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जंतर-मंतर से हटाए गए सोनम वांगचुक, क्या खत्म हो जाएगा CJP का प्रदर्शन? जानें अब तक क्या हुआ

by Amit Dubey 18 July 2026, 5:24 PM IST (Updated 18 July 2026, 5:25 PM IST)
18 July 2026, 5:24 PM IST (Updated 18 July 2026, 5:25 PM IST)
Sonam Wangchuk

Sonam Wangchuk: जंतर-मंतर पर बीते 20 दिनों से शिक्षाविद् और जानेमाने पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक अनशन पर थे. वे केवल नमक-पानी पीकर भूख हड़ताल कर रहे थे. इस बीच आज उनके अनशन के 21वें दिन दिल्ली पुलिस भारी सुरक्षा के साथ उन्हें अस्पताल लेकर चली गई. बताया गया कि वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी और उनका 9 किलो से अधिक वजन कम हो गया था.

दिल्ली पुलिस वांगचुक को एम्बुलेंस से सफदरजंग अस्पताल में लेकर गई, जहां उन्हें भर्ती करा दिया गया है. वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर जारी धरना-प्रदर्शन को खत्म करने की पुलिस ने अपील की है. अब सवाल यह है कि जंतर-मंतर से सीजेपी के नेतृत्व में जारी धरना-प्रदर्शन से सोनम वांगचुक को हटाए जाने के बाद क्या यह प्रदर्शन अब खत्म हो जाएगा या फिर और मजबूत होगा? आइए जानते हैं कि अब तक इस प्रदर्शन में क्या-क्या हुआ है, कौन-कौन से नेता और प्रमुख लोगों ने इसे सपोर्ट किया है. शुरुआत हम 6 जून से जारी धरना प्रदर्शन को लेकर करेंगे.

पेपर लीक और धरना-प्रदर्शन की शुरुआत

बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के द्वारा आयोजित होने वाली मेडिकल की परीक्षा NEET-UG 2026 को बीते दिनों 3 मई को परीक्षा होने के बाद रद्द कर दिया गया था. इस प्रवेश परीक्षा के जरिए देश भर में मेडिकल में ग्रेजुएशन के लिए एडमिशन होता है. पेपर लीक होने के बाद एनटीए ने यह कार्रवाई की थी. इस मामले में सीबीआई की जांच जारी है. पेपर लीक होने के बाद देश के कई हिस्सों में इसको लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई गई. कई लोगों ने इस मामले में सरकार की नाकामयाबी बताया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करने लगे. इस दौरान कई बच्चों ने सुसाइड भी कर लिए और फिर नीट पेपर लीक का यह मामला और भी तूल पकड़ लिया.

हालांकि, सरकार ने पेपर लीक के इस मामले में कार्रवाई करते हुए इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी और इसको लेकर कई लोगों की गिरफ्तारियां भी हुईं. इस बीच सरकार ने 21 जून 2026 को फिर से नीट की परीक्षा कराने का ऐलान कर दिया.

वहीं, नीट पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया. कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में बीते 6 जून से सीजेपी ने देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांति पूर्ण धरना-प्रदर्शन की शुरुआत की.

नीट री एग्जाम के रिजल्ट

बीते दिनों नीट यूजी परीक्षा (NEET Re-Exam) के नतीजे आए गए थे. इसमें पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पंशुल गुप्ता ने संयुक्त रूप से टॉप किया. इन दोनों ने कुल 720 में से 715 अंक हासिल किए. इस परीक्षा में 11.21 लाख स्टूडेंट्स सफल हुए. इस दौरान 58 प्रतिशत से अधिक लड़कियों ने बाजी मारी है. 19 स्टूडेंट्स ने 720 में से 700 से अधिक अंक हासिल किए. वहीं, जनरल कैटेगरी से 2.91 लाख, ओबीसी से 5.12 लाख, एससी से 1.59 लाख और एसटी कैटेगरी से 63,716 विद्यार्थी सफल हुए.

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सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल शुरू

नीट यूजी पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर 6 जून से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का धरना-प्रदर्शन शुरू हुआ. उसके बाद इस धरना को देश के जाने माने शिक्षाविद् और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक का भी सपोर्ट मिला. उन्होंने CJP के इस प्रदर्शन का अपना समर्थन दिया. वे जंतर मंतर के पास धरना-प्रदर्शन वाली जगह पर सीजेपी के इस प्रोटेस्ट में बीते 28 जून से शामिल हुए.

वे तब से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे. उनकी भूख हड़ताल का आज शनिवार को 21 दिन हो होने वाले थे. अनशन की वजह से वांगचुक की हालत लगातार खराब होती जा रही थी, लेकिन उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को खत्म करने के बजाय लोगों से आगामी 20 जुलाई को संसद भवन तक मार्च में शामिल होने का आह्वान किया था. इस बीच आज 18 जुलाई दिन शनिवार को दिल्ली पुलिस वांगचुक को लेकर अस्पताल पहुंच गई.

