Home Latest News & Updates 6,000 से 20,000 मेगावाट का सफर: सौर ऊर्जा में UP की ऊंची उड़ान, 6 लाख से अधिक परिवार हुए आत्मनिर्भर

6,000 से 20,000 मेगावाट का सफर: सौर ऊर्जा में UP की ऊंची उड़ान, 6 लाख से अधिक परिवार हुए आत्मनिर्भर

by Sanjay Kumar Srivastava 27 June 2026, 5:45 PM IST (Updated 27 June 2026, 5:46 PM IST)
27 June 2026, 5:45 PM IST (Updated 27 June 2026, 5:46 PM IST)
6,000 से 20,000 मेगावाट का सफर: सौर ऊर्जा में उत्तर प्रदेश की ऊंची उड़ान, UP के 6 लाख से अधिक परिवार हुए ऊर्जा आत्मनिर्भर

Yogi in Noida: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि राज्य का लक्ष्य अगले दो से तीन वर्षों में अपनी नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 20,000 मेगावाट करना है. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के तहत सोलर पावर और अन्य ग्रीन एनर्जी पहलों के तेज़ी से हो रहे विस्तार पर भी ज़ोर दिया. नोएडा के जेवर में SAEL इंडस्ट्रीज़ के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की आधारशिला रखने के बाद कार्यक्रम में बोलते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अभी रिन्यूएबल स्रोतों से लगभग 6,000 मेगावाट बिजली पैदा कर रहा है.

बिजली बिल में 60 प्रतिशत की कमी

उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य अगले दो से तीन वर्षों में उत्तर प्रदेश में 20,000 मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य हासिल करना है. हम तेज़ी से उस लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर पैनल लगाकर राज्य के छह लाख से ज़्यादा परिवार ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर हो गए हैं. उन्होंने कहा कि इन परिवारों को दिन में पर्याप्त बिजली मिलती है, जबकि रात में उनकी बिजली की खपत भी काफी कम हो गई है. उनके बिजली बिल में 50 से 60 प्रतिशत की कमी आई है.

पीएम सूर्य घर योजना का कमाल

आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में जिन नागरिकों ने अपनी छतों पर सोलर पैनल लगवाए हैं, वे मिलकर 2,000 MW से ज़्यादा बिजली पैदा कर रहे हैं, जिससे थर्मल पावर से बिजली बनाने पर निर्भरता कम हो रही है. उन्होंने कहा कि नहीं तो, हमें इतनी बिजली थर्मल पावर स्टेशनों से देनी पड़ती. आज उत्तर प्रदेश में PM सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर पैनल से 2,000 MW से ज़्यादा बिजली पैदा हो रही है. हाल ही में पश्चिम एशिया में संघर्षों और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने की वजह से आए ग्लोबल एनर्जी संकट का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पेट्रोलियम सप्लाई में रुकावटों ने यह दिखा दिया है कि कैसे ऊर्जा की कमी आर्थिक विकास में बाधा डाल सकती है और महंगाई बढ़ा सकती है.

सबसे ज़्यादा कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट राज्य में

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने रिन्यूएबल और ग्रीन एनर्जी के लिए एक मज़बूत रणनीति अपनाई और दुनिया भर के देशों को पर्यावरण के लिहाज़ से टिकाऊ भविष्य की दिशा में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि देश में सबसे ज़्यादा कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट उत्तर प्रदेश में हैं और सरकार अगले साल तक ऐसे 100 और प्लांट लगाने की योजना बना रही है. उन्होंने कहा कि फसल के अवशेषों को जलाने के बजाय कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट में भेजा जा सकता है, जिससे CNG, कंप्रेस्ड बायोगैस और इथेनॉल बनाया जा सके और किसानों को कमाई का एक अतिरिक्त ज़रिया भी मिल सके.

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News Source: PTI

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