मंगलवार को हुआ स्टॉक मार्केट में मंगल, Nifty ने लगाई छलांग
April 21, 2026
06 March 2026
'उस को जुदा हुए भी ज़माना बहुत हुआ...' पढ़ें अहमद फ़राज़ के दिल जीत लेने वाले शेर.
इश्क़ फ़रिश्तों
तू ख़ुदा है न मिरा इश्क़ फ़रिश्तों जैसा,
दोनों इंसाँ हैं तो क्यूँ इतने हिजाबों में मिलें.
उम्र लगी
कितना आसां था तिरे हिज्र में मरना जानां,
फिर भी इक उम्र लगी जान से जाते जाते.
तुम्हारी अना
अगर तुम्हारी अना ही का है सवाल तो फिर,
चलो मैं हाथ बढ़ाता हूँ दोस्ती के लिए.
तुम्हारी अना
अगर तुम्हारी अना ही का है सवाल तो फिर,
चलो मैं हाथ बढ़ाता हूँ दोस्ती के लिए.
क़िस्सा पुराना
उस को जुदा हुए भी ज़माना बहुत हुआ,
अब क्या कहें ये क़िस्सा पुराना बहुत हुआ.
बे-वफ़ा
इस से पहले कि बे-वफ़ा हो जाएं,
क्यूँ न ऐ दोस्त हम जुदा हो जाएं.
बंदगी हम
बंदगी हम ने छोड़ दी है 'फ़राज़',
क्या करें लोग जब ख़ुदा हो जाएं
तू मोहब्बत
तू मोहब्बत से कोई चाल तो चल,
हार जाने का हौसला है मुझे.
शख़्स से वाबस्ता
दिल भी पागल है कि उस शख़्स से वाबस्ता है,
जो किसी और का होने दे न अपना रक्खे.
दिल-ए-ख़ुश-फ़हम
अब तक दिल-ए-ख़ुश-फ़हम को तुझ से हैं उमीदें,
ये आख़िरी शमएँ भी बुझाने के लिए आ.
April 21, 2026
April 21, 2026
April 21, 2026
April 20, 2026
April 18, 2026
April 18, 2026
April 18, 2026
April 17, 2026
April 17, 2026
April 17, 2026
April 16, 2026
April 16, 2026