Home Top News इलाज से इनकार! वांगचुक ने किया IV फ्लूइड और दवा लेने से मना; डॉक्टरों ने भी की अपील

इलाज से इनकार! वांगचुक ने किया IV फ्लूइड और दवा लेने से मना; डॉक्टरों ने भी की अपील

by Sachin Kumar 18 July 2026, 5:13 PM IST (Updated 18 July 2026, 5:16 PM IST)
18 July 2026, 5:13 PM IST (Updated 18 July 2026, 5:16 PM IST)
Sonam Wangchuk refuses IV fluids medication

Jantar Mantar : 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को शनिवार को दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर से उठा ले गई. दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई को सही ठहराते हुए दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों और विशेषज्ञ डॉक्टरों का हवाला दिया. पुलिस ने उन्हें इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवा दिया है. इसी बीच अस्पताल के डॉक्टर्स का कहना है कि वांगचुक को डिहाइड्रेशन और मेटाबोलिक गड़बड़ी के लक्षण होने के बावजूद उन्होंने IV फ़्लूइड, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन और दूसरी दवाएं लेने से मना कर दिया है. वांगचुक का कहना है कि उनकी सेहत को ध्यान में रखते हुए उन्हें इलाज कराने के लिए लगातार मॉनिटर और समझाया जा रहा है.

बेहोश होने की नहीं है कोई समस्या

59 वर्षीय वांगचुक को दिल्ली पुलिस अस्पताल लाई थी और सुबह 7:40 पर उन्हें अस्पताल में भर्ती करवा दिया था. उन्हें 20 दिनों से ठोस खाना न खाने और सामान्य कमजोरी की समस्या थी. अस्पताल ने हेल्थ बुलेटिन में कहा कि उन्हें बेहोश होने की कोई समस्या नहीं है. हालांकि, जब उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था उस वक्त होश में थे. इस दौरान उनकी पल्स प्रेशर, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन सैचुरेशन स्थिर थे. अस्पताल ने बताया कि उनमें डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखे थे.

दवा लेने से किया इनकार

बताया जा रहा है कि ब्लड गैस एनालिसिस से पता चला है कि उन्हें ‘कम्पेन्सेटेड एसिडोसिस’ था, सीरम पोटैशियम कम था और ब्लड शुगर 78 mg/dl था. दोबारा सीरम पोटैशियम टेस्ट में अभी कोई लक्षण नहीं आया है. अस्पताल ने बताया कि भर्ती होने के समय यूनिनरी कीटोन 1+ थे, जो दोपहर एक बजे तक बढ़कर 3+ हो गए. हालांकि, उन्हें नस के जरिए तरल पदार्थ (IV फ़्लूड) देने की दी गई थी. मरीज ने नस के जरिए दिए जाने वाले तरल पदार्थ, ओरल रिहाइड्रेशन फ्लूड या किसी भी अन्य दवा को लेने से भी इनकार कर दिया.

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वहीं, वांगचुक के इलाज के लिए लगातार उनकी निगरानी रखी जा रही है. मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने यह भी बताया कि डॉक्टर उनके परिवार को भी समझा रहे हैं कि बिना देरी किए इलाज शुरू करने की अनुमति दी जाए. अस्पताल से छुट्टी देने की मांग की. उन्होंने मरीज की मेडिकल देखभाल में पारदर्शिता की कमी का भी आरोप लगाया.

सुरक्षा बढ़ा दी गई

दिल्ली पुलिस ने बताया कि शनिवार को जंतर-मंतर और उसके आस-पास के कुछ हिस्सों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. यह कदम तब उठाया गया जब पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत 20 दिन की भूख हड़ताल के दौरान बिगड़ गई थी. उन्होंने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में दिल्ली पुलिस कर्मियों और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है. प्रदर्शनकारियों और आने वालों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए प्रमुख स्थानों पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं और सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है. पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने PTI को बताया कि वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेशानुसार उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

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