Delhi SIR : दिल्ली में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान अगर किसी मतदाता का गणना प्रपत्र जमा नहीं हो पाया है या 2002 के पुराने रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी उपलब्ध नहीं है, तो उनके लिए राहत की खबर है. 24 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद ऐसे मतदाताओं को अपनी स्थिति स्पष्ट करने और मतदाता सूची में नाम शामिल कराने का अवसर मिलेगा.
EC करेगा नोटिस जारी
निर्वाचन प्रक्रिया के मुताबिक, जिन मतदाताओं ने गणना प्रपत्र जमा किया है लेकिन उसमें 2002 में हुए SIR से संबंधित विवरण उपलब्ध नहीं कराया है. उन्हें निर्वाचन आयोग की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा. नोटिस मिलने के बाद संबंधित मतदाता को अपनी स्थिति स्पष्ट करने और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने का मौका मिलेगा.
वहीं, ऐसे मतदाता जिनका घर या पता बदल गया है और इसी वजह से उन्हें गणना प्रपत्र नहीं मिल पाया या किसी अन्य कारण से वे फॉर्म जमा नहीं कर सके. उनके लिए Form-6 के जरिए नाम जुड़वाने का रास्ता खुला रहेगा. 24 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद पात्र मतदाता Form-6 के माध्यम से मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे.
कई मतदाताओं ने बताई परेशानी
SIR की प्रक्रिया के दौरान दिल्ली के कई मतदाताओं ने दावा किया है कि वे लंबे समय से दिल्ली में रह रहे हैं और पहले कई बार मतदान भी कर चुके हैं. लेकिन इस बार उनका पुराना रिकॉर्ड नहीं मिल पाया. कुछ लोगों का कहना है कि उन्होंने BLO से संपर्क किया और संबंधित कार्यालय में भी अपनी समस्या बताई, लेकिन इसके बावजूद उनका काम नहीं हो पाया.
एक मतदाता ने बताया कि वह कई वर्षों से उसी इलाके में रह रहा है और कई बार वोट भी कर चुका है, लेकिन SIR के दौरान उसका नाम या पुराना रिकॉर्ड नहीं मिला. मतदाता का कहना है कि वह BLO ऑफिस भी गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका. ऐसे लोगों में इस बात को लेकर चिंता है कि उनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल होगा या नहीं.
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24 अगस्त के बाद क्या करना होगा?
निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, 24 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद मतदाताओं को अपना नाम जरूर चेक करना चाहिए. जिनका नाम सूची में नहीं है, वे तय प्रक्रिया के तहत Form-6 भरकर नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं. वहीं, 2002 के रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी नहीं देने वाले मतदाताओं को नोटिस के जरिए अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर मिलेगा.
पूर्व चुनाव आयोग अधिकारियों का भी कहना है कि पुराने रिकॉर्ड का मिलान SIR की प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन रिकॉर्ड नहीं मिलने पर मतदाता के पास अपना दावा पेश करने का विकल्प मौजूद रहता है. ऐसे में मतदाताओं को अपने उपलब्ध दस्तावेज संभालकर रखने चाहिए और ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद समय रहते अपनी स्थिति की जांच करनी चाहिए.
मतदाता कर सकता है दावा दाखिल
इस पूरी प्रक्रिया में सबसे अहम बात यह है कि अगर किसी मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, तो उसे घबराने के बजाय निर्वाचन आयोग की ओर से तय प्रक्रिया के तहत अपना दावा दाखिल करना चाहिए. 24 अगस्त के बाद Form-6 के जरिए नाम जुड़वाने का मौका ऐसे मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण होगा, जो SIR के दौरान किसी कारण से प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए.
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