India-China Relation : भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर काफी समय से तनाव बना हुआ है. अब इसको कम करने के लिए भारत और चीन लगातार काम कर रहे हैं और संकेत मिल रहे हैं कि सीमा पर शांति बहाल की जाएगी. साथ ही दोनों पक्षों ने पूर्वी लद्दाख में LAC को लेकर’रचनात्मक’ और ‘भविष्योन्मुखी’ बातचीत की. दोनों देशों ने इस बात पर भी जोर दिया कि सीमा पर शांति स्थापित करने से प्रगति के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ा जा सकता है. बता दें कि बीजिंग में WMCC की बैठक के बाद दोनों पक्षों ने सीमा पर मौजूदा स्थिति के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की.
बीते एक साल में उठाए कई ठोस कदम
वहीं, बातचीत के एक दिन बाद विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि ये चर्चाएं रचनात्मक और भविष्योन्मुखी थीं. भारत और चीन सीमा विवाद को कम करने के लिए बीते एक साल में कई ठोस कदम उठाए हैं. साल 2020 में गलवान घाटी में हुए जानलेवा झड़पों के बाद सीमा पर दोनों देशों के बीच में रिश्ता काफी तनावपूर्ण हो गया था. इस पर MEA ने कहा कि दोनों पक्षों ने भारत-चीन सीमा क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की है.
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जल्द होगी सीमा पर दोनों पक्षों के बीच बैठक
इसके अलावा दोनों पक्ष अगली बैठक की तैयारियां करने के लिए साथ काम करने पर सहमत हुए हैं. आगामी बैठक चीन में होने वाली है. पिछले साल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने बातचीत की थी और सीमा पर शांति बहाल करने के लिए कई नतीजे भी निकले थे. वहीं, WMCC की बैठक के बारे में विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने सीमांकन, सीमा प्रबंधन, तंत्र निर्माण और सीमा पार सहयोग से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की. इस दौरान यह भी कहा गया कि भारतीय पक्ष ने सीमा पार नदियों पर अगली विशेषज्ञ-स्तरीय व्यवस्था की जल्द बैठक पर जोर दिया.
डेपसांग और डेमचोक से भी हटेगी सेना
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजीत घोष और चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व महासागरीय मामलों के विभाग की महानिदेशक Hou Yanqi ने किया. साथ ही दोनों पक्षों ने पूर्वी लद्दाख में LAC के साथ कई टकराव वाले बिंदुओं से अपने सैनिकों को हटा लिया. अक्टूबर 2024 में दोनों पक्षों ने पूर्वी लद्दाख पर तनाव के आखिरी दो पॉइंट्स (डेपसांग और डेमचोक) पर सेना हटाने के एक समझौता किया. बता दें कि SCO शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और शी ने अलग से इस मुद्दे पर बातचीत की थी. इस बैठक में मोदी ने कहा था कि भारत आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर चीन के साथ अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है.
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News Source: PTI