सफेद चादरें और सादे कपड़ों वांगचुक को ले गई पुलिस

शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस सादे कपड़ों और सफेद चादरों को लेकर सीजेपी के प्रदर्शन वाले मंच पर पहुंची. इस दौरान वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों में हलचल मच गई. कुछ लोगों ने पुलिस का विरोध भी किया, लेकिन भारी सुरक्षा के बीच सोनम वांगचुक को पुलिस अपने साथ ले जाने में सफल रही.

न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों के मुताबिक, सीनियर अधिकारियों को पुलिस हेडक्वार्टर से रात करीब 1.30 बजे निर्देश मिले कि वांगचुक का मेडिकल एग्जामिनेशन हो और उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया जाए. इसके तुरंत बाद, नई दिल्ली जिले के सीनियर अधिकारी ऑपरेशन की योजना बनाने के लिए मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पर इकट्ठा हुए.

सोर्स ने बताया कि अधिकारियों ने ऑपरेशन के दौरान वीडियो के तेजी से सर्कुलेशन को रोकने के लिए प्रोटेस्ट साइट के आसपास नेटवर्क जैमर लगाने पर भी चर्चा की.

सुबह करीब 5 बजे, सीनियर अधिकारी फाइनल ब्रीफिंग के लिए जंतर-मंतर के पास इकट्ठा हुए. सोर्स ने बताया कि नई दिल्ली के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस ने ऑपरेशन शुरू होने से पहले डिप्लॉयमेंट के बारे में जानकारी दी. सादे कपड़ों में पुलिस वाले बड़ी सफेद चादरें लेकर उस स्टेज की ओर बढ़े जहां वांगचुक भूख हड़ताल पर थे.

सीनियर अधिकारियों से इशारा मिलने पर, उन्होंने एक्टिविस्ट को पास में खड़ी एम्बुलेंस में ले जाने से पहले स्टेज को चादरों से ढक दिया.

जानकारी के अनुसार, सफेद चादरों का इस्तेमाल कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सदस्यों और दूसरों को वांगचुक को हटाए जाने का वीडियो रिकॉर्ड करने और सर्कुलेट करने से रोकने के लिए किया गया था. सोर्स ने कहा, “अगर सोनम वांगचुक को हॉस्पिटल ले जाते हुए वीडियो तुरंत वायरल हो जाते, तो जंतर-मंतर पर बड़ी भीड़ जमा हो सकती थी.”

जल्द से जल्द प्रदर्शन को खत्म करने की अपील- दिल्ली पुलिस

18 जुलाई को सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस अस्पताल लेकर जा चुकी है. वहीं, इस दौरान जंतर मंतर पर भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है. बताया जा रहा है कि धरना स्थल से कई प्रदर्शनकारियों को भी हटाया गया है और अन्य को हटाने की कोशिश की जा रही है. जब पुलिस सोनम को जंतर मंतर से अपने साथ लेकर जा रही थी, तो वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों में तेज हलचल देखी गई.

वहीं, दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर कहा, “माननीय हाई कोर्ट के आदेशों और मेडिकल विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार, श्री सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें जरूरी मेडिकल देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. माननीय हाई कोर्ट के आदेशों का पालन करते समय प्रदर्शनकारियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे थोड़ी अफरा-तफरी मची; हालांकि, पुलिस ने संयम बरता और पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित रूप से पूरा किया.”

दिल्ली पुलिस ने आगे कहा, “हम जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों से अपील करते हैं कि वे जल्द से जल्द शांतिपूर्ण ढंग से उस जगह को खाली कर दें.” मिली जानकारी के अनुसार, वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

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20 जुलाई के लिए क्या थी प्लानिंग?

बीते 6 जून से सीजेपी जंतर-मंतर पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रही है. इस दौरान इन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इनकी मांगों को नहीं सुन रही है. इसको लेकर बीते दिनों सोनम वांगचुक के 20 जुलाई 2026 के दिन संसद मार्च का आह्वान किया था.

उन्होंने जंतर-मंतर से संसद भवन तक एक शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया था. इसका नेतृत्व सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और सोनम वांगचुक करने वाले थे. वांगचुक ने अधिक से अधिक संख्या में लोगों, युवाओं को इस मार्च में शामिल होने की अपील की थी. इसको देखते हुए जंतर-मंतर पर भीड़ बढ़ती जा रही थी.

20 जुलाई को संसद भवन का मानसून सत्र भी शुरू हो रहा था. इसको देखते हुए संसद तक के इस मार्च पर सभी की निगाहें थीं. हालांकि, अब सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस अस्पताल में भर्ती करा दी है. अब सवाल यह है कि क्या इससे प्रदर्शन खत्म हो जाएगा या और भी मजबूत होगा? इस सवाल का जवाब आने वाले समय में मिलने की उम्मीद है. हालांकि, दिल्ली पुलिस की तैयारी है कि जल्द से जल्द धरना वाली जगह को खाली करा दिया जाए.

