Home Top News ‘मैं दो-चार दिनों में…’, भूख हड़ताल खत्म करने और संसद मार्च पर सोनम वांगचुक ने कह दी बड़ी बात

‘मैं दो-चार दिनों में…’, भूख हड़ताल खत्म करने और संसद मार्च पर सोनम वांगचुक ने कह दी बड़ी बात

by Amit Dubey 16 July 2026, 11:01 AM IST (Updated 16 July 2026, 11:48 AM IST)
16 July 2026, 11:01 AM IST (Updated 16 July 2026, 11:48 AM IST)
Sonam Wangchuk

Sonam Wangchuk: नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का धरना-प्रदर्शन जारी है. इस प्रोटेस्ट के 25 दिन से अधिक हो चुके हैं. वहीं, देश के जाने माने शिक्षाविद् और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने भी CJP के इस प्रदर्शन का अपना समर्थन दिया है. वे जंतर मंतर के पास धरना-प्रदर्शन वाली जगह पर सीजेपी के इस प्रोटेस्ट में बीते 28 जून से शामिल हैं.

वे तब से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. उनके भूख हड़ताल के आज गुरुवार को 19 दिन हो चुके हैं. इस दौरान वांगचुक की हालत भी खराब होती जा रही है, लेकिन उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को खत्म करने के बजाय लोगों से आगामी 20 जुलाई को संसद भवन तक मार्च में शामिल होने का आह्वान किया है. आइए जानते हैं पूरी खबर.

अगर मैं खाना खा लूं, तो क्या संदेश जाएगा- सोनम

हंगर स्ट्राइक की वजह से सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य गिरता जा रहा है. उनका वजन 8 किलो से अधिक कम हो चुका है. वे बस नमक-पानी ले रहे हैं. उनकी बिगड़ती हालत को लेकर कई लोगों ने चिंता व्यक्त की और उनसे भूख हड़ताल को खत्म करने की अपील की है. लेकिन सोनम ने इसके लिए मना कर दिया है. न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, सोनम वांगचुक ने राजनीतिक नेताओं और समर्थकों की अपील के बावजूद अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करने से इनकार कर दिया है. उनका कहना है कि सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर अनशन तोड़ना गलत संदेश देगा.

उन्होंने कहा, “अगर मैं खाना खा लूं, तो क्या संदेश जाएगा? सरकार को यह संदेश जाएगा कि जवाबदेही की कोई जरूरत नहीं है. प्रदर्शनकारी बैठते हैं और चले जाते हैं…” वांगचुक ने कहा और पूछा कि अगर वह अनशन खत्म कर दें तो क्या बदलेगा.

मेरी हालत ऐसी नहीं है कि मैं मर जाऊंगा- वांगचुक

बुधवार रात को जारी एक वीडियो संदेश में – अपनी भूख हड़ताल के 18वें दिन – वांगचुक ने कहा, “मुझे हजारों संदेश मिले हैं जिनमें मुझसे उपवास तोड़ने का अनुरोध किया गया है. कई वरिष्ठ राजनेता मेरे पास आए हैं और उन्होंने मुझसे स्नेह और चिंता व्यक्त की है.”

उन्होंने कहा, “मेरी हालत ऐसी नहीं है कि मैं दो-चार दिनों में मर जाऊंगा. कई हेल्थ टेस्ट किए गए हैं और 18 दिनों के उपवास (भूख हड़ताल) के हिसाब से परिणाम बिल्कुल सामान्य हैं. ईसीजी भी किया गया है और रिपोर्ट भी ठीक है. मैं कई और दिनों तक उपवास जारी रख सकता हूं.” उन्होंने कहा, “हां, कमजोरी तो है और मेरी मांसपेशियां कमजोर हो रही हैं, लेकिन मेरा दिल और शरीर की मांसपेशियां अभी भी ठीक हैं.”

20 जुलाई को हजारों की संख्या में आइए- वांगचुक

वांगचुक ने लोगों से अनशन समाप्त करने की अपील करने के बजाय, समर्थकों से 20 जुलाई को सीजेपी द्वारा प्रस्तावित “चलो संसद” मार्च में बड़ी संख्या में भाग लेने का आग्रह किया, ताकि सरकार को एक संदेश भेजा जा सके. उन्होंने कहा, “मैं सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत 20 जुलाई को अनुभवात्मक शिक्षा दिवस के रूप में मनाने का अनुरोध करता हूं. छात्रों को राजनीति विज्ञान और लोकतंत्र के वास्तविक पाठ को देखने और उसमें भाग लेने का अवसर मिलेगा.”

उन्होंने लोगों से अभियान की वेबसाइट या मिस्ड कॉल पहल के माध्यम से मार्च के लिए पंजीकरण करने की अपील की. वांगचुक ने कहा, “20 जुलाई को हजारों की संख्या में आइए. हम सब मिलकर इस मुद्दे को संसद को सौंपेंगे. तब मुझे विश्वास होगा कि यह सही हाथों में चला गया है.”

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News Source: PTI

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