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PM मोदी का संदेश: पोंगल सिखाता है प्रकृति के साथ सामंजस्य और धरती के प्रति कृतज्ञता

by Sanjay Kumar Srivastava
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PM MODI ON PONGAL

Pongal Festival: मोदी ने कहा कि यह पर्व किसानों के कठिन परिश्रम का सम्मान करने और धरती व सूर्य के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का उत्सव है. इस अवसर पर उन्होंने पोंगल को एक वैश्विक त्योहार बताया.

Pongal Festival: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोंगल को एक वैश्विक त्योहार बताया, जो प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाए रखने का संदेश देता है. मोदी ने कहा कि यह पर्व किसानों के कठिन परिश्रम का सम्मान करने और धरती व सूर्य के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का उत्सव है. उन्होंने जोर दिया कि कृतज्ञता केवल शब्दों तक सीमित न रहकर हमारे जीवन का हिस्सा होनी चाहिए. मोदी ने प्रकृति की रक्षा को नागरिक कर्तव्य बताते हुए दुनिया भर के तमिल समुदाय को इस पावन अवसर पर बधाई दी. प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया भर में तमिल समुदाय और तमिल संस्कृति को संजोने वाले लोग बड़े उत्साह से पोंगल मनाते हैं. उन्हें उनके बीच शामिल होने पर गर्व है. मोदी ने कहा कि तमिल संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन जीवित सभ्यताओं में से एक है और इसमें सदियों का ज्ञान और परंपरा समाहित है. मोदी बुधवार को केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के आवास पर आयोजित पोंगल समारोह में शामिल हुए.

प्रकृति और किसान का सम्मान है पोंगल

कहा कि तमिल संस्कृति इतिहास से सीख लेकर भविष्य की राह दिखाती है. इस विरासत से प्रेरित होकर आज का भारत अपनी सांस्कृतिक जड़ों से शक्ति प्राप्त करते हुए आगे बढ़ रहा है. पोंगल के इस शुभ अवसर पर हम उस विश्वास और एकता की भावना को महसूस करते हैं जो भारत को आगे बढ़ा रही है. मोदी ने यह भी कहा कि पोंगल का त्योहार प्रकृति, परिवार और समाज के बीच सामंजस्यपूर्ण संतुलन बनाए रखने के महत्व पर बल देता है. कहा कि मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखना, जल संरक्षण करना और भावी पीढ़ियों के लिए संसाधनों का बुद्धिमानी से उपयोग करना आवश्यक है. मिशन लाइफ, एक पेड़ मां के नाम और अमृत सरोवर जैसी पहलें इसी भावना को दर्शाती हैं और हमें इन मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करती हैं. प्रधानमंत्री ने तमिल और अंग्रेजी में लिखे एक पत्र में कहा कि पोंगल उन सभी लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी त्योहार है जो अपने परिश्रम से हमारे जीवन को समृद्ध बनाते हैं. कहा कि यह विशेष त्योहार हमें मानवीय श्रम और प्रकृति की लय के बीच घनिष्ठ संबंध की याद दिलाता है.

प्रबल होती है एकजुटता की भावना

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह त्योहार कृषि, मेहनती किसानों, ग्रामीण जीवन और काम की गरिमा से गहराई से जुड़ा हुआ है. परिवार पारंपरिक व्यंजन बनाने और खुशी एवं सद्भाव साझा करने के लिए एक साथ आते हैं, जिससे पीढ़ियों के बीच संबंध मजबूत होते हैं और एकजुटता की भावना प्रबल होती है. उन्होंने कहा कि भारत में हमें इस बात पर गर्व है कि हम विश्व की सबसे पुरानी भाषा, तमिल के घर हैं. पोंगल को एक वैश्विक त्योहार के रूप में उभरते हुए देखना खुशी की बात है. इसे तमिलनाडु में, भारत के विभिन्न हिस्सों में और विश्व भर में तमिल समुदाय द्वारा उत्साहपूर्वक मनाया जाता है. उन्होंने कहा कि यह त्योहार सभी के जीवन में समृद्धि, सफलता और अच्छे स्वास्थ्य की प्रचुरता लाए. समारोह में केंद्रीय मंत्री, अधिकारी और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उपस्थित थे.

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