सोनम वांगचुक से जंतर-मंतर पर मिले थे ये प्रमुख लोग

सोनम वांगचुक बीते 20 दिनों से अनशन पर थे. डॉक्टरों की रिपोर्ट बता रही थीं कि उनकी हालत बिगड़ती जा रही है. कई लोगों ने सोनम से अपने अनशन को खत्म करने की भी अपील की थी, लेकिन वे अपनी जीद पर अड़े थे और वे लोगों से आगामी 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल होने की बात कह रहे थे. वांगचुक की बिगड़ती हालत को देखते हुए कई प्रमुख लोग उनसे मिलने और उनके समर्थन में जंतर-मंतर भी पहुंचे.

इन प्रमुख नामों में ये लोग शामिल हैं- दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव, प्रिया सरोज व पुष्पेंद्र सरोज; भीम आर्मी के नेता और सांसद चंद्रशेखर आजाद, कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा, किसान नेता राकेश टिकैत, हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला, अभिनेत्री स्वरा भास्कर और स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा समेत अन्य लोग.

राष्ट्रविरोधी ताकतों के सपोर्ट का आरोप

सीजेपी के इस प्रदर्शन और सोनम वांगचुक के समर्थन को लेकर यह भी कहा गया कि इसमें राष्ट्रविरोधी ताकतों भी सपोर्ट कर रही थीं. इस आंदोलन पर ये आरोप भी लगे थे कि ये लोग अशांति फैलाने और राष्ट्रविरोधी तत्वों के इशारे पर काम कर रहे थे. कई लोगों ने इन्हें देश विरोधी भी कहा. कुछ ने यह भी दावा किया कि विदेशी एजेंसियां जैसे सीआईए समेत अन्य ने इसको सपोर्ट दे रखा था. हालांकि, इन आरोपों को सोनम वांगचुक और सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक सिरे से खारिज कर दिया था.

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अस्पताल में भर्ती कराने के बाद जंतर-मंतर पर क्या हुआ?

सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद जंतर-मंतर पर भारी भीड़ और हलचल देखी गई. इस दौरान सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके पर स्याही भी फेंकी गई. न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को जंतर-मंतर पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक महिला ने विरोध स्थल पर एक सभा को संबोधित कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके पर स्याही फेंक दिया.

इस घटना के कारण कार्यक्रम में थोड़ी देर के लिए बाधा उत्पन्न हुई क्योंकि समर्थक मंच की ओर दौड़ पड़े, जिससे अफरा-तफरी मच गई. हालांकि महिला की पहचान और इस काम के पीछे का मकसद तुरंत पता नहीं चल पाया.

केजरीवाल ने की धरना को जारी रखने की अपील

सोनम वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने के बाद दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने लोगों से सीजेपी के धरना-प्रदर्शन को जारी रखने और इसमें शामिल होने की अपील की है. वांगचुक को विरोध स्थल से हटाए जाने के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की कि वह जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करके आंदोलन जारी रखेंगे.

वहीं, दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में कहा कि वांगचुक और दीपके अपने लिए नहीं बल्कि देश भर के छात्रों के लिए भूख हड़ताल पर हैं. उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे चुप न रहें और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन में शामिल हों. उन्होंने कहा, “अगर वे आपके बच्चों के लिए जंतर-मंतर पर बैठे हैं, तो आप घर पर क्यों बैठे हैं? आप उनके साथ जंतर-मंतर पर क्यों नहीं बैठे हैं?”

अस्पताल में वांगचुक और इलाज

सोनम वांगचुक, जिन्हें शनिवार को 20 दिनों की भूख हड़ताल के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था, डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में हैं क्योंकि डॉक्टर उनके परिवार को बिना किसी देरी के इलाज शुरू करने की अनुमति देने के लिए परामर्श दे रहे हैं. अस्पताल में भर्ती होने के कुछ ही समय बाद, वांगचुक की पत्नी, गीतांजलि जे. आंगमो ने अस्पताल से अनुरोध किया कि उनकी सहमति के बिना कोई भी उपचार न किया जाए और उनके चिकित्सा देखभाल में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए उन्हें छुट्टी देने की मांग की.

न्यूज एजेंसी को एक सूत्र ने बताया, “लंबे समय तक उपवास रखने के बाद सोनम वांगचुक सफदरजंग अस्पताल में गहन चिकित्सा निगरानी में हैं. डॉक्टरों ने उनमें निर्जलीकरण, पोटेशियम की कमी और कीटोन के स्तर में वृद्धि पाई है, जो उपवास के दौरान बढ़ सकते हैं, लेकिन निर्जलीकरण के साथ-साथ इनका स्तर काफी बढ़ जाने पर गुर्दे की कार्यप्रणाली और अन्य चयापचय संबंधी जटिलताओं का खतरा पैदा कर सकता है.”सूत्र ने आगे बताया, “अस्पताल अधिकारी परिवार को लगातार समझा रहे हैं कि वे बिना किसी देरी के इलाज शुरू करने दें.”

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