Gaza Board of Peace: डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में शांति और स्थिरता लाने के लिए बोर्ड ऑफ पीस बनाने का ऐलान किया है. इसके लिए पीएम मोदी को भी न्योता दिया गया है.
19 January, 2026
Gaza Board of Peace: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब गाजा के लिए बोर्ड ऑफ पीस बना जा रहे है, जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को भी न्योता दिया है. ट्रंप के शांति बोर्ड को गाजा और उसके बाहर शांति और स्थिरता लाने के लिए एक नई इंटरनेशनल बॉडी के तौर पर देखा जा रहा है. ट्रंप ने गाजा स्ट्रिप में इजराइल और हमास के बीच सीजफायर एग्रीमेंट के दूसरे फेज के हिस्से के तौर पर बोर्ड को अनवील किया. पिछले साल अक्टूबर में, इजराइल और हमास ट्रंप के शांति प्लान पर सहमत हुए थे.
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने इस निमंत्रण को एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बोर्ड ऑफ़ पीस में हिस्सा लेने के लिए @POTUS की तरफ़ से न्योता देते हुए मुझे गर्व महसूस हो रहा है, जिससे गाज़ा में हमेशा के लिए शांति आएगी. बोर्ड स्थिरता और खुशहाली लाने के लिए असरदार शासन को सपोर्ट करेगा!”

क्या है बोर्ड ऑफ पीस
दरअसल, नई बॉडी को गाजा के रीडेवलपमेंट के लिए गवर्नेंस की देखरेख और फंडिंग को कोऑर्डिनेट करने का काम सौंपा जाना है, क्योंकि यह स्ट्रिप दो साल के इज़राइली मिलिट्री हमले के दौरान तबाह हो गई थी. व्हाइट हाउस पहले ही घोषणा कर चुका है कि बोर्ड ऑफ पीस, ट्रंप के 20-पॉइंट प्लान को पूरा करने में एक जरूरी भूमिका निभाएगा. इस प्लान का मकसद “गाज़ा के टकराव से शांति और विकास की ओर बढ़ने” के लिए स्ट्रेटेजिक निगरानी करना, इंटरनेशनल रिसोर्स जुटाना और जवाबदेही सुनिश्चित करना है.
20-पॉइंट प्लान रेडी
अमेरिकी बॉर्ड ऑफ पीस के लिए 20-पॉइंट प्लान बनाया है, जिसमें गाजा को एक डी-रेडिकलाइज़्ड, आतंक-मुक्त ज़ोन बनाना, लोगों के फायदे के लिए इसका रीडेवलपमेंट करना शामिल है. बोर्ड को गाजा में शांति और विकास पक्का करने के लिए काम करना है. बोर्ड के चार्टर में कहा गया है कि यह “एक इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन है जो स्थिरता को बढ़ावा देना, भरोसेमंद और कानूनी शासन बहाल करना, और संघर्ष से प्रभावित या खतरे वाले इलाकों में हमेशा के लिए शांति पक्का करना चाहता है.”
ये वैश्विक नेता होंगे बोर्ड के मेंबर
व्हाइट हाउस ने पिछले हफ़्ते बोर्ड ऑफ पीस के विजन को लागू करने के लिए एक फाउंडिंग एग्जीक्यूटिव बोर्ड बनाने की घोषणा की. एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्यों में US सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो, पूर्व ब्रिटिश प्राइम मिनिस्टर टोनी ब्लेयर, मिडिल-ईस्ट में US के स्पेशल दूत स्टीव विटकॉफ, बिजनेसमैन और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट अजय बंगा शामिल हैं. कमेटी के अन्य दो सदस्य न्यूयॉर्क में हेडक्वार्टर वाली प्राइवेट इक्विटी फर्म अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट के CEO मार्क रोवन और US के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर रॉबर्ट गेब्रियल हैं.
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