US India Trade: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. जी हां, दोनों देश इस डील को अब पूरा करने के लिए तेजी के साथ आगे बढ़ रहे हैं. इस बीच एक बड़ा अपडेट सामने आया है कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की बातचीत के लिए अमेरिकी टीम नई दिल्ली आ रही है. मिली जानकारी के अनुसार, अगले महीने जून में अमेरिकी टीम भारत आएगी. इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को पूरा करने के लिए अहम फैसले लिए जा सकते हैं. आइए जानते हैं क्या है पूरी खबर.
ट्रेड डील के साथ इन मुद्दों पर भी होगी बातचीत
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक सरकारी अधिकारी ने बुधवार को बताया कि अमेरिकी टीम भारत आ रही है. उन्होंने कहा कि ये टीम अंतरिम व्यापार समझौते के विवरण को अंतिम रूप देने और बाजार पहुंच, गैर-टैरिफ उपायों और सीमा शुल्क सुविधा जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए आ रही है. अधिकारी के अनुसार, अमेरिकी टीम इन सभी मुद्दों पर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए 1 से 4 जून तक भारत का दौरा करने वाली है.
बता दें कि भारत और अमेरिका ने बीते 7 फरवरी को एक संयुक्त बयान जारी किया था. इसमें दोनों देशों ने पारस्परिक और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार पर एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति व्यक्त की थी. इस रूपरेखा ने व्यापक भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) वार्ता के प्रति देशों की प्रतिबद्धता की पुष्टि की. इसके बाद, भारतीय पक्ष ने 20-23 अप्रैल, 2026 को अपने अमेरिकी समकक्षों के साथ आमने-सामने की बैठकों के लिए वाशिंगटन डीसी का दौरा किया.
अधिकारी ने आगे बताया, “चर्चाओं को आगे बढ़ाने के लिए, मुख्य वार्ताकार के नेतृत्व में अमेरिकी टीम 1 से 4 जून, 2026 तक भारत का दौरा करेगी. अंतरिम समझौते के विवरण को अंतिम रूप देने और व्यापक बीटीए के तहत बाजार पहुंच, गैर-टैरिफ उपाय, सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा, निवेश प्रोत्साहन, आर्थिक सुरक्षा संरेखण जैसे कई क्षेत्रों पर बातचीत को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव है.”
भारत पर अमेरिका का टैरिफ अटैक
बीते साल अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी तक का टैरिफ लगा दिया था. इसमें 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ भी शामिल था, जो भारत पर रूस से तेल की खरीदारी करने पर लगाया गया था. इस वजह से भारतीय सामानों को अमेरिका में भेजने पर काफी अधिक टैक्स देना पड़ता था. लेकिन 2 फरवरी 2026 को पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई ऐतिहासिक ट्रेड डील और बातचीत के बाद 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ को हटा दिया गया था और मूल टैरिफ को घटाकर मात्र 18 फीसदी कर दिया गया था.
उसके बाद 20 फरवरी 2026 को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ आदेश के खिलाफ एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया. इस फैसले में ट्रंप के टैरिफ वाले आदेश को असंवैधानिक करार दिया गया. इसके बाद अमेरिका के द्वारा दुनिया के तमाम देशों पर 10 से 15 फीसदी का नया और अस्थायी ग्लोबल टैरिफ लागू कर दिया है. भारत पर यह 10 फीसदी का है.
अमेरिका के साथ भारत का सबसे अधिक ट्रेड
भारत के साथ शीर्ष ट्रेड वाले देशों में सबसे अधिक व्यापार अमेरिका के साथ होता है. भारत और अमेरिका के व्यापार में पीछे भी कई चुनौतियां आती रही हैं, लेकिन इसके बावजूद भी दोनों देशों के बीच व्यापार बड़ा रहा है. वाणिज्य मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भारत का अन्य देशों के साथ ट्रेड, एक्सपोर्ट और इंपोर्ट के आंकड़े दिए गए हैं. इनमें से सबसे ताजा आंकड़ा फिलहाल वित्त वर्ष 2024-25 का है.
इसके अनुसार, भारत का सबसे अधिक ट्रेड अमेरिका के साथ होता है. भारत और अमेरिका के बीच कुल ट्रेड 9 लाख 91 हजार 85 करोड़ रुपये का है. इनमें भारत के द्वारा अमेरिका को करीब 6 लाख 41 हजार 766 करोड़ रुपये (641766.35 करोड़ रुपये)के सामान का निर्यात होता है. मतलब कि भारत इन सामानों को अमेरिका में भेजता है. वहीं, अमेरिका से भारत करीब 3 लाख 49 हजार 318.73 करोड़ रुपये के सामानों का आयात करता है.
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News Source: PTI
