Delhi Markets: दिवाली का त्योहार करीब है और दिल्ली के बाजारों में कारोबारियों को अच्छे व्यापार की उम्मीद है. लेकिन रैलियों, धरना-प्रदर्शनों और ट्रैफिक जाम ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है. अब चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा है. उन्होंने 11 नवंबर यानी भैया दूज तक सेंट्रल दिल्ली और पुरानी दिल्ली के प्रमुख इलाकों में रैली, धरना और प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने की मांग की है. व्यापारियों का कहना है कि लगातार हो रहे प्रदर्शनों से उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल के मुताबिक, 1 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 के बीच दिल्ली के व्यापार को करीब 14,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. उनका दावा है कि अक्टूबर में रोजाना होने वाले छोटे-बड़े प्रदर्शनों के कारण कनॉट प्लेस, जनपथ, पालिका बाजार, खान मार्केट, करोल बाग और पहाड़गंज जैसे इलाकों में जाम लगा रहा. इससे रिटेल कारोबार, होटल, रेस्टोरेंट और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को करीब 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.
11 हजार करोड़ का नुकसान!
CTI के आंकड़ों के अनुसार, 1 नवंबर को रामलीला मैदान में हुई महारैली के कारण व्यापार को करीब 11,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. संगठन का दावा है कि रामलीला मैदान के आसपास पांच किलोमीटर के दायरे में मौजूद करीब 3 लाख दुकानों में से लगभग 2.5 लाख दुकानें बंद रहीं. इसके चलते रिटेल और थोक कारोबार को करीब 8,800 करोड़ रुपये की चोट पहुंची. व्यापारियों का कहना है कि धनतेरस और दिवाली से ठीक पहले बाजारों में ग्राहकों की भारी भीड़ आने की उम्मीद थी. आसपास के शहरों और कस्बों से लाखों लोग खरीदारी के लिए दिल्ली पहुंचते हैं, लेकिन जाम और ट्रैफिक प्रतिबंधों के डर से कई ग्राहक बाजारों तक नहीं आए.
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दिहाड़ी मज़दूरों पर भी मार
इसका असर सिर्फ दुकानों तक सीमित नहीं रहा. CTI के मुताबिक, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को 1,500 करोड़ रुपये, होटल-रेस्टोरेंट और टूरिज्म सेक्टर को 500 करोड़ रुपये और दिहाड़ी मजदूरों तथा अनौपचारिक क्षेत्र को करीब 200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. संगठन का कहना है कि माल की आवाजाही रुकने से ट्रक, टेंपो और दूसरे वाहनों का काम प्रभावित हुआ. वहीं, दुकानों और बाजारों में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों, रेहड़ी-पटरी वालों और मजदूरों की दिहाड़ी भी मारी गई.
सामने रखीं तीन मांगें
CTI ने पुलिस कमिश्नर से तीन प्रमुख मांगें की हैं. पहली, 11 नवंबर तक कनॉट प्लेस, जंतर-मंतर, रामलीला मैदान और इंडिया गेट जैसे इलाकों में किसी भी रैली या प्रदर्शन की अनुमति न दी जाए. दूसरी, प्रदर्शनों के लिए बुराड़ी, अलीपुर, जसोला और यमुना खादर जैसे वैकल्पिक मैदानों का इस्तेमाल किया जाए. तीसरी, दिवाली तक सेंट्रल दिल्ली में ट्रांसपोर्ट और पार्किंग व्यवस्था सुचारू रखी जाए.
अब चाबियां सौंपने की बारी
बृजेश गोयल का कहना है कि 6 नवंबर को धनतेरस, 8 नवंबर को दिवाली और 11 नवंबर को भैया दूज है. ये दिन व्यापारियों के लिए साल के सबसे अहम कारोबारी दिनों में शामिल हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस दौरान भी बाजारों का कारोबार प्रभावित हुआ तो व्यापारी अपनी दुकानों की चाबियां प्रदर्शन आयोजकों को सौंप देंग. फिलहाल CTI की ये मांग दिल्ली पुलिस के सामने है. अब देखना होगा कि त्योहारों के इस बिजी सीजन में व्यापारियों को राहत मिलती है या नहीं.
News Source: ANI
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