View Story
दो मुंहे बालों से परेशान हैं, तो फॉलो करें ये 8 टिप्स
अक्टूबर 24, 2026
'रोज बस्ते हैं कई शहर नए...' पढ़ें कैफी आजमी के शानदार शेर.
कोई कहता था समुंदर हूं मैं,
और मिरी जेब में कतरा भी नहीं.
रोज बढ़ता हूं जहां से आगे,
फिर वहीं लौट के आ जाता हूं.
रोज बस्ते हैं कई शहर नए,
रोज धरती में समा जाते हैं.
की है कोई हसीन खता हर खता के साथ,
थोड़ा सा प्यार भी मुझे दे दो सजा के साथ.
इतना तो जिंदगी में किसी के खलल पड़े,
हंसने से हो सुकून न रोने से कल पड़े.
गुर्बत की ठंडी छांव में याद आई उस की धूप,
कद्र-ए-वतन हुई हमें तर्क-ए-वतन के बाद.
अक्टूबर 24, 2026
अक्टूबर 22, 2026
अक्टूबर 21, 2026
अक्टूबर 20, 2026
अक्टूबर 19, 2026
अक्टूबर 18, 2026
अक्टूबर 16, 2026
अक्टूबर 15, 2026
अक्टूबर 13, 2026
अक्टूबर 12, 2026
अक्टूबर 10, 2026
अक्टूबर 8, 2026