Home Latest News & Updates लाल किला बम ब्लास्ट मामला : तीन और आरोपियों के खिलाफ चार्जसीट दाखिल, 11 लोगों की हुई थी मौत

लाल किला बम ब्लास्ट मामला : तीन और आरोपियों के खिलाफ चार्जसीट दाखिल, 11 लोगों की हुई थी मौत

by Prashant Tripathi 27 June 2026, 5:35 PM IST (Updated 28 June 2026, 12:55 PM IST)
27 June 2026, 5:35 PM IST (Updated 28 June 2026, 12:55 PM IST)
Red Fort bomb blast case

Red Fort : NIA ने लाल किला इलाके में हुए ब्लास्ट केस में 3 और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की, जिसमें एक फरार मुख्य आरोपी भी शामिल है. नेशनल इन्वेस्टिगेशन ने नवंबर 2025 में देश की राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार बम धमाके के सिलसिले में तीन और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है, जिसमें एक आरोपी फरार चल रहा है. बता दें कि इस धमाके में 11 लोगों की मौत हो गई थी.

चार्जशीट में आरोपियों की संख्या हुई 13

लाल किला बम ब्लास्ट केस में अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में NIA ने जम्मू-कश्मीर के रहने वाले जमीर अहमद अहंगर, तुफैल अहमद भट और मुजफ़्फर अहमद, फराज और जफर को आरोपी बनाया है. अब इस केस में चार्जशीट किए गए लोगों की संख्या 13 हो गई है, जिसमें मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी (अब मर चुके हैं) भी शामिल हैं. फरार आरोपी मुजफ्फर अहमद, जो एक बाल रोग विशेषज्ञ (MBBS, MD) हैं. उनकी पहचान सह-आरोपी डॉ. अदील अहमद राथर के बड़े भाई और अल-कायदा की एक शाखा ‘Aguh Interim’ के संस्थापक सदस्य के रूप में हुई है.

गुप्त ईदगाह बैठक में लिया भाग

NIA की जांच में पता चला है कि मुजफ्फर, सह-आरोपी उमर, मुजम्मिल, अदील और मुफ्ती इरफान के साथ 10 नवंबर 2025 को हुए जानलेवा व्हीकल-बॉर्न इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (VBIED) ब्लास्ट की साजिश के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक था. NIA की जांच में आगे पता चला है कि AGuH Interim के संस्थापक सदस्यों में से एक मुजफ्फर ने जून 2022 में श्रीनगर में गुप्त ईदगाह बैठक में भाग लिया था, जिसके दौरान आतंकी मॉड्यूल AGuH Interim की स्थापना की गई थी. मुजफ़्फर, फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में उमर और मुज़म्मिल द्वारा चलाए जा रहे एक गुप्त IED फ़ैसिलिटी में TATP-बेस्ड IEDs को बनाने, टेस्ट करने और सुरक्षित रखने में गहराई से शामिल था.

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गिरफ्तार करने की कोशिश जारी

मुजफ़्फर के खिलाफ एक नॉन-बेलेबल वारंट (NBW) भी जारी किया गया है और उसे ट्रैक करके गिरफ़्तार करने की कोशिशें जारी हैं. NIA की जांच के मुताबिक, AGuH इंटरिम का एक ओवरग्राउंड वर्कर (OGW) जमीर, हैंडलर्स के साथ एक्टिव रूप से संपर्क में था. साथ ही वह टेरर मॉड्यूल के लिए हथियार, गोला-बारूद और कैश के लिए कूरियर का काम करता था. तुफैल, प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) टेरर ऑर्गनाइज़ेशन का एक पूर्व OGW, मॉड्यूल के हथियार सप्लायर के तौर पर काम करता था. उसने एक हैंडलर द्वारा कराए गए डेड ड्रॉप्स के जरिए एक AK-47, एक क्रिंकोव राइफल, एक पिस्टल, मैगज़ीन और ज़िंदा गोला-बारूद खरीदा था और उन्हें मृतक मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी को 3 लाख रुपये में डिलीवर कर था.

चार्जशीट में कई धाराओं में दर्जा हुआ मामला

नई दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में NIA स्पेशल कोर्ट में फाइल की गई चार्जशीट में, गिरफ्तार आरोपी जमीर और तुफैल पर UA(P) एक्ट के सेक्शन 13, 18, 20, 23, 38 और 39, और BNS के सेक्शन 61(2), 147, 148 और 152 के तहत आरोप लगाए गए हैं. मुज़फ़्फ़र पर इसके अलावा BNS के सेक्शन 103(1), 109(1), 118(1) और 118(2) के साथ सेक्शन 61(2), एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट के सेक्शन 3, 4 और 5, और PDPP एक्ट के सेक्शन 3 और 4 के तहत भी आरोप लगाए गए हैं.

NIA, जिसने मल्टी-डिसिप्लिनरी साइंटिफिक जांच के ज़रिए अलग-अलग आरोपियों के बीच संबंध बनाए, जिसमें डिटेल्ड फोरेंसिक टेस्टिंग, साजिश वाली जगहों की जियो-लोकेशन मैपिंग और फाइनेंशियल-ट्रेल का बारीक एनालिसिस शामिल है. इस मामले में अपनी जांच जारी रखे हुए है.

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