Umashankar Singh Death: बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का लंबी बीमारी के बाद 55 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है. वे कैंसर से पीड़ित थे और 5 अगस्त की देर शाम दिल्ली में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली. उमाशंकर सिंह यूपी के बलिया के रसड़ा से बसपा के इकलौते विधायक थे.
सिंह के निधन पर यूपी की पूर्व सीएम और बसपा सुप्रीमो मायावती ने शोक व्यक्त किया है. उन्होंने गुरुवार को कहा कि पार्टी विधायक उमाशंकर सिंह का निधन पार्टी और उनके रसड़ा निर्वाचन क्षेत्र की जनता दोनों के लिए एक बड़ी क्षति है. मायावती ने कहा कि उमाशंकर सिंह उन्हें अपनी बहन की तरह मानते थे और वे उन्हें राखी भी बांधती थीं.
VIDEO | Lucknow: BSP chief Mayawati pays tributes to late party MLA Uma Shankar Singh, says, "Since joining the BSP, Uma Shankar Singh served the party with complete honesty, dedication, and loyalty. He faithfully discharged every responsibility entrusted to him. While working in… pic.twitter.com/jJwM9uhvoD
— Press Trust of India (@PTI_News) August 6, 2026
सिंह के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ- मायावती
दिल्ली में निधन के बाद उमाशंकर सिंह के पार्थिव शरीर को लखनऊ स्थित आवास पर रखा गया था. यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि सिंह ने पार्टी में शामिल होने के बाद से पूरी ईमानदारी, समर्पण और निष्ठा के साथ बसपा की सेवा की और राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बावजूद कभी भी पार्टी के साथ विश्वासघात नहीं किया.
मायावती ने कहा, “जैसा कि आप सभी जानते हैं, उमा शंकर सिंह ने बसपा में शामिल होने के बाद से हर जिम्मेदारी को ईमानदारी, निष्ठा और वफादारी से निभाया. उन्होंने हमेशा अपने निर्वाचन क्षेत्र के साथ-साथ समाज के लिए भी काम किया. लंबी बीमारी के बाद उनके निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है.” शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि बसपा इस कठिन समय में उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी.
उन्होंने मुझे अपनी बहन की तरह माना- मायावती
बसपा सुप्रीमो मायावती ने दिवंगत विधायक के साथ अपने घनिष्ठ व्यक्तिगत संबंधों को याद करते हुए कहा कि सिंह उन्हें अपनी बहन की तरह मानते थे और हर साल मैं उन्हें राखी बांधती थी. उन्होंने कहा, “वह एक व्यवसायी थे और अक्सर देखा जाता है कि सत्ता परिवर्तन के साथ ही व्यवसायी भी राजनीतिक दल बदल लेते हैं. लेकिन राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बावजूद, उन्होंने कभी बसपा के साथ विश्वासघात नहीं किया. उन्होंने मुझे अपनी बहन की तरह माना.”
बसपा प्रमुख ने कहा कि सिंह जनसेवा के प्रति समर्पित रहे और जरूरत के समय अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के लिए हमेशा उपलब्ध रहे.
उमाशंकर सिंह के साथ मायावती की आखिरी मुलाकात
उमाशंकर सिंह के साथ अपनी आखिरी मुलाकातों में से एक को याद करते हुए मायावती ने कहा कि खराब स्वास्थ्य के बावजूद उन्होंने उनसे मिलने पर जोर दिया था. मायावती ने कहा, “मैंने उनसे कहा था कि मैं उनके घर आ जाऊंगी, लेकिन उन्होंने मुझसे मिलने आने पर जोर दिया. उनका स्नेह ऐसा ही था.”
मायावती ने यह भी संकेत दिया कि पार्टी राजनीतिक क्षेत्र में सिंह के परिवार का समर्थन करने को तैयार है. उन्होंने कहा, “उनका एक बेटा और एक विवाहित बेटी है. पूरे परिवार ने हमेशा मेरा बहुत सम्मान किया है. अगर परिवार चाहे तो मैं उनके बेटे को राजनीति में मौका दूंगी और उसे पूरा समर्थन दूंगी. हालांकि, यह ऐसे मामलों पर चर्चा करने का समय नहीं है, फिर भी मैं परिवार को आश्वस्त करना चाहती थी कि बसपा उनके साथ खड़ी है.”
बलिया में होगा अंतिम संस्कार
बता दें कि यूपी में उमाशंकर सिंह बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक थे. वे बलिया के रसड़ा से एमएलए थे. जानकारी के अनुसार, उमाशंकर सिंह ने रसड़ा विधानसभा से तीन बार जीत दर्ज की थी और विधायक बने थे.
दिल्ली में 5 अगस्त को कैंसर से निधन होने के बाद उमाशंकर सिंह के पार्थिव शरीर को लखनऊ लाया गया. बताया जा रहा है कि सिंह के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए बलिया ले जाया जाएगा. उमाशंकर सिंह के निधन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई राजनीतिक हस्तियों ने दुख जताया है.
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News Source: PTI
