट अमित पटेल ने भी UPI भुगतान से जुड़े चार्ज को लेकर आपत्ति जताई है. एसोसिएशन का कहना है कि मेडिकल स्टोर पर आने वाले ग्राहकों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जो दवाओं का भुगतान UPI के जरिए करते हैं. ऐसे में डिजिटल भुगतान को लेकर चार्ज की व्यवस्था का सीधा असर मेडिकल स्टोर और ग्राहकों दोनों पर पड़ सकता है.

परेशानी बढ़ने की संभावना जताई

केमिस्ट एसोसिएशन की ओर से खास तौर पर 2 हजार रुपये से अधिक की दवाओं के भुगतान का मुद्दा उठाया गया है. एसोसिएशन का कहना है कि 2 हजार रुपये से अधिक की दवा का भुगतान UPI के जरिए लेने में परेशानी हो सकती है और ऐसे मामलों में कैश भुगतान की स्थिति बन सकती है. हालांकि, इससे ग्राहकों के लिए परेशानी बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है, क्योंकि वर्तमान समय में बड़ी संख्या में लोग कैश की जगह UPI के जरिए भुगतान करना पसंद करते हैं.

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दवाएं कोई सामान्य खरीदारी नहीं

मेडिकल स्टोर संचालकों का कहना है कि दवाएं कोई सामान्य खरीदारी नहीं हैं. कई बार मरीज या उनके परिजन अचानक बड़ी रकम की दवाएं खरीदते हैं और उस समय उनके पास पर्याप्त कैश उपलब्ध नहीं होता. ऐसे में UPI भुगतान उनके लिए सुविधाजनक माध्यम बन गया है. यदि बड़ी रकम के भुगतान को लेकर UPI पर प्रतिबंध या अतिरिक्त चार्ज की स्थिति बनती है तो इसका असर ग्राहकों की सुविधा पर भी पड़ सकता है. गुजरात केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन और अहमदाबाद केमिस्ट एसोसिएशन ने सरकार से इस मामले पर स्पष्टता की मांग की है.

टैक्स की व्यवस्था पर विचार किया जाए

एसोसिएशन का कहना है कि छोटे मेडिकल स्टोर संचालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए डिजिटल भुगतान से जुड़े शुल्क और टैक्स की व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए. फिलहाल UPI भुगतान को लेकर केमिस्ट एसोसिएशन के विरोध के बाद यह मुद्दा गुजरात के दवा बाजार में चर्चा का विषय बन गया है. अब देखना होगा कि सरकार और संबंधित एजेंसियों की ओर से इस मामले में क्या स्पष्टीकरण सामने आता है और मेडिकल स्टोर संचालकों की मांग पर क्या कदम उठाया जाता है.

